एनालॉग पनीर बेचने और बनाने पर एक्शन: महासमुंद में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की छापामार कार्रवाई
असली पनीर शुद्ध दूध से बनाया जाता है. एनालॉग पनीर दूध की जगह पाम ऑयल जैसे वनस्पति तेल, स्टार्च और केमिकल्स मिलाकर तैयार होता है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 21, 2026 at 7:24 AM IST
महासमुंद: एनालॉग पनीर बेचने और बनाने पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है. सरकार ने सख्त निर्देश दिया है कि जो भी जनता की सेहत से खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा, उसपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस कड़ी में गुरुवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने छापेमार कार्रवाई करते हुए सैकड़ों किलो एनालॉग पनीर को नष्ट किया. विभाग की ओर से लगातार टीम बनाकर होटल और रेस्टोरेंट की जांच की जा रही है. दुकानदारों को सचेत किया जा रहा है कि अगर उन्होने एनालॉग पनीर बनाया या बेचा तो उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने छापे के दौरान कई जगहों से पनीर के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं.
एनालॉग पनीर बनाने और बेचने वालों पर एक्शन
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बीते दिनों शहर के फेमस वैद्य फूड्स से पनीर का नूमना लेकर जांच के लिए भेजा था. जांच के दौरान पाया गया कि पनीर सेहत के लिए हानिकारक है जिसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए जब्त किए गए पनीर को सुरक्षित तरीके से नष्ट कराया. इसके साथ ही लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संबंधित फैक्ट्री को सील करने की कार्रवाई भी की गई.
खाद्य विभाग की कार्रवाई जारी
खाद्य विभाग द्वारा इस माह जिले के विभिन्न प्रतिष्ठानों से पनीर, पेड़ा सहित दुग्ध उत्पादों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है. अब तक सामने आए रिपोर्ट में कश्यप ऑर्गेनिक, बसना से लिए गए पनीर एवं दही के नमूने अमानक पाए गए हैं. वहीं क्षीरसागरम स्वीट्स, सरायपाली से लिए गए पनीर एवं पेड़ा, यश फैमिली रेस्टोरेंट, बागबाहरा से लिए गए पनीर तथा हर्षद मिष्ठान से लिए गए पेड़ा के नमूनों की जांच रिपोर्ट आनी अभी बाकी है.

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की चेतावनी
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिन प्रतिष्ठानों के खाद्य नमूने जांच में असुरक्षित अथवा अमानक पाए गए हैं, उनके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. लंबित नमूनों की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जिले में दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. विशेष रूप से पनीर में मिलावट और एनालॉग पनीर के निर्माण और बिक्री को लेकर विभाग द्वारा सतर्कता बढ़ाई गई है. अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं है.

खाद्य पदार्थों को खरीदते समय रखें सावधानी
खाद्य विभाग ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे पनीर एवं अन्य दुग्ध उत्पाद विश्वसनीय प्रतिष्ठानों से ही खरीदें, साथ ही खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार की शंका होने पर संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दें.

