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बलौदाबाजार में ACB का ट्रैप, दिव्यांग शिक्षक से घूस मांगने वाला प्राचार्य गिरफ्तार, वेतन जारी करने के नाम पर हर महीने वसूली

भाटापारा रेलवे स्टेशन के पास 15 हजार लेते आरोपी प्राचार्य पकड़ा गया. रिश्वत की रकम नहीं बढ़ाने पर 6 माह का वेतन रोक दिया था.

Balodabazar bribery case
बलौदाबाजार में ACB का ट्रैप, दिव्यांग शिक्षक से घूस मांगने वाला प्राचार्य गिरफ्तार (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 25, 2026 at 8:40 PM IST

3 Min Read
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बलौदाबाजार: जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सरकारी स्कूल के प्राचार्य को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया. यह मामला एक दिव्यांग शिक्षक के वेतन से जुड़ा है. वेतन जारी करने के नाम पर आरोपी हर महीने वसूली करता था.

क्या है पूरा मामला?

शिकायत के अनुसार, भाटापारा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोपका में पदस्थ एक व्याख्याता वर्ष 2017-18 में सड़क दुर्घटना के बाद दिव्यांग हो गए थे. इसके बावजूद वे नियमित रूप से स्कूल जाते रहे. आरोप है कि स्कूल के प्राचार्य वेतन निकालने के लिए हर महीने 10 हजार रुपये रिश्वत मांगते थे. मजबूरी में कई महीनों तक पैसे दिए गए. बाद में रिश्वत की रकम बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दी गई. जब अतिरिक्त रकम देने से इनकार किया गया, तो छह महीने तक वेतन रोक दिया गया.

भाटापारा रेलवे स्टेशन के पास 15 हजार लेते आरोपी प्राचार्य पकड़ा गया (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

शिकायत कैसे पहुंची ACB तक?

व्याख्याता के बेटे ने ACB (Anti Corruption Bureau) रायपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई. ACB ने पहले प्रारंभिक जांच की. शिकायत सही पाए जाने के बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई.

रेलवे स्टेशन के पास बिछाया जाल

25 फरवरी को तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोपी से संपर्क किया. जैसे ही प्राचार्य ने 15 हजार रुपये लिए, ACB की टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया. यह कार्रवाई भाटापारा रेलवे स्टेशन के पास की गई. आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया गया है. आगे की जांच जारी है.

Balodabazar bribery case
वेतन जारी करने के नाम पर हर महीने वसूली (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

गिरफ्तारी की खबर फैलते ही शिक्षा विभाग में हलचल मच गई. लोग सवाल उठा रहे हैं कि पहले की शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई. हालांकि ACB यह भी जांच कर रही है कि क्या पहले भी इसी तरह की वसूली की गई थी.

दिव्यांग शिक्षक से वसूली, मामला क्यों गंभीर?

यह मामला इसलिए ज्यादा गंभीर माना जा रहा है क्योंकि आरोप एक दिव्यांग शिक्षक से वसूली का है. दुर्घटना के बाद भी शिक्षक नियमित ड्यूटी कर रहे थे. ऐसे में वेतन के बदले रिश्वत मांगना न केवल गैरकानूनी बल्कि अमानवीय भी माना जा रहा है.

जिले में लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है. ACB ने साफ संकेत दिया है कि रिश्वतखोरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

उठ रहे हैं ये सवाल

  • क्या विभागीय शिकायतों पर समय पर कार्रवाई हो रही है?
  • क्या अन्य कर्मचारियों से भी वसूली की गई?
  • बैंक लेनदेन की जांच कितनी गहराई से होगी?
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