हेलमेट सिर्फ नियम नहीं, जिंदगी की ढाल है, बलौदाबाजार में सड़क सुरक्षा माह के तहत जागरूकता रैली, मंत्रियों ने दिखाई हरी झंडी
बलौदाबाजार में निकली हेलमेट जागरूकता रैली. पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि नियमों का पालन करें और दूसरों को भी जागरूक करें.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 7, 2026 at 6:38 PM IST
बलौदाबाजार: सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही किसी परिवार की पूरी जिंदगी बदल सकती है. इसी बात को समझाने के लिए राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के तहत बुधवार को बलौदाबाजार में हेलमेट जागरूकता रैली का आयोजन किया गया. इस रैली का उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के महत्व के प्रति जागरूक करना था.
पुलिस और यातायात विभाग की संयुक्त पहल: इस कार्यक्रम का आयोजन जिला बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस और यातायात विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया. रैली में पुलिस अधिकारी, यातायात जवान, सामाजिक संगठन और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए. हाथों में हेलमेट और जुबान पर सड़क सुरक्षा के नारे लेकर रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी.
कैबिनेट मंत्रियों ने दिखाई हरी झंडी: हेलमेट जागरूकता रैली को कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.

दोपहिया चालकों को बांटे गए हेलमेट: कार्यक्रम के दौरान केवल जागरूकता नहीं, बल्कि व्यावहारिक कदम भी उठाए गए. कई दोपहिया वाहन चालकों को निशुल्क हेलमेट वितरित किए गए. कई चालकों ने स्वीकार किया कि वे पहले हेलमेट को जरूरी नहीं समझते थे, लेकिन अब वे नियमित रूप से हेलमेट पहनेंगे.
“ज्यादातर मौतें सिर में चोट से होती”: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा, सड़क दुर्घटनाओं में ज्यादातर मौतें सिर में गंभीर चोट लगने से होती हैं. हेलमेट पहनने से जान बचाई जा सकती है.
हेलमेट कानून की मजबूरी नहीं, जीवन की सुरक्षा है. हेलमेट को डर या चालान से बचने का जरिया नहीं, बल्कि अपनी आदत बनाएं.- कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

सुरक्षित परिवहन की दिलाई गई शपथ: कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई. शपथ के दौरान यह संदेश दिया गया कि हेलमेट पहनना खुद और परिवार दोनों की सुरक्षा है. यातायात नियमों का पालन जरूरी है. सड़क पर अनुशासन ही सबसे बड़ी सुरक्षा है.
शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी रैली: हेलमेट जागरूकता रैली बलौदाबाजार के प्रमुख चौक-चौराहों और सड़कों से होकर गुजरी. यातायात पुलिस ने लोगों से सीधे संवाद किया और हेलमेट पहनने की अपील की. रैली को देखकर कई लोगों ने मौके पर ही हेलमेट पहनने का संकल्प लिया.

यातायात पुलिस का साफ संदेश: यातायात पुलिस ने कहा कि नियमों का पालन चालान से बचने के लिए नहीं बल्कि जीवन बचाने के लिए जरूरी है. पुलिस और जनता के सहयोग से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है.
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026: स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, चेकिंग अभियान, जनसंपर्क गतिविधियां आगे भी जारी रहेंगी.
दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में सिर की चोट से मौत का खतरा सबसे ज्यादा होता है. हेलमेट पहनने से गंभीर चोट की संभावना 60 से 70 प्रतिशत तक कम हो जाती है. इसके बावजूद लोग हेलमेट को नजरअंदाज करते हैं, इसलिए ऐसे अभियान जरूरी हैं.

