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बलौदाबाजार में फर्जी ट्रांसफर ऑर्डर केस में भाजपा नेताओं पर FIR, 4 गिरफ्तार, पार्टी ने दो पदाधिकारियों को हटाया

सरकारी अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर से ट्रांसफर आदेश तैयार करने का आरोप, पलारी पुलिस ने शुरू की जांच

PALARI FAKE TRANSFER ORDER CASE
बलौदाबाजार में बीजेपी नेताओं पर केस (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : August 22, 2026 at 7:51 PM IST

5 Min Read
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बलौदाबाजार: बलौदाबाजार जिले के पलारी में कथित फर्जी ट्रांसफर आदेश का मामला सामने आया है. आरोप है कि सरकारी अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर एक कर्मचारी का ट्रांसफर आदेश तैयार किया गया और उसे असली सरकारी आदेश बताकर कार्यालय में जमा किया गया. मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की है.

पुलिस के अनुसार मामला एक कथित फर्जी सरकारी आदेश से जुड़ा है, जिसमें ग्रामीण चिकित्सा सहायक करण कुमार देवांगन का स्थानांतरण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहांसी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोपर, विकासखंड भाटापारा किए जाने का उल्लेख था.

Balodabazar fake transfer case
सरकारी अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर से ट्रांसफर आदेश तैयार करने का आरोप (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
Balodabazar fake transfer case
पार्टी ने दो पदाधिकारियों को जिम्मेदारियों से किया मुक्त (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

ऐसे खुला फर्जी ट्रांसफर का खेल

पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला तब सामने आया जब पलारी के खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) ने 17 अगस्त 2026 को थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में बताया गया कि रोहांसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात ग्रामीण चिकित्सा सहायक करण कुमार देवांगन ने कार्यालय में अपना ट्रांसफर और रिलीविंग ऑर्डर (कार्यमुक्ति आदेश) जमा किया था. इस दस्तावेज पर बलौदाबाजार-भाटापारा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय का फर्जी आदेश क्रमांक और 14 अगस्त 2026 की तारीख दर्ज थी, जिसके तहत करण का तबादला मोपर स्वास्थ्य केंद्र करने की बात कही गई थी.

Balodabazar fake transfer case
फर्जी ट्रांसफर ऑर्डर केस में भाजपा नेताओं पर FIR, 4 गिरफ्तार (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

विभाग ने कहा- ऐसा कोई आदेश जारी ही नहीं हुआ

जांच में सामने आया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से करण कुमार देवांगन के स्थानांतरण को लेकर ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया था. इतना ही नहीं, कथित आदेश पर किए गए हस्ताक्षर को लेकर भी संबंधित अधिकारी ने उसे अपना हस्ताक्षर मानने से इनकार कर दिया. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू की.

Balodabazar fake transfer case
फर्जी ट्रांसफर ऑर्डर केस में भाजपा नेताओं पर FIR, 4 गिरफ्तार (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने 17 अगस्त को खंड चिकित्सा अधिकारी पलारी को पत्र जारी कर मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. विभाग की ओर से यह भी बताया गया कि करण कुमार देवांगन राज्य संवर्ग के कर्मचारी हैं और उनके स्थानांतरण का अधिकार राज्य शासन के पास है. साथ ही उस समय स्थानांतरण पर प्रतिबंध होने की जानकारी भी विभाग की ओर से दी गई.

Balodabazar fake transfer case
फर्जी ट्रांसफर ऑर्डर केस में भाजपा नेताओं पर FIR, 4 गिरफ्तार (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

जांच में फंसे कई नाम, दर्ज हुआ केस

बीएमओ डॉ. पंकज वर्मा की शिकायत के बाद पलारी पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और उनके बयान दर्ज किए. पुलिस की शुरुआती जांच में यह साफ हो गया कि सरकारी अधिकारी के फर्जी दस्तखत (हस्ताक्षर) का इस्तेमाल कर यह नकली ट्रांसफर ऑर्डर तैयार किया गया था. यही नहीं, आरोपी ने इस कूट रचित (फर्जी) दस्तावेज को असली सरकारी आदेश बताकर दफ्तर में जमा भी कर दिया था.

Balodabazar fake transfer case
फर्जी ट्रांसफर ऑर्डर केस में भाजपा नेताओं पर FIR, 4 गिरफ्तार (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

इस बड़े खुलासे के बाद पुलिस ने आरोपी करण कुमार देवांगन और उसके मददगारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है, जिससे इस खेल में शामिल कई अन्य नाम भी अब पुलिस के रडार पर आ गए हैं. पलारी पुलिस ने मामले में धारा 318(4), 336(3), 337, 338, 340(2) और 3(5) BNSनके तहत अपराध दर्ज किया है.

भाजपा के दो पदाधिकारियों के नाम भी FIR में

मामले में भाजपा के जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी और जिला उपाध्यक्ष पुनिराम पटेल के अलावा रवि कुमार सेन और करण कुमार देवांगन के नाम सामने आए हैं. पुलिस के अनुसार चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. हालांकि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किसकी क्या भूमिका थी और कथित आदेश किस स्तर पर तैयार किया गया, इसकी विस्तृत जांच अभी जारी है. पुलिस अब दस्तावेज तैयार करने, उसमें इस्तेमाल हस्ताक्षर, आदेश को कार्यालय में प्रस्तुत करने और इस पूरी प्रक्रिया में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.

सोशल मीडिया पर बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें चर्चा में

मामले में भाजपा जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी का नाम सामने आने के बाद उनकी सोशल मीडिया प्रोफाइल भी चर्चा में है. उनके फेसबुक प्रोफाइल पर भाजपा के कई बड़े नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें दिखाई देती हैं. इन तस्वीरों में सांसदों, पूर्व मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ कृष्णा अवस्थी नजर आते हैं. वे इन तस्वीरों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा भी करते रहे हैं.

BJP पार्टी ने भी लिया संगठनात्मक एक्शन

FIR और गिरफ्तारी की कार्रवाई के बाद भाजपा संगठन ने भी मामले को गंभीरता से लिया है. पार्टी ने जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी और जिला उपाध्यक्ष पुनिराम पटेल को उनके संगठनात्मक दायित्वों से मुक्त कर दिया है. पार्टी की यह कार्रवाई पुलिस जांच से अलग संगठनात्मक स्तर पर की गई कार्रवाई मानी जा रही है.

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