फर्जी ट्रांसफर लेटर मामला: भाजपा नेता के बेटे समेत 2 और गिरफ्तार, अब तक 6 आरोपी बलौदाबाजार पुलिस के शिकंजे में
स्वास्थ्य विभाग में कूटरचना कर तैयार किया था फर्जी स्थानांतरण आदेश, आगे और भी खुलासे हो सकते हैं

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 23, 2026 at 8:56 PM IST
बलौदाबाजार: स्वास्थ्य विभाग में फर्जी स्थानांतरण आदेश तैयार करने और शासकीय दस्तावेजों में कूटरचना के मामले में बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पलारी पुलिस ने मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में परख कश्यप और प्रणव अवस्थी शामिल हैं. प्रणव अवस्थी को भाजपा नेता कृष्णा अवस्थी का बेटा बताया गया है. दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में अब तक कुल 6 आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है. पुलिस के अनुसार मामले में ग्रामीण चिकित्सा सहायक समेत पहले चार आरोपियों को 22 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था. अब विवेचना के दौरान सामने आए दो अन्य आरोपियों को 23 अगस्त को गिरफ्तार किया गया है.
फर्जी ट्रांसफर आदेश से शुरू हुई जांच
मामला स्वास्थ्य विभाग से जुड़े फर्जी स्थानांतरण आदेश और शासकीय दस्तावेजों में कूटरचना का है. पुलिस के मुताबिक आरोपियों द्वारा फर्जी स्थानांतरण आदेश तैयार करने और शासकीय दस्तावेजों में हेरफेर किए जाने की शिकायत के बाद मामले की विवेचना शुरू हुई. जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता के संबंध में जानकारी मिली.
पहले चार आरोपी गिरफ्तार, अब दो और पकड़े गए
पुलिस ने 22 अगस्त 2026 को मामले में ग्रामीण चिकित्सा सहायक सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इसके बाद पुलिस ने दस्तावेजी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई. विवेचना के दौरान दो अन्य संदिग्धों की भूमिका सामने आने पर पुलिस ने 23 अगस्त को परख कश्यप और प्रणव अवस्थी को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस अब सभी आरोपियों से पूछताछ और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी स्थानांतरण आदेश तैयार करने के पीछे पूरी साजिश क्या थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही.कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
परख कश्यप पिता महेंद्र कुमार कश्यप, उम्र 36 वर्ष, निवासी सिविल लाइन बलौदाबाजार, थाना सिटी कोतवाली.
प्रणव अवस्थी पिता कृष्णा अवस्थी, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम रिसदा, गांधी चौक, थाना सिटी कोतवाली.
अब तक 6 आरोपी गिरफ्तार
पलारी पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले में अब तक कुल छह गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. पुलिस का कहना है कि विवेचना अभी जारी है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है. पुलिस शासकीय दस्तावेजों में हुई कथित कूटरचना, फर्जी आदेश तैयार करने, उसके इस्तेमाल और इसमें शामिल लोगों के बीच संभावित भूमिका और संपर्क की भी जांच कर रही है.
आगे और खुल सकते हैं राज
फर्जी ट्रांसफर लेटर मामले में अब छह लोगों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज किसने तैयार किए, उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया और इस पूरी प्रक्रिया में किस-किस व्यक्ति की भूमिका रही. फिलहाल दोनों नए आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामला अभी विवेचना में है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे फर्जीवाड़े की तस्वीर साफ हो सकेगी.

