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बलौदाबाजार में ठंड की विदाई, फरवरी में ही बढ़ेगी गर्मी

बलौदाबाजार में सर्दी का मौसम अब लगभग पीछे छूट रहा है. फरवरी की शुरुआत से ही मौसम में बदलाव नजर आया.

WEATHER TODAY
मौसम अपडेट (ETV Bharat Chhattisgarh)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 15, 2026 at 2:07 PM IST

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बलौदाबाजार: दो पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जिले के तापमान में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है. पिछले कुछ दिनों से दिन में तेज धूप और बढ़ती गर्मी ने संकेत दे दिए हैं कि ठंड विदा होने लगी है और गर्मियों का आगमन पहले से ही शुरू हो चुका है. मौसम विभाग के नवीनतम पूर्वानुमान के मुताबिक अगले सप्ताह तक न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जिससे रात में महसूस होने वाली ठंड और कमजोर पड़ेगी.

बलौदाबाजार का तापमान

शनिवार को मौसम विभाग की तरफ से दर्ज आंकड़ों के अनुसार न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि अधिकतम तापमान 30 डिग्री तक दर्ज किया गया. दिन में तेज धूप ने लोगों को गर्मी जैसा अहसास दिया, जिससे सर्दी की सबसे कमजोर मानी जाने वाली रात और सुबह के समय की ठंड भी धीरे-धीरे कम होती नजर आई.

दो पश्चिमी विक्षोभ का असर

इस बदलाव को मौसम विशेषज्ञ दो पश्चिमी विक्षोभ की वजह से जोड़ रहे हैं. इन विक्षोभों का असर उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित करता है और इसके बाद मौसम शुष्क हो जाता है. शुष्क मौसम में धूप ज्यादा और रात में बादलों की कमी होती है, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है. अब जब शीतलहर का प्रभाव लगभग खत्म हो चुका है, मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 फरवरी के बाद तापमान में बढ़ोतरी का क्रम और तेज होगा. इससे पहले कि फरवरी का महीना समाप्त हो, गर्मी के स्पष्ट संकेत मिलने की संभावना जताई जा रही है.

अगले सप्ताह तापमान में उछाल का पूर्वानुमान

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले सप्ताह के भीतर न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री तक पहुंच सकता है. यह वृद्धि खासतौर पर रात के समय की ठंड को और कमजोर करेगी. इस बदलाव का मतलब यह है कि रात में लोगों को कम गर्म कपड़ों की आवश्यकता होगी, और दिन के समय धूप और हवा का असर ज्यादा महसूस होगा. ऐसे तापमान का स्तर इस समय के लिए अपेक्षित नहीं माना जाता था, लेकिन मौसम विभाग के जारी आंकड़े बताते हैं कि यह बदलाव धीरे-धीरे और मजबूत होकर आगे बढ़ रहा है. धूप भी तेज होगी और वातावरण में गर्मी का असर बढ़ेगा, जिससे मौसम का तापमान सामान्य से ऊपर की तरफ रहेगा.

गर्मी का आगमन पहले से, सामान्य से पड़ सकती है ज्यादा गर्मी

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 15 फरवरी के बाद धूप और तेज होगी, और गर्म हवाओं का प्रभाव भी बढ़ेगा. इसके साथ ही तापमान में और वृद्धि के संकेत हैं. विभाग का अनुमान है कि फरवरी समाप्त होने से पहले ही गर्मी का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा. मार्च के दूसरे सप्ताह से तापमान में और ज्यादा तेजी से वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है. फरवरी के अंत तक हल्का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन इसे एक संक्रमण चरण के रूप में देखा जा रहा है. मार्च के पहले सप्ताह तक अधिकांश स्थानों पर स्थिति सामान्य रह सकती है, लेकिन दूसरे सप्ताह से तापमान में तेज बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हो सकता है. जब यह प्रक्रिया पूरी तरह से सक्रिय होगी, तब अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज होगी, जिससे गर्मी का असर और प्रबल दिखाई देगा. इस बार की गर्मी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है.

ला नीना का असर और गर्मी के संकेत

मौसम विभाग का मानना है कि ला नीना के मौसमी तंत्र के असर से इस बार गर्मी भी सामान्य से ज्यादा पड़ सकती है. पिछले सर्दियों के मौसम में ला नीना की वजह से ठंड अपेक्षा से ज्यादा समय तक बनी रही थी. बलौदाबाजार जिले में इस बार 38 दिनों तक शीतलहर दर्ज की गई, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक लंबा समय है.

ला नीना का प्रभाव केवल सर्दी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब उसी प्रभाव की वजह से गर्मी भी ज्यादा तीव्रता से पड़ सकती है. मौसम विभाग के विश्लेषण के अनुसार अधिकतम तापमान इस बार पिछले साल के रिकॉर्ड को पार कर सकता है. पिछले वर्ष यहां अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था और इस बार 46 डिग्री या उससे ऊपर का तापमान भी दर्ज होने की संभावना जताई जा रही है. यदि ऐसा होता है, तो यह गर्मी सामान्य से ज्यादा तीव्र और कठिन बनी रहेगी. इससे लोगों के रहन-सहन, कृषि गतिविधियों और स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव पड़ेगा.

मौसम का सामान्य चक्र और बदलाव

मौसम विभाग के अनुसार, सर्दियों से गर्मी की ओर संक्रमण सामान्य रूप से होता है, लेकिन इस बार यह प्रक्रिया जल्दी और अधिक स्पष्ट रूप से सामने आ रही है. ऐसे में यह आवश्यक है कि लोग मौसम के हिसाब से अपनी दिनचर्या और सुरक्षा उपायों में बदलाव करें. दिन के समय तेज धूप और रात में कम ठंड का सामना करने के लिए लोगों को गर्मी के अनुसार अपना व्यवहार बदलना होगा. किसानों को भी यह ध्यान रखना होगा कि फसलों को तेज धूप और बढ़ते तापमान से प्रभावित न होने दिया जाए. पशुपालकों को पशुओं के लिए पीने का पर्याप्त पानी और छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए.

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