प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले 5 परिवारों को 20 लाख की राहत, जानिए क्या है राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4
बलौदाबाजार जिला प्रशासन ने डूबने और सर्पदंश की घटनाओं में हुई मौत के बाद आर्थिक सहायता दी है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 27, 2026 at 8:40 AM IST
बलौदाबाजार: प्राकृतिक आपदाओं के कारण जान गंवाने वाले पांच परिवारों को प्रशासन की ओर से बड़ी राहत मिली है. कलेक्टर दीपक सोनी ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत प्रत्येक परिवार को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है. कुल मिलाकर 20 लाख रुपये की अनुदान राशि संबंधित वैध वारिसों के बैंक खातों में जमा कराई जाएगी.
यह सहायता उन परिवारों के लिए है जिन्होंने हाल के दिनों में अपने घर के कमाने वाले सदस्य या परिजन को असामयिक हादसों में खो दिया. प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित राहत देना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, ताकि पीड़ित परिवारों को शुरुआती आर्थिक संबल मिल सके.
डूबने से गई 5 लोगों की जान
तहसील भाटापारा के ग्राम बोरसी निवासी दानेश्वर साहु की डूबने से मृत्यु हुई.
तहसील भाटापारा के ही ग्राम मल्दी निवासी शिव कुमार यदु की भी इसी तरह जान गई.
तहसील सुहेला के ग्राम आमाकोनी निवासी ताराचंद ध्रुव की पानी में डूबने से मौत हुई.
तहसील पलारी के ग्राम ओड़ान निवासी मनोज कुमार ध्रुव भी डूबने की घटना में काल का शिकार हुए.
ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब, नहर और नदी किनारे सुरक्षा उपायों की कमी अक्सर ऐसी घटनाओं को जन्म देती है. कई बार नहाने, मछली पकड़ने या खेतों से लौटते समय हादसे हो जाते हैं. इन चारों मामलों में भी अचानक हुई दुर्घटना ने परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया.
सर्पदंश से एक और परिवार उजड़ा
पांचवा मामला तहसील लवन के ग्राम सुनसुननिया से जुड़ा है, जहां जमुना कैवर्तत्य की सर्पदंश से मृत्यु हो गई. ग्रामीण इलाकों में बरसात और गर्मी के मौसम में सांपों की गतिविधि बढ़ जाती है. समय पर उपचार न मिलने या अस्पताल तक पहुंचने में देरी होने से कई बार जान चली जाती है. सर्पदंश की घटनाएं हर साल कई परिवारों को प्रभावित करती हैं. स्वास्थ्य विभाग लगातार जागरूकता अभियान चलाता है, लेकिन दूरदराज के क्षेत्रों में अब भी त्वरित चिकित्सा सुविधा चुनौती बनी हुई है.
क्या है राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4?
राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत प्राकृतिक आपदाओं जैसे डूबने, सर्पदंश, आकाशीय बिजली, बाढ़ या अन्य अप्रत्याशित घटनाओं में मृत्यु होने पर सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता दी जाती है. इसका उद्देश्य पीड़ित परिवार को तत्काल राहत देना है. इस प्रावधान के अनुसार मृतक के निकटतम वैध वारिस को 4 लाख रुपये की अनुदान राशि दी जाती है. यह राशि सीधे बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और तेज रहे.
प्रशासन ने दिए त्वरित निर्देश
कलेक्टर दीपक सोनी ने संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत राशि बिना देरी के मृतकों के वैध वारिस के बैंक खातों में जमा कराई जाए.उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के मामलों में संवेदनशीलता के साथ काम करना आवश्यक है. पीड़ित परिवार पहले से ही मानसिक और आर्थिक संकट से गुजर रहे होते हैं. ऐसे में राहत राशि समय पर मिलना उनके लिए महत्वपूर्ण होता है.

