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बालोद के तांदुला नदी किनारे अतिक्रमण पर एक्शन, प्रशासन ने चलाया बुलडोजर, आंदोलनकारी भी गिरफ्तार

प्रशासन की कार्रवाई का छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने किया विरोध, कहा- गरीबों पर अन्याय, सदर रोड के अतिक्रमण पर क्यों नहीं हो रही कार्रवाई?

Tandula River Encroachment
प्रशासन ने चलाया बुलडोजर, आंदोलनकारी भी गिरफ्तार (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : May 24, 2026 at 3:27 PM IST

3 Min Read
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बालोद: जिले के तांदुला नदी किनारे तड़के सुबह प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की है. नदी किनारे खेती कर रहे लगभग 14 किसानों के खेतों को नेस्तनाबूत किया गया है, वहीं इसका विरोध करने वाले लोगों को गिरफ्तार कर थाने भेज दिया गया है. आपको बता दें ग्रामीणों ने भेदभाव का आरोप भी लगाया है.

पहले दिया गया था नोटिस

दूसरी तरफ तहसीलदार ने कहा कि एक बार पहले भी नोटिस दिया गया था जिसके बाद अब दूसरी बार नोटिस देकर 24 घंटे का समय मांगा गया था अब बड़ी कार्रवाई की जा रही है. वहीं किसान इसका विरोध कर रहे हैं घटना की जानकारी मिलते ही जोहार छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के पदाधिकारी पहुंचे जहां किसानों सहित उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया है.

बालोद के तांदुला नदी किनारे अतिक्रमण पर एक्शन (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

सदर रोड में क्यों नहीं हो रही कार्रवाई?

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने बालोद प्रशासन पर गरीब एवं कमजोर वर्ग के लोगों के ऊपर ही कार्रवाई करने का आरोप लगाया. संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सदर रोड में वर्षों से हो रहे बड़े पैमाने के अतिक्रमण पर बालोद प्रशासन मौन बना हुआ है, लेकिन गरीबों के छोटे-छोटे आशियानों पर मात्र 24 घंटे के भीतर नोटिस देकर कार्रवाई की जा रही है. यह प्रशासन की दोहरी नीति को दर्शाता है.

Tandula River Encroachment
बड़ी संख्या में पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

बड़ी संख्या में पुलिस प्रशासन मौजूद

आपको बता दें कि बड़ी संख्या में पुलिस सहित प्रशासन की टीम मौके पर तैनात है और कानून व्यवस्था को संभाले हुए हैं. यहां बालोद थाना प्रभारी के अलावा गुंडरदेही सहित कंवर और अन्य जगह के प्रभारी तैनात हैं, वहीं तहसीलदार नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक पटवारी सभी मौजूद हैं.

प्रशासन का तर्क

कुछ महीने पहले भी इस क्षेत्र में अवैध कब्जा हटाने की मुहिम शुरू की गई थी, लेकिन तब खेतों में ग्रीष्मकालीन धान की फसल लगी होने के कारण मानवीय दृष्टिकोण से इसे रोक दिया गया था. अब चूंकि धान की फसल कट चुकी है, प्रशासन ने बिना वक्त गंवाए फिर से कब्जा हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया है. राजस्व विभाग की जांच और ड्रोन सर्वे में पता चला था कि जो तांदुला नदी 220 मीटर चौड़ी थी, वह अवैध कब्जों के कारण कई जगहों पर सिकुड़कर मात्र 80 से 90 मीटर ही रह गई थी.

Tandula River Encroachment
तांदुला नदी किनारे तड़के सुबह प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

नदी को बचाने की मुहिम

जांच में यह भी सामने आया है कि अधिकांश अतिक्रमणकारियों के पास अन्य जगहों पर अपनी जमीनें हैं और वे किराना दुकान, सैलून आदि जैसे मुख्य व्यवसाय चलाते हैं. कुछ लोगों द्वारा नदी की जमीन पर अवैध कब्जा कर इसे दूसरों को रेगहा पर देने की बात भी प्रमाणित हुई है. अवैध कब्जा हटाने का यह कड़ा कदम तांदुला नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए बेहद जरूरी हो गया था.

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