अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी नेरचौक को शिफ्ट करने की तैयारी, सरकार के फैसले पर सियासी घमासान तेज
AMRU को शिफ्ट किए जाने पर बल्ह विधायक ने सुक्खू सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और आंदोलन की चेतावनी दी.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : January 4, 2026 at 7:33 AM IST
|Updated : January 4, 2026 at 12:10 PM IST
मंडी: हिमाचल प्रदेश सरकार ने अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (AMRU) को नेरचौक से सरकाघाट शिफ्ट किया जा रहा है. इस दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस संबंध में सैनिक वेलफेयर विभाग को पत्र लिखकर सरकाघाट में उपलब्ध भूमि व निर्माणाधीन भवनों को स्वास्थ्य विभाग के नाम हस्तांतरित करने का आग्रह किया है. पत्र में स्पष्ट किया गया है कि रजिस्ट्रार एएमआरयू की रिपोर्ट के अनुसार सरकाघाट में सैनिक वेलफेयर विभाग के नाम भूमि उपलब्ध है, जहां कुछ भवन अधूरे अथवा निर्माणाधीन है. इन्हीं संसाधनों का उपयोग कर यूनिवर्सिटी को वहां स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है.

क्यों शिफ्ट की जा रही यूनिवर्सिटी ?
स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि यूनिवर्सिटी को स्थायी और पर्याप्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है. अगर भूमि और भवन का हस्तांतरण समय पर हो जाता है, तो यूनिवर्सिटी के शिफ्ट होने का रास्ता साफ हो सकता है. इस पत्र की प्रतिलिपि डीसी मंडी, रजिस्ट्रार एएमआरयू नेरचौक और निदेशक चिकित्सा शिक्षा शिमला को भी सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है.
यूनिवर्सिटी शिफ्ट करने पर गरमाई सियासत
हालांकि, सरकार के इस कदम के सामने आते ही राजनीतिक विवाद तेज हो गया है. बल्ह विधानसभा क्षेत्र के विधायक इंद्र सिंह गांधी ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद भी अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी को नेरचौक से हटाकर सरकाघाट शिफ्ट करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है. विधायक गांधी का आरोप है कि यह फैसला सैनिक वेलफेयर अकादमी में पढ़ने वाले बच्चों के हितों के साथ सीधा अन्याय है.
"मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मंडी जिले के साथ बदले की भावना से काम कर रहे हैं. पहले बल्ह क्षेत्र में मेडिकल रिसर्च यूनिवर्सिटी के लिए उपयुक्त स्थान का चयन किया गया था, लेकिन इसके बावजूद यूनिवर्सिटी को सरकाघाट शिफ्ट करने का फैसला लिया गया है. इस पूरे मामले को लेकर जल्द ही कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा." - इंद्र सिंह गांधी, विधायक, बल्ह विधानसभा क्षेत्र
सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
विधायक ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस फैसले को वापस नहीं लिया, तो मंडी जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों के लोग मिलकर धरना-प्रदर्शन करेंगे और आंदोलन को तेज किया जाएगा. उनका कहना है कि ये सिर्फ एक यूनिवर्सिटी का स्थानांतरण नहीं, बल्कि मंडी जिले के भविष्य और मेडिकल शिक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि जनभावनाओं और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए. वहीं, सरकार के प्रस्ताव और विपक्ष के आरोपों के बीच अब सभी की निगाहें सैनिक वेलफेयर विभाग के फैसले पर टिकी हैं.

