बालाघाट में माइक्रो सिंचाई के पंप हाउस में रहस्यमयी आग, क्या पैसों को लेकर फूंका सरकारी प्रोजेक्ट!
बालाघाट में माइक्रो सिंचाई परियोजना के पंप हाउस में भड़की आग, करोड़ों का हुआ नुकसान, मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू, साजिश की आशंका.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : July 2, 2026 at 10:18 AM IST
|Updated : July 2, 2026 at 11:39 AM IST
बालाघाट: जल संसाधन विभाग की महत्वाकांक्षी माइक्रो इरिगेशन लिफ्ट परियोजना के तहत प्रतापपुर के राघोटोला स्थित पंप हाउस में बुधवार शाम को भीषण आग लग गई. जिससे करोड़ों रुपये की सामग्री जलकर नष्ट हो गई. आग की लपटें इतनी तेज थीं कि करीब एक किलोमीटर दूर से भी धुएं का गुबार और आग साफ दिखाई दे रही थी. आगजनी से पहले पंप हाउस में लेनदेन को लेकर विवाद की बात भी सामने आ रही है.
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. एसडीओपी परसवाड़ा, लामता पुलिस और दमकल वाहन भी घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन तब तक पाइप, तकनीकी उपकरण और अन्य सामग्री पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी. प्रारंभिक अनुमान के अनुसार निर्माण कार्य कर रही एजेंसी को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है.
लेनदेन को लेकर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, आगजनी की घटना शाम 4 बजे के बीच हुई. बताया जा रहा है कि घटना से पहले पैसों के लेन-देन को लेकर कुछ लोगों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद आग लगने की बात सामने आई है. हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है. सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी. पुलिस आग लगने के कारणों और आगजनी के पीछे किसी साजिश या अन्य वजह की सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
थाना प्रभारी छत्रपाल सिंह बैस ने बताया कि, ''लामता थानांतर्गत ग्राम राघोटोला के समीप स्थित माइक्रो सिंचाई परियोजना के पम्प हाउस में आगजनी हुई है, सूचना पर मौके पर तत्काल पुलिस बल पहुंचा. दमकल वाहन की मदद से आग को बुझाने का प्रयास किया गया. फिलहाल आगजनी के कारणों का पता नही चल पाया है. इस पूरे मामले पर प्रकरण दर्ज कर विवेचना जारी है.''

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सरपंच और जनपद सदस्य का कर्मचारियों से विवाद
इस पूरे मामले पर अपुष्ट सूत्रों के अनुसार, ग्राम के सरपंच तथा जनपद सदस्य की बहस यहां के कर्मचारियों से हुई थी. बताया ये भी जा रहा है कि इन दोनों ने साथ में कुछ लोगों को ले जाकर पम्प हाउस के कर्मचारियों से मारपीट की थी. इसके अलावा सरपंच और जनपद सदस्य पर रुपये मांगने के भी आरोप हैं. सूत्रों की माने तो इन्होंने कार्यरत कर्मचारियों से मोटी रकम की डिमांड की जिसके बाद विवाद की स्थिति निर्मित हो गई और बात हाथापाई तक आ गई. आरोप है कि इसी दरमियान सरपंच और जनपद सदस्य ने साथियों समेत वहां की सामग्री को आग के हवाले कर दिया.
खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए शुरु की थी परियोजना
गौरतलब हो कि जिले के लामता क्षेत्र में माइक्रो एरिगेशन लिफ्ट परियोजना अंतर्गत किसानों के खेतों तक पाइप से पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है. यह कार्य पिछले तीन सालों से जारी है. तकरीबन 150 करोड़ की लागत से यह कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के करीब 100 गांवों के किसानों के खेत तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है.
जिस जगह पर आगजनी की घटना घटित हुई है, वहां पर पम्प हाउस है. इसी पम्प हाउस से होकर पाइप के जरिये किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सकेगा. हालांकि अभी यह कार्य पूर्ण नहीं हुआ है. लगातार इस दिशा में कार्य किया जा रहा है. लेकिन इस भीषण आगजनी की घटना के बाद अब इस परियोजना के शुभारंभ में और देरी हो सकती है.

