नए साल में आमजन को मिलेगी बड़ी सौगात, फरवरी तक खुलेगा ऋषिकेश का बजरंग सेतु
नए साल पर बजरंग सेतु को आमजन के लिए खोल दिया जायेगा. उम्मीद है कि 26 जनवरी तक इस पर काम पूरा हो जाएगा.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : December 29, 2025 at 7:49 AM IST
देहरादून: नए साल के मौके पर ऋषिकेश वासियों और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है. लंबे समय से निर्माणाधीन बजरंग सेतु को जल्द ही आमजन के लिए खोलने की तैयारी पूरी कर ली गई है. उम्मीद की जा रही है कि 26 जनवरी तक इस आधुनिक कांच के पुल का कार्य पूरा कर लिया जाएगा. हालांकि यदि किसी तकनीकी कारण से थोड़ी देरी होती है, तो भी जनवरी के अंतिम सप्ताह या फरवरी के प्रथम सप्ताह तक इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा.
ऋषिकेश में गंगा नदी पर बनाए जा रहे बजरंग सेतु का निर्माण कार्य अब लगभग अंतिम चरण में है. लोक निर्माण विभाग से जुड़े अधिकारियों को पुल को 26 जनवरी तक पूरा करने की डेडलाइन दी जा चुकी है. विभाग का दावा है कि 2026 की शुरुआत में यह पुल पूरी तरह से तैयार होकर जनता को समर्पित कर दिया जाएगा. इस पुल के खुलने से न केवल श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी आवागमन आसान हो जाएगा.
दरअसल ऋषिकेश में स्थित ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला पुल का निर्माण वर्ष 1929 में हुआ था. समय के साथ यह पुल काफी जर्जर हो गया और सुरक्षा कारणों के चलते वर्ष 2019 में इसे बंद कर दिया गया. लक्ष्मण झूला के बंद होने के बाद से ही उसके विकल्प के तौर पर एक नए पुल की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. इसी कड़ी में बजरंग सेतु का निर्माण शुरू किया गया, जिसे अब अंतिम रूप दिया जा रहा है.
बजरंग सेतु का स्ट्रक्चर पार्ट पूरा हो चुका है और पुल पर डेक ग्लास भी लगाए जा चुके हैं. फिलहाल अंतिम चरण में एफआरपी (FRP) का काम चल रहा है. कुल करीब 2400 स्क्वायर मीटर क्षेत्र में एफआरपी होनी है, जिसमें से 1200 स्क्वायर मीटर का काम पूरा किया जा चुका है. शेष कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा.
राजेश शर्मा, प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग
बजरंग सेतु की लंबाई करीब 132 मीटर है और इसे लगभग 68 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. यह एक आधुनिक सस्पेंशन ब्रिज है, जिसकी सबसे बड़ी खासियत इसका कांच का डेक है. गंगा नदी के ऊपर कांच के पुल से गुजरना पर्यटकों के लिए एक बिल्कुल नया और रोमांचक अनुभव होगा. यही वजह है कि बजरंग सेतु को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है.
भौगोलिक रूप से यह पुल ऋषिकेश क्षेत्र में स्थित है, लेकिन प्रशासनिक दृष्टि से यह टिहरी और पौड़ी जिलों को जोड़ने वाली एक अहम कड़ी साबित होगा. पुल को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए इसमें अलग-अलग रंगों की लाइटें लगाने की योजना है. वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे.
उत्तराखंड में इस तरह का यह पहला आधुनिक कांच का पुल है, जिसे नई तकनीक के साथ तैयार किया गया है. बजरंग सेतु के खुलने से न केवल यातायात को नई दिशा मिलेगी, बल्कि ऋषिकेश की पर्यटन पहचान को भी एक नई ऊंचाई मिल पाएगी.
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