अशांत क्षेत्रों में सख्त कानून लागू हो, बजरंग दल ने जल्द विधेयक लाने की उठाई मांग
जयपुर में बजरंगदल कार्यकर्ताओं ने दो दिवसीय प्रांत स्तरीय बैठक में संगठनात्मक मजबूती, सेवा कार्यों की गति और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की.

Published : February 21, 2026 at 6:58 PM IST
जयपुर: अशांत घोषित क्षेत्रों में संपत्ति संरक्षण और किराएदारों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर बजरंग दल ने जल्द सख्त कानून लाने की मांग उठाई है. संगठन ने राज्य मंत्रिमंडल द्वारा प्रस्तावित डिस्टर्ब एरियाज बिल, 2026' को जल्द लागू करने पर जोर दिया है. इसे सामाजिक संतुलन और स्थानीय निवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया है. साथ ही, केंद्र और अन्य राज्यों में भी इसी तरह के कानून लागू करने की मांग की गई है.
जयपुर में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दो दिवसीय प्रांत स्तरीय बैठक में संगठनात्मक मजबूती, सेवा कार्यों की गति और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की. बजरंग दल के राष्ट्रीय सह-संयोजक विवेक कुलकर्णी ने बताया कि संगठन देशभर में युवाओं को राष्ट्रहित और संस्कार आधारित गतिविधियों से जोड़ने का अभियान चला रहा है. उन्होंने राजस्थान सरकार द्वारा धर्मांतरण बिल लागू करने और डिस्टर्ब एरिया बिल के लिए विधेयक पारित करने की पहल का स्वागत किया. उन्होंने हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'द केरल स्टोरी 2' को देखने के लिए आमजन से आग्रह भी किया.
अशांत क्षेत्रों के लिए सरकार लाएगी विधेयक: कुलकर्णी ने बताया कि राज्य सरकार अशांत घोषित क्षेत्रों में स्थायी निवासियों की संपत्तियों और किराएदारों के अधिकारों की रक्षा के लिए 'दि राजस्थान प्रोहिबिशन ऑफ ट्रांसफर ऑफ इम्मूवेबल प्रोपर्टी एण्ड प्रोविजन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ टेनेन्ट्स फ्रॉम एविक्शन फ्रॉम प्रिमाइसेज इन डिस्टर्ब एरियाज बिल, 2026' ला रही है, जिसके प्रारूप को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. इस विधेयक का उद्देश्य अशांत क्षेत्रों में अनैतिक दबाव या परिस्थितियों में संपत्ति हस्तांतरण को रोकना तथा स्थायी निवासियों और किराएदारों के अधिकारों की रक्षा करना है. उन्होंने इस विधेयक को राजस्थान में शीघ्र लागू करने के साथ-साथ केंद्र सरकार और अन्य राज्यों से भी इस तरह के विधेयक लाने की मांग की.
धर्म परिवर्तन कानून का स्वागत: विश्व हिंदू परिषद ने राजस्थान विधानसभा में पारित विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2025 का स्वागत किया है. कुलकर्णी ने कहा कि अवैध और जबरन धर्मांतरण की गतिविधियां राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए चुनौती बन रही थीं. विशेष रूप से दलित और जनजातीय समुदायों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की गई. हाल ही में खैरथल की एक विवाहिता की दुखद घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए कठोर कानून आवश्यक था. उन्होंने अलवर, भरतपुर, खैरथल-तिजारा, बांसवाड़ा, सिरोही, डूंगरपुर, दौसा, झुंझुनू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सलूंबर आदि जिलों में कथित धर्मांतरण गतिविधियों को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि यह विधेयक सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की दिशा में एक सशक्त कदम है.
देशव्यापी नशा मुक्ति अभियान: उन्होंने बजरंग दल के आगामी अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि देशभर में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को देखते हुए व्यापक स्तर पर नशा मुक्ति अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है. युवाओं को नशे की लत से बचाने, परिवारों को जागरुक करने और समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए सामाजिक और धार्मिक संगठनों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी. बजरंग दल अभियान चलाकर कानून के साथ-साथ जागरूकता, शिक्षा, परामर्श और सामाजिक सहयोग से युवाओं को नशे की लत से बचाने का प्रयास करेगा.

