बहराइच-नेपालगंज रोड रेल प्रखंड पर ढाई साल बाद फिर शुरू हुईं ट्रेनें, सीएम योगी और रेल मंत्री ने दिखाई हरी झंडी
बहराइच–नानपारा–नेपालगंज रोड रेल प्रखंड पर सीएम योगी और रेल मंत्री ने नेपालगंज रोड-वाराणसी सिटी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 31, 2026 at 8:27 PM IST
बहराइच: भारत-नेपाल सीमा से सटे तराई क्षेत्र के निवासियों के लिए एक लंबे इंतजार का सुखद अंत हुआ है. बीते लगभग ढाई साल से बंद पड़े बहराइच–नानपारा–नेपालगंज रोड रेल प्रखंड पर ट्रेनों का परिचालन एक बार फिर पूरी भव्यता के साथ शुरू हो गया है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संयुक्त रूप से वर्चुअल माध्यम से स्पेशल ट्रेन संख्या 05064 'नेपालगंज रोड–वाराणसी सिटी एक्सप्रेस' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस विशेष अवसर पर स्थानीय सांसद डॉ. आनंद गोंड और सिद्धार्थनगर के सांसद जगदम्बिका पाल सहित रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे.
भारत और नेपाल के रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती: क्षेत्र में रेल सेवा की बहाली को लेकर स्थानीय जनता में भारी उत्साह देखा गया. शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री ने कहा कि यह रेल सेवा भारत और पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्तों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी. सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लाखों नागरिकों, व्यापारियों, छात्रों और नेपाल से भारत आने वाले श्रद्धालुओं को अब वाराणसी जैसी सांस्कृतिक व धार्मिक नगरी तक सीधी और किफायती यात्रा की सुविधा मिलेगी. सड़क मार्ग की तुलना में यह यात्रा न केवल सस्ती होगी, बल्कि समय और संसाधनों की भी बचत कराएगी.
पहले दिन यात्रियों के लिए निःशुल्क रही यात्रा: ट्रेन के पहले सफर को यादगार बनाने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे ने यात्रियों को विशेष रियायत दी. पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने जानकारी दी कि संचालन के पहले दिन यात्रियों के लिए यात्रा पूरी तरह निःशुल्क रखी गई. नेपालगंज रोड से वाराणसी सिटी तक यात्रा करने वाले यात्रियों को स्टेशन से विशेष 'यात्रा टोकन' वितरित किए गए, जिसके जरिए वे बिना किसी शुल्क के इस ऐतिहासिक सफर का हिस्सा बने. नेपालगंज रोड से वाराणसी के सीधे जुड़ने से क्षेत्रीय व्यापार को गति मिलेगी.
व्यापार और पर्यटन को मिलेगी नई दिशा: नेपाल से आने वाले सैलानी और स्थानीय व्यापारी अब आसानी से पूर्वांचल के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों तक पहुंच सकेंगे. इसके साथ ही, काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन के इच्छुक सीमावर्ती क्षेत्रों के श्रद्धालुओं के लिए यह सीधी रेल सेवा एक बड़ी राहत साबित होगी. स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस रेल सेवा को सीमावर्ती क्षेत्र के समग्र विकास में एक मील का पत्थर करार दिया है.
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