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बदरी केदार चढ़ावा चोरी मामला: हाईकोर्ट के सेवानिवृत जज करें जांच, बोले नेता प्रतिपक्ष

यशपाल आर्य ने कहा जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश या सर्वदलीय विधानसभा समिति से कराई जाये.

Leader of the Opposition Yashpal Arya
बदरीनाथ केदारनाथ चढ़ावा चोरी मामला (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : July 7, 2026 at 5:55 PM IST

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Updated : July 7, 2026 at 6:09 PM IST

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देहरादून: बदरीनाथ धाम में कथित चढ़ावा चोरी को लेकर कांग्रेस हमलावर है. इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने बड़ी मांग की है. नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने बदरीनाथ केदारनाथ मंदिरों से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश या फिर सर्वदलीय विधानसभा समिति से कराए जाने की मांग की है.

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा केदारनाथ मंदिर में स्वर्ण प्रकरण और अयोध्या के राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं की चर्चाओं के बाद अब श्री बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से संबंधित कथित गड़बड़ी ने सनातनियों को गहरी चिंता में डाल दिया है. उन्होंने कहा सरकार को इन सभी मामलों पर गंभीरता पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए.

यशपाल आर्य ने कहा बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति में बीते दस वर्षों में अध्यक्ष समेत अधिकांश सदस्य भाजपा से जुड़े रहे हैं. इस दौरान मंदिर समिति के कार्यों को लेकर समय-समय पर विभिन्न प्रकार के आरोपों और अनियमितताओं के मामले सामने आते रहे हैं. सरकार ने किसी भी मामले में निष्पक्ष जांच कराकर, उसकी रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं की है.

यशपाल आर्य का कहना है कि केदारनाथ स्वर्ण प्रकरण में आज तक सरकार ने यह साफ नहीं किया कि जांच किस एजेंसी ने की ही और उसकी रिपोर्ट का क्या हुआ? उन्होंने सवाल उठाया कि उस रिपोर्ट को अभी तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया है? उन्होंने कहा उपलब्ध अभिलेखों और उठे सवालों ने पूरे मामले को संदेहास्पद बना दिया है. नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि हाल ही में सार्वजनिक हुए कुछ अभिलेखों से यह संकेत मिला है कि मंदिर समिति से जुड़े पदाधिकारी सदस्यों और कर्मचारियों द्वारा मंदिर निधि के उपयोग को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं. मंदिर के दान से प्राप्त धन का उपयोग रसूखदारों की यात्रा पर खर्च किए जाने के भी आरोप सामने आए. इन आरोपों के बाद मंदिर समिति के अध्यक्ष ने 20 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की घोषणा की थी, मगर एक महीने से अधिक का समय बीत गया है, लेकिन, उसे सार्वजनिक नहीं किया गया.

उन्होंने कहा अब बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं. एक बार फिर मंदिर समिति के अध्यक्ष आंतरिक जांच समिति से जांच कराये जाने की बात कर रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि जब आरोप अध्यक्ष के निजी स्टाफ से जुड़े व्यक्तियों पर लग रहे हो तब गठित की गई जांच समिति से निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है? उन्होंने इन सभी मामलों की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित स्वतंत्र जांच समिति से कराए जाने की मांग की है. उन्होंने जरूरत पड़ने पर उत्तराखंड विधानसभा की सर्वदलीय जांच समिति गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है.

Last Updated : July 7, 2026 at 6:09 PM IST