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नूंह का बदरपुर गांव "बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ" योजना में जिले में अव्वल, इन तीन छात्राओं को मिले पुरस्कार

नूंह के बदरपुर गांव ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना में सर्वश्रेष्ठ लिंगानुपात दर्ज किया. तीन छात्राओं को पुरस्कार मिले हैं.

Badarpur Village Top Nuh in Beti Bachao Beti Padhao Scheme
नूंह का बदरपुर गांव (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : December 17, 2025 at 1:57 PM IST

3 Min Read
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नूंह: बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत नूंह जिले के खंड नगीना स्थित ग्राम पंचायत बदरपुर ने एक नई उपलब्धि हासिल की है. गांव ने 1244 का सर्वश्रेष्ठ लिंगानुपात दर्ज किया है, जो पूरे जिले में सबसे अधिक है. 1000 लड़कों के मुकाबले 1244 लड़कियां होने की वजह से यह गांव शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में एक मिसाल बन गया है. इस उपलब्धि के लिए गांव को जिले में पहला स्थान प्राप्त हुआ है.

शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं का सम्मान: बदरपुर गवर्नमेंट स्कूल में मंगलवार को आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में शिक्षा और लिंगानुपात के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली तीन छात्राओं को सम्मानित किया गया. स्वास्थ्य विभाग नूंह की ओर से मेरिट एवं बेस्ट सेक्स रेश्यो पुरस्कार योजना के अंतर्गत इन छात्राओं को प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए गए.

बदरपुर गांव "बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ" योजना में जिले में अव्वल (ETV Bharat)

तीन मेधावी छात्राओं को पुरस्कार: स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ग्राम पंचायत बदरपुर से कक्षा दसवीं की तीन छात्राएं मेरिट लिस्ट में चयनित हुई हैं. इनमें तबस्सुम, कक्षा 10वीं (75.2%) को प्रथम पुरस्कार 75 हजार रुपए, सवाना, कक्षा 10वीं (66.2%) को द्वितीय पुरस्कार 45 हजार रुपए और रुखसार, कक्षा 10वीं (65.2%) को तृतीय पुरस्कार 30 हजार रुपए दिए गए हैं. इन तीनों छात्राओं को कुल 1 लाख 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई, जिसका वितरण सिविल सर्जन के माध्यम से किया गया.

लिंगानुपात सुधार का प्रभाव: कार्यक्रम के दौरान जिला पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. मनप्रीत तेवतिया ने बताया कि, "बदरपुर गांव का लिंगानुपात जिले में सबसे बेहतर है. जिले में लगातार लिंगानुपात में सुधार हो रहा है और गांव में यह आंकड़ा पूरे जिले के लिए प्रेरणादायक है. प्रदेश का औसत लिंगानुपात 908 है. नूंह जिले का 928 है. लेकिन बदरपुर गांव का लिंगानुपात 1244 है."

जागरूकता अभियान से मिली सफलता: डॉ. तेवतिया ने आगे बताया कि, "स्वास्थ्य विभाग प्रदेश सरकार और उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार अवैध गर्भधारण और लिंग जांच के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है. इसके साथ ही ग्रामीण स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं. "बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ" अभियान के सकारात्मक परिणाम अब ग्रामीण स्तर पर साफ दिखाई देने लगे हैं."

ग्रामीणों में खुशी का माहौल: कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे. उन्होंने गांव की बेटियों की इस सफलता पर खुशी जताई. साथ ही कहा कि, "बदरपुर अब शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में एक आदर्श गांव के रूप में उभर रहा है." डॉ. तेवतिया ने सभी ग्रामीणों और छात्राओं को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और बताया कि अन्य गांव भी बदरपुर से सीख लें.

शिक्षा और लिंगानुपात सुधार के महत्व पर जोर: स्वास्थ्य विभाग ने इस अवसर पर शिक्षा और लिंगानुपात सुधार के महत्व पर जोर दिया. प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त छात्राओं को 75, 40 और 35 हजार रुपये के नकद पुरस्कार दिए गए. यह पुरस्कार न केवल मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित करता है बल्कि पूरे गांव और जिले में बेटियों की शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने का संदेश भी देता है. बदरपुर गांव ने न केवल जिले में सर्वोत्तम लिंगानुपात दर्ज कर रिकॉर्ड बनाया है, बल्कि शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी एक प्रेरक उदाहरण पेश किया है.

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