केदार दर्शन पर भारी पड़ रहा खराब मौसम, शुरुआती 9 दिन में 1286 टिकट कैंसिल
खराब मौसम की वजह से केदारनाथ जाने के लिए हेलीकॉप्टर सर्विस लेने वाले यात्रियों को परेशानी हुई.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : May 6, 2026 at 6:23 PM IST
देहरादून: बाबा केदार के धाम पहुंचने वाले श्रद्धालूओं की गिनती हर दिन तेजी से बढ़ रही है. करीब 11,700 फीट पर मौजूद इस धाम तक पहुंचना यहां की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए काफी मुश्किल है. शायद यही कारण है कि श्रद्धालु यहां हेलीकॉप्टर के माध्यम से जाना काफी पसंद करते हैं. हालांकि, निश्चित हेलीकॉप्टर शॉर्टी और खराब मौसम के कारण भी श्रद्धालुओं को कई बार निराश होना पड़ता है.
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू होते ही बाबा केदार के दरबार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. समुद्र तल से करीब 11,700 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ धाम तक पहुंचना जहां एक ओर आस्था का विषय है, वहीं दूसरी ओर यहां की भौगोलिक परिस्थितियां इसे बेहद चुनौतीपूर्ण भी बनाती हैं. यही वजह है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेलीकॉप्टर सेवा के जरिए केदारनाथ पहुंचना पसंद करते हैं. लेकिन इस बार मौसम की बेरुखी श्रद्धालुओं की इस यात्रा पर भारी पड़ती नजर आ रही है.
22 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद महज दो हफ्तों के भीतर ही करीब 3 लाख 44 हजार श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं. यह आंकड़ा साफ तौर पर दर्शाता है कि इस बार यात्रा को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह है. खास बात यह है कि इन श्रद्धालुओं में एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है, जो हेली सेवा के माध्यम से धाम तक पहुंचा है. हालांकि, यात्रा शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद मौसम ने करवट ली, जिसका सीधा असर हेली सेवाओं पर पड़ा है.
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज कब बदल जाए, इसका अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल होता है. यही स्थिति केदारनाथ यात्रा के दौरान भी देखने को मिल रही है. बारिश, बादल और खराब विजिबिलिटी के कारण कई बार हेलीकॉप्टर उड़ानों को रद्द करना पड़ा है. इससे न केवल श्रद्धालुओं की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई हैं, बल्कि कई बार उन्हें निराश होकर लौटना भी पड़ा है.
24 हजार यात्रियों ने ली हेली सेवा: आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले दो हफ्तों में करीब 24 हजार यात्री हेलीकॉप्टर के जरिए केदारनाथ पहुंचे हैं या वहां से वापस नीचे हेलीपैड तक आए हैं. इसी अवधि में सिरसी, फाटा और गुप्तकाशी हेलीपैड से कुल 2,085 हेलीकॉप्टर उड़ानें संचालित की गई हैं. यह संख्या बताती है कि हेली सेवा के जरिए यात्रा की मांग कितनी अधिक है.
देहरादून से 4500 यात्रियों ने भरी उड़ान: सिर्फ रुद्रप्रयाग जिले के हेलीपैड ही नहीं, बल्कि देहरादून से भी चार्टर्ड हेलीकॉप्टर सेवाओं के जरिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ पहुंच रहे हैं. आंकड़ों के अनुसार देहरादून से अब तक 457 चार्टर्ड उड़ानें संचालित की गई हैं, जिनके जरिए करीब 4,500 यात्री बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे हैं. यह ट्रेंड दर्शाता है कि समय की कमी या शारीरिक कठिनाइयों के कारण लोग तेजी से हवाई मार्ग को प्राथमिकता दे रहे हैं.
हालांकि, इस बढ़ती मांग के बीच सबसे बड़ी चुनौती मौसम और सीमित संसाधन बनकर सामने आ रहे हैं. केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं पहले से तय शॉर्टी (उड़ानों की संख्या) के आधार पर संचालित होती हैं. ऐसे में हर किसी को हेलीकॉप्टर टिकट मिल पाना संभव नहीं होता. ऊपर से खराब मौसम के कारण जब उड़ानें रद्द होती हैं, तो स्थिति और जटिल हो जाती है.
अभी तक 1248 टिकट कैंसिल हुए: कैंसिलेशन के आंकड़े भी इस समस्या की गंभीरता को दर्शाते हैं. यात्रा शुरू होने के बाद अप्रैल महीने में ही कुल 1,286 दोनों तरफ के टिकट कैंसिल हुए हैं. जबकि 103 एकतरफा कैंसिलेशन दर्ज किए गए हैं. हालांकि, इन आंकड़ों में वे श्रद्धालु भी शामिल हैं, जिन्होंने अपनी व्यक्तिगत वजहों से टिकट रद्द किए हैं. लेकिन बड़ी संख्या में कैंसिलेशन मौसम की खराबी के कारण भी हुए हैं.
हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग कैंसिल होने के बाद श्रद्धालुओं को नियमों के तहत रिफंड दिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद कई बार यात्रियों में नाराजगी देखने को मिलती है. खासतौर पर जब वे लंबे इंतजार या भारी खर्च के बाद यात्रा की योजना बनाते हैं और अंतिम समय में मौसम के कारण उड़ान रद्द हो जाती है, तो स्वाभाविक रूप से आक्रोश सामने आता है. इस स्थिति का सामना उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) को करना पड़ता है.
UCADA और प्रशासन लगातार इस बात को स्पष्ट कर रहे हैं कि मौसम के कारण उड़ानों को रद्द करना पूरी तरह सुरक्षा से जुड़ा निर्णय होता है. पर्वतीय क्षेत्रों में उड़ान भरना जोखिम भरा होता है और खराब मौसम में इसे संचालित करना यात्रियों की जान के लिए खतरा बन सकता है. इसलिए किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाता.
यात्रा से पहले यात्री लें मौसम की जानकारी: मौजूदा हालात को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है कि वे यात्रा की योजना बनाते समय मौसम की जानकारी जरूर लें और हेलीकॉप्टर सेवा पर पूरी तरह निर्भर न रहें. साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि संभव हो तो पारंपरिक पैदल मार्ग या अन्य वैकल्पिक साधनों को भी ध्यान में रखें.
यात्रियों को अन्य विकल्प पर भी ध्यान देने की जरूरत: प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि केदारनाथ यात्रा केवल हेली सेवा तक सीमित नहीं है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल, घोड़े-खच्चरों या पालकी के जरिए भी धाम तक पहुंचते हैं. इन व्यवस्थाओं को भी लगातार बेहतर किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से बाबा केदार के दर्शन कर सकें.
केदारनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि एक कठिन पर्वतीय सफर भी है, जहां हर कदम पर प्रकृति की चुनौती सामने आती है. ऐसे में श्रद्धालुओं को भी धैर्य और समझदारी के साथ अपनी यात्रा को पूरा करना होगा.
कई बार मौसम खराब होने के कारण टिकट कैंसिल करने पड़ते हैं जिसके लिए तय नियम के अनुसार श्रद्धालुओं को रिफंड किया जाता है.
-आशीष चौहान, सीईओ, यूकाडा-
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