JSSC-CGL जांच पर सरकार बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल, ETV Bharat का वीडियो शेयर कर पूछा- पहले सीआईडी जांच सही थी या अब?
बाबूलाल मरांडी ने JSSC-CGL जांच को लेकर सरकार पर सवाल उठाया है, ईटीवी भारत का वीडियो शेयर कर दिए सबूत. राजेश कुमार सिंह की रिपोर्ट.

Published : September 2, 2026 at 1:23 PM IST
रांची: झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी का मामला एक बार फिर राजनीतिक मुद्दा बन गया है. बाबूलाल मरांडी ने ईटीवी भारत को दिए गए पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कई सवाल पूछे हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि तत्कालीन CID जांच के दौरान मामले को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश हुई और हाईकोर्ट में भी गलत शपथ पत्र देकर गुमराह किया गया. हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना बाकी है.
बड़ी मछलियों को बचाए जाने की आशंका
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का कहना है कि JSSC-CGL परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर पहले CID की जांच में जो बातें सामने आई थीं, अब उसी मामले में CID के वर्तमान एडीजी मनोज कौशिक के नेतृत्व में अलग तस्वीर सामने आ रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पहले की जांच सही थी तो आज बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां क्यों हो रही हैं और नए तथ्य कैसे सामने आ रहे हैं. शंका जताई है कि पूरे मामले पर पर्दा डालने और छोटी मछलियों को फंसाकर बड़ी मछलियों को बचाने का काम तो नहीं हो रहा है?
पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर JSSC नियुक्ति घोटाले को लेकर CID की जाँच से संबंधित झारखंड पुलिस के सबसे ज्यादा विवादास्पद, बदनाम एवं दाग़दार रिटायर्ड अधिकारी अनुराग गुप्ता का ये वीडियो वायरल हो रहा है। इस आदमी पर CID की जाँच को ग़लत दिशा में ले जाकर हाईकोर्ट तक को ग़लत शपथ पत्र… pic.twitter.com/1yMe4mDS0Z
— Babulal Marandi (@yourBabulal) September 2, 2026
वीडियो को लेकर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता के बयान का हवाला देते हुए कहा कि उस समय जांच में परीक्षा में बड़े स्तर पर गड़बड़ी के आरोपों को अलग तरीके से देखा गया था. अब छात्रों और बेरोजगारों के लगातार आंदोलन और आक्रोश के बीच CID की जांच में कथित अनियमितताओं को लेकर गिरफ्तारियां हो रही हैं. बाबूलाल मरांडी ने सरकार से पूछा कि आखिर दोनों जांचों में अंतर क्यों दिखाई दे रहा है. उनका कहना है कि एक ही जांच एजेंसी द्वारा अलग-अलग समय में अलग तस्वीर सामने आने से जांच की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है.
अगर जांच गलत थी तो कार्रवाई क्यों नहीं?
बाबूलाल मरांडी ने पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता की भूमिका पर भी सवाल उठाया है. उन्होंने पूछा कि यदि तत्कालीन जांच में गंभीर खामियां थीं और किसी स्तर पर जांच को गलत दिशा में ले जाने का प्रयास हुआ था तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिन लोगों को कथित तौर पर उस समय बचाए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं, यदि वही लोग अब CID की कार्रवाई के दायरे में आ रहे हैं तो पहले की जांच की जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की जा रही है.
सस्पेंशन के बाद यह ज़बरदस्ती DGP झारखंड में बने ,अनुराग गुप्ता जी की पूरे कार्यकाल,सम्पत्ति की जाँच CBI को करनी चाहिए pic.twitter.com/rktaYBkW8w
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) September 2, 2026
CBI जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से JSSC-CGL मामले की जांच CBI को सौंपने की मांग की है. उनका कहना है कि किसी भी जांच की विश्वसनीयता तभी कायम रहती है, जब आम लोगों और खासकर छात्रों-बेरोजगारों को उस पर भरोसा हो. बाबूलाल मरांडी के मुताबिक, JSSC-CGL मामले में CID की जांच को लेकर पहले से उठते रहे सवालों और अब सामने आ रहे तथ्यों के बीच निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा हुआ है. ऐसे में CBI जांच से पूरे मामले की स्वतंत्र जांच हो सकती है और कथित घोटाले में शामिल सभी लोगों की भूमिका सामने आ सकती है.
वहीं, गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि सस्पेंशन के बाद जबरदस्ती झारखंड में अनुराग गुप्ता डीजीपी बने. इसलिए अनुराग गुप्ता की पूरे कार्यकाल, सम्पत्ति की CBI से जांच करनी चाहिए.
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