झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सियासी संग्राम तेज, बाबूलाल मरांडी और इरफान अंसारी के बीच नोकझोंक
झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाए. जिसपर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने जवाब दिया.


Published : February 24, 2026 at 7:21 PM IST
रांची : राजधानी रांची में प्रस्तावित रिम्स-2 और अन्य स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर झारखंड की सियासत गरमा गई है. चतरा में हुए एयर एंबुलेंस दुर्घटना के बाद राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया है. इसी मुद्दे पर जब भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी मीडिया के सामने आए तो दोनों के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली, जो कैमरों में कैद हो गई.
विपक्ष का आरोप है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर नहीं है और रिम्स-2 जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को लेकर स्पष्टता नहीं है. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार पहले से अधिग्रहित जमीन पर काम शुरू करने में विफल रही है और अब नई जमीन को लेकर विवाद खड़ा कर रही है. उन्होंने चतरा एयर एंबुलेंस हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं की मजबूती पर ध्यान देने के बजाय सरकार राजनीतिक बयानबाजी में व्यस्त है.
इरफान अंसारी का पलटवार
वहीं स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया. उन्होंने कहा कि विपक्ष राज्य में विकास कार्यों को आगे नहीं बढ़ने देना चाहता. मंत्री ने केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि देश में लगातार हो रहे विमान हादसों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए. उन्होंने पूछा कि केंद्रीय उड्डयन मंत्री कौन है, इस पर केंद्र क्या जवाब देंगे. उनका कहना था कि मुंबई से लेकर झारखंड तक हो रहे विमान हादसों से लोग डर के माहौल में हैं.
मुआवजे के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री का जवाब
चतरा एयर एंबुलेंस दुर्घटना में मुआवजे के सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ितों से बातचीत कर रही है और सभी बिंदुओं की जांच के बाद मुआवजा दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पहले भी एक कंपनी के साथ एमओयू किया है ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को एयरलिफ्ट कर बेहतर इलाज के लिए बाहर भेजा जा सके. हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि किसी भी सेवा से पहले सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि बजट में इस सुविधा के लिए प्रावधान किए गए हैं.
क्या है रिम्स-2 विवाद?
रांची के नगड़ी में प्रस्तावित रिम्स-2 के लिए चिह्नित जमीन को लेकर विवाद काफी समय से चल रहा है. इससे पहले सुकुरहुटू में जमीन चिह्नित की गई थी, लेकिन वहां काम आगे नहीं बढ़ सका. अब नगड़ी में जिस जमीन पर अस्पताल निर्माण की योजना है, वह कृषि योग्य भूमि है, जिस पर स्थानीय रैयत खेती करते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि पहले अधिग्रहित जमीन पर कोई निर्माण नहीं हुआ, इसलिए उस पर अब भी उनका दावा बनता है.
प्रस्तावित रिम्स-2 में 700 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल और मेडिकल शिक्षा के तहत 100 यूजी तथा 50 पीजी सीटें शुरू करने की योजना है. सरकार का दावा है कि इससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलेगी. फिलहाल रिम्स-2 निर्माण और अन्य स्वास्थ्य व्यवस्थाएं झारखंड की राजनीति का केंद्र बिंदु बना हुआ है और आने वाले दिनों में यह सियासी टकराव और तेज होने के संकेत दे रहा है.
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