नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का बड़ा आरोप, कहा-जामताड़ा में राजनीतिक साजिश के तहत 14000 आदिवासी मतदाताओं के नाम काटे गए
जामताड़ा में बाबूलाल मरांडी ने एसआईआर के कार्य में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है.

Published : August 27, 2026 at 8:34 PM IST
जामताड़ा: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जामताड़ा में एसआईआर के तहत मतदाता सूची से करीब 14000 आदिवासी मतदाताओं का नाम हटाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक साजिश के तहत ऐसा किया गया है. साथ ही उन्होंने झारखंड में एमएमडीआर संशोधन बिल का विरोध किए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी है.
14000 आदिवासी मतदाताओं के नाम काटे गएः बाबूलाल
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जामताड़ा में चल रहे एसआईआर के तहत करीब 14000 आदिवासी मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से काटे जाने का आरोप लगाया और इसपर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि जामताड़ा में 12000 से 14000 आदिवासी मतदाता जो यहां के रैयत मूलवासी हैं, जिनका नाम एक राजनीति साजिश के तहत मतदाता सूची से हटा दिया गया है, जो जांच का विषय है. बाबूलाल ने कहा कि जिन आदिवासी-मूलवासी के नाम काटे गए हैं उनको या तो दूसरे जगह शिफ्ट दिखा दिया गया है या एब्सेंट दिखा दिया गया है, जो उचित नहीं है.
भाजपा कार्यकर्ता पंचायतों में जाकर करेंगे जांच
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि ऐसे मतदाताओं के लिए उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को एक टोली बनाकर जांच करने को कहा है. भाजपा के कार्यकर्ता टीम बनाकर पंचायतों में घूम-घूमकर जांच करेंगे. यह पता करेंगे कि कौन एब्सेंट हैं और कौन शिफ्टेड हैं.
संथाल पर चुनाव आयोग से विशेष ध्यान देने की अपील
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने चुनाव आयोग से खासकर संथाल परगना में चल रहे एसआईआर कार्य पर विशेष ध्यान देने की अपील की है. बाबूलाल मरांडी ने संथाल में बांग्लादेशी घुसपैठ की चर्चा करते हुए चुनाव आयोग से मांग की है कि दस्तावेजों की अच्छी तरह से जांच की जाए, ताकि कोई गलत मतदाता सूची में नाम नहीं चढ़ा लें.
एमएमडीआर संशोधन बिल का विरोध करने पर दी प्रतिक्रिया
झारखंड में एमएमडीआर संशोधन विधेयक का सत्ता पक्ष के द्वारा किए जा रहे विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा की अपनी तिजोरी भरने के लिए झारखंड में विरोध किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि संपूर्ण देश के राज्य एक साथ प्रगति करें, इसलिए एमएमडीआर संशोधन बिल लाया जा रहा है. इसमें झारखंड के अहित का कोई सवाल ही नहीं है. एमएमडीआर लागू होने से राज्य का कोयला और अन्य खनिज सस्ते दर पर उपलब्ध होंगे. कोई भी राज्य मनमानी टैक्स नहीं लगा सकेगा. उन्होंने कहा कि यह विधेयक सिर्फ झारखंड के लिए ही नहीं, बल्कि देश से सभी राज्यों के लिए है.
बाबूलाल ने कहा कि झारखंड में एमएमडीआर संशोधन बिल का इसलिए विरोध हो रहा है क्योंकि सत्ता पक्ष को भय सता रहा है कि सभी खदानें वैध हो जाएगी. झारखंड में कोयला और बालू का अवैध कारोबार चल रहा है. यह बिल कानून बन गया तो सभी खान वैध हो जाएंगे तो हेमंत सोरेन और इरफान अंसारी की तिजोरी कैसे भरेगी. इसलिए एमएमडीआर संशोधन बिल का विरोध और आंदोलन किया जा रहा है.
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