छात्रों के साथ पिटाई मामले में बाबूलाल मरांडी ने लगाया सीएम हेमंत सोरेन पर आरोप, कहा EPIC सेंटर था गिरिडीह
सीएम हेमंत सोरेन के पुतला दहन के दौरान छात्रों की पिटाई को लेकर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि घटना की पटकथा पहले से तैयार थी.

Published : August 22, 2026 at 2:48 PM IST
गिरिडीह: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान छात्रों के साथ जेएमएम कार्यकर्त्ताओं की नोंक-झोंक उसके बाद हुई मारपीट के मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का तेवर तल्ख हो चुका है. इस मामले को लेकर बाबूलाल मरांडी न सिर्फ हेमंत सोरेन सरकार को घेरा, बल्कि कई आरोप भी लगाए.
गिरिडीह में पत्रकारों से बात करतें हुए बाबूलाल ने कहा कि छात्रों के साथ पिटाई की पटकथा पहले से तैयार कर ली गई थी. वहीं गिरिडीह ही पूरे घटना का एपिक सेंटर था. यहीं से सोशल मिडिया पर पोस्ट आया, जिसमें जेएमएम के कार्यकर्त्ताओं को गिरिडीह शहर के झंडा मैदान में बुलाया गया. फिर बच्चों संग मारपीट की गई. इसी तरह रामगढ़ से भी एक वीडियो सामने आया, जिसमें जेएमएम कार्यकर्त्ता की भाषा सभी ने सुनी. वहीं रांची में छात्राओं के साथ मारपीट की गई.
सभी जेएमएम के गुंडे: बाबूलाल मरांडी
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट किया जाना यह बतलाता है कि किस तरह से जेएमएम के लोगों ने कानून अपने हाथ में लिया. कहा कि छात्रों के साथ मारपीट करने वाले जेएमएम के गुंडे थे. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि लोकतंत्र में पुतला दहन करने का काम लोग करते रहे हैं, इसका मतलब यह नहीं है न कि विरोध करने वालों के साथ मारपीट की जाए. जो भी लोग इस तरह की घटना में शामिल हैं, सभी के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करें. भारतीय जनता पार्टी यह मांग करती है कि दोषियों की गिरफ्तारी भी हो.
जेपीएससी-जेएसएससी को लेकर छात्र कर रहे हैं आंदोलन
जेएसएससी-जेपीएससी में कठित धांधली को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं. इस बीच पिछले दिनों छात्रों के आंदोलन के बाद सीएम हेमंत सोरेन के मंत्रीमंडल की बैठक की. बैठक के बाद जेएसएससी-सीजीएल समेत कई नियुक्ति को रद्द करने की घोषणा कर दी. इसके बाद हाई कोर्ट ने इस आदेश को निरस्त कर दिया. यहीं से छात्रों का आंदोलन फिर से उठ खड़ा हुआ.

शुक्रवार को गिरिडीह में भी मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने की तैयारी की गई थी. झंडा मैदान में छात्रों का जुटान हुआ था. मुख्यमंत्री का पुतला तैयार था. तभी झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता और कार्यकर्त्ता पहुंच गए. नोंक-झोंक के बाद छात्रों को पीटा गया. छात्रों ने मारपीट का आरोप जेएमएम के कार्यकर्त्ता और नेताओं पर लगाया है.
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