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मिलिए बिहार की बबली से...बेटी की चाह को बनाया मुहिम, 'मां' बनकर 30 से अधिक गरीब बेटियों की कराई शादी

बेटी की चाह का सपना जब पूरा नहीं हुआ तो उन्होंने समाज की बेटियों को ही अपना लिया. पढ़िए विवेक कुमार की रिपोर्ट

BABLI BECAME MOTHER TO NEEDY GIRLS
मुजफ्फरपुर की बबली (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : May 7, 2026 at 6:10 PM IST

7 Min Read
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मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर से एक बेहद खूबसूरत और सुकून देने वाली खबर आई है. यहां की बबली कुमारी की कहानी समाज की सोच बदलने की ताकत रखती है.बबली की चाह थी कि उन्हें भी बेटी हो. लेकिन जब यह चाहत पूरी नहीं हुई तो वो अपने शहर की बेटियों की मां बन गयीं. उन्होंने शहर की गरीब और जरूरतमंद बेटियों को ही अपनी बेटी बना लिया और अब उनकी शादी करवाती हैं. अब तक 30 से ज्यादा गरीब लड़कियों की शादी करवा चुकी है. मिलिए बबली कुमारी से जिनकी सोच ने एक छोटे से प्रयास को आज एक बड़े सामाजिक अभियान का रूप दे दिया है.

दर्जनों बेटियों के लिए बनीं ‘मां’: समाज में जहां आज भी कई जगह बेटी का जन्म बोझ समझा जाता है और बहुओं को ताने सुनने पड़ते हैं. वहीं बबली कुमारी ने न सिर्फ अपनी बेटी की चाह को समाज सेवा में बदल दिया, बल्कि अब तक दर्जनों गरीब और जरूरतमंद बेटियों के लिए ‘मां’ बन चुकी हैं. दरअसल उनका सपना था कि उनके घर एक बेटी जन्म ले, लेकिन जब यह सपना पूरा नहीं हुआ तो उन्होंने समाज की बेटियों को ही अपना लिया.

देखें रिपोर्ट (ETV Bharat)

समाज की सोच को बदला: बबली शुरुआत में अकेले थीं, लेकिन अब धीरे-धीरे कई महिलाओं की एक सशक्त टीम बन चुकी है.आम तौर पर समाज में गृहणियों को सिर्फ घर की चहारदीवारी तक सीमित मान लिया जाता है. लेकिन मुजफ्फरपुर में बबली और उनकी टीम ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है. ये महिलाएं अपने घर खर्च से थोड़ी-थोड़ी बचत कर गरीब बेटियों की शादी करवा रही हैं. साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी अहम भूमिका निभा रही हैं.

BABLI BECAME MOTHER TO NEEDY GIRLS
ETV Bharat GFX (ETV Bharat)

सामाजिक अभियान में बदली सोच: बबली ने ठान लिया कि जिन गरीब परिवारों की बेटियां आर्थिक तंगी के कारण शादी के योग्य होने के बावजूद घर बैठी हैं, उनकी जिम्मेदारी वह खुद उठाएंगी. यही सोच आगे चलकर एक बड़े सामाजिक अभियान में बदल गई. अभियान की शुरूआत का जिक्र करते हुए बबली बताती हैं कि करीब आठ साल पहले वे बाजार गई थीं, तभी एक महिला उनसे मिली और अपनी बेटी की शादी की चिंता को लेकर रोने लगी. बबली ने बताया कि वह महिला आर्थिक तंगी के कारण अपनी बेटी की शादी नहीं कर पा रही थी. तभी उन्होंने महिला की परेशानी को समझा और मदद का भरोसा दिया.

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ETV Bharat GFX (ETV Bharat)

परिवार ने भी दिया साथ: बबली आगे कहती हैं कि घर लौटकर उन्होंने अपने परिवार से इस बारे में चर्चा की. शुरुआत में सबने इसे मुश्किल काम बताया, लेकिन पति ने उनका साथ दिया. बबली के मुताबिक पति ने कहा कि जब तुमने कदम बढ़ा लिया है, तो मैं भी तुम्हारे साथ हूं. यही समर्थन बबली के हौसले की सबसे बड़ी ताकत बना. इसके बाद बबली उस महिला के घर गईं, उनकी स्थिति को देखा और मदद का निर्णय लिया.

सफर की हुई शुरुआत: बबली ने लड़की के लिए योग्य वर की तलाश की, लड़के के परिवार से बात की और शादी के लिए सहमति भी हासिल की. बबली का मानना है कि सिर्फ शादी करवा देना ही काफी नहीं है. इसलिए उन्होंने उस लड़की को शादी से पहले सिलाई की ट्रेनिंग दिलवाई, ताकि वह आत्मनिर्भर बन सके. शादी के लिए पैसे जुटाना भी आसान नहीं था. बबली ने मंदिर के पुजारी, वार्ड पार्षद और समाज के अन्य लोगों से संपर्क किया. मंदिर में शादी का आयोजन किया गया और पूरे रीति-रिवाज के साथ कन्यादान भी बबली ने ही किया. यहीं से उनके इस सफर की शुरुआत हुई.

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योजना बनाती बबली व अन्य महिलाएं (ETV Bharat)

जरुरूतमंदों की मदद का प्रण: बबली को एहसास हुआ कि समाज में ऐसी कई बेटियां हैं जिन्हें मदद की जरूरत है. उन्होंने ठान लिया कि वह ऐसे परिवारों को ढूंढकर उनकी मदद करेंगी. शुरुआत में बबली अकेले ही यह काम करती थीं, लेकिन धीरे-धीरे उनकी सोच और काम से प्रभावित होकर अन्य महिलाएं भी उनके साथ जुड़ती गईं. आज बबली के साथ 25 महिलाओं की एक मजबूत टीम काम कर रही है. इस टीम की खास बात यह है कि इसमें ज्यादातर महिलाएं गृहिणी हैं, जो अपने घर खर्च से कुछ पैसे बचाकर इस नेक काम में योगदान देती हैं. इन महिलाओं के पति और परिवार भी उनका पूरा सहयोग करते हैं.

2023 में बनाई संस्था: साल 2023 में बबली और उनकी टीम ने अपने इस अभियान को संगठित रूप देने के लिए एक संस्था बनाई. संस्था का नाम 'सोशल वर्कर फॉर वूमेन एंपावरमेंट' रखा और इसे रजिस्टर भी कराया. संस्था बनने के बाद उनका काम और तेजी से बढ़ा और ज्यादा लोग उनसे जुड़ने लगे. अब यह टीम न सिर्फ शादी करवाती है, बल्कि लड़कियों को दूसरे शहरों व जिलों में भी महिलाओं व बच्चियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण भी देती हैं.

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शादी में दुल्हन को गिफ्ट देतीं बबली व अन्य महिलाएं (ETV Bharat)

पूरी योजना बनाकर करती हैं मदद: बबली और उनकी टीम अब तक 30 से अधिक गरीब बेटियों की शादी करवा चुकी है, जिनमें से 8 लड़कियों का कन्यादान खुद बबली ने किया है. हर शादी में यह टीम पूरी जिम्मेदारी उठाती है. हर लड़की को पायल, बिछिया और नाक की नथ जैसे जेवर जरूर दिए जाते हैं. साथ ही शादी के लिए राशन, सजावट और अन्य व्यवस्थाएं भी की जाती हैं. शादी से पहले उनकी टीम लड़की और उसके परिवार से मिलती है, उनकी आर्थिक स्थिति का जायजा लेती है और फिर पूरी योजना बनाकर मदद करती है.

टीम जरुरूतमंदों की तलाश में रहती है: बबली बताती हैं कि इस साल अप्रैल और मई में भी दो बेटियों की शादी की तैयारी चल रही है. टीम लगातार ऐसे परिवारों की तलाश में रहती है जिन्हें मदद की जरूरत है. उनका लक्ष्य सिर्फ शादी करवाना नहीं है, बल्कि लड़कियों को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है. इसके लिए पार्लर, सिलाई-कढ़ाई जैसे प्रशिक्षण भी दिया जाता है. बबली की सहयोगी रानू गुप्ता बताती हैं कि वह पिछले 10 साल से बबली को जानती हैं. एक कार्यक्रम में मुलाकात के बाद जब उन्हें इस काम के बारे में पता चला तो वह भी इससे जुड़ गईं.

BABLI BECAME MOTHER TO NEEDY GIRLS
संस्था की ओर से बेटियों को दिया गया उपहार (ETV Bharat)

सकारात्मक बदलाव की मिसाल:वहीं पूनम गुप्ता कहती हैं कि संस्था बनने के बाद उनका काम और व्यवस्थित हो गया है. अब वे शिक्षा, वृद्धाश्रम और ब्लड डोनेशन जैसे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं. बबली और उनकी टीम का मानना है कि मां-बाप सिर्फ अपने बच्चों के ही नहीं होते, बल्कि समाज की बेटियों को भी अपनाकर उनके जीवन को संवार सकते हैं. जब समाज में बेटियों को लेकर नकारात्मक सोच अब भी मौजूद है, ऐसे में बबली की यह पहल एक सकारात्मक बदलाव की मिसाल बन रही है.

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