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बाबा श्याम के फाल्गुनी लक्खी मेले का भव्य समापन, 378वीं परंपरा का साक्षी बना खाटू धाम, 15 लाख से ज्यादा भक्तों ने किए दर्शन

खाटू श्याम जी का परंपरागत मेला निशान चढ़ाने की परंपरा के साथ संपन्न हुआ.

Nissan of Surajgarh offered to Shyam Baba
श्याम बाबा को चढ़ाया सूरजगढ़ का निशान (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 28, 2026 at 6:04 PM IST

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Updated : February 28, 2026 at 8:29 PM IST

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जयपुर: राजस्थान के सीकर जिले स्थित खाटू श्याम जी मंदिर में आयोजित वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले का भव्य समापन श्रद्धा, भक्ति और परंपरा के अद्भुत संगम के साथ हुआ. आठ दिनों तक चले इस विशाल धार्मिक आयोजन के अंतिम दिन द्वादशी पर सदियों पुरानी परंपरा निभाते हुए सूरजगढ़ का 378वां पवित्र निशान बाबा श्याम के शिखरबंध पर विधिवत चढ़ाया गया. यह परंपरा पिछले 378 वर्षों से निरंतर चली आ रही है और मेले के समापन का प्रमुख धार्मिक प्रतीक मानी जाती है. अब तक मेले में 15 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने श्याम बाबा के दर्शन किए हैं.

पदयात्रा की अनोखी परंपरा: सूरजगढ़ से आने वाला निशान जत्था विशेष आस्था और अनुशासन का उदाहरण माना जाता है. श्रद्धालु नाचते-गाते, भजन गाते हुए पदयात्रा कर खाटू धाम पहुंचते हैं. खास बात यह है कि यह एकमात्र जत्था है जो निशान चढ़ाने के बाद भी पैदल ही अपने नगर लौटता है. यह परंपरा श्रद्धालुओं के अटूट विश्वास और तपस्या का प्रतीक मानी जाती है. मेले के अंतिम दिन भक्तों की लंबी कतारें दर्शन के लिए लगी रहीं. श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम को खीर-चूरमा का भोग अर्पित कर परिवार, व्यापार और जीवन की खुशहाली की कामना की. कई श्रद्धालुओं ने जात-जडूला उतारने की परंपरा निभाई, जिसे मनोकामना पूर्ण होने का संकेत माना जाता है. मंदिर परिसर को सतरंगी फूलों से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक और मनमोहक दिखाई दे रहा था.

बाबा श्याम के मेले में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब (ETV Bharat Jaipur)

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मेले की सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता: फाल्गुनी लक्खी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था और लोक परंपराओं का जीवंत उत्सव है. यहां भजन संध्या, सेवा शिविर, निशान यात्राएं और प्रसाद वितरण जैसे कार्यक्रम पूरे मेले को भक्तिमय बना देते हैं. देशभर से लाखों श्रद्धालु इस मेले में भाग लेकर बाबा श्याम के दर्शन को अपने जीवन का सौभाग्य मानते हैं.

Scene from Shyam Baba's fair
श्याम बाबा के मेले का दृश्य (ETV Bharat Sikar)

अब तक 15 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे खाटू: आठ दिवसीय वार्षिक लक्खी मेले के मुख्य पर्व एवं मेला एकादशी पर 3 लाख 53 हजार 465 श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम के दरबार में शीश नवाया. 21 फरवरी से शुरू हुए मेले में अब तक कुल 15 लाख 14 हजार 874 श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन कर चुके हैं. श्रद्धालुओं की यह गणना श्री श्याम मंदिर कमेटी द्वारा लगाए गए आधुनिक गणना कैमरों के माध्यम से की गई. मेले के दौरान देश-विदेश से आए श्रद्धालु बाबा श्याम को खीर-चूरमा का भोग अर्पित कर अपनी मनोकामनाओं की जात-जडूला उतारते नजर आ रहे हैं.

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मंदिर समय में बदलाव की सूचना: मंदिर प्रशासन के अनुसार चंद्र ग्रहण के कारण 3 मार्च को मंदिर के पट बंद रहेंगे. 4 मार्च को सुबह मंदिर पुनः दर्शन के लिए खुलेगा और रात 10 बजे बंद होगा. इसके बाद सेवा-पूजा तिलक कार्यक्रम के चलते मंदिर 5 मार्च शाम 5 बजे फिर से दर्शनार्थ खोला जाएगा. यह जानकारी श्री श्याम मंदिर कमेटी के अध्यक्ष शक्ति सिंह की ओर से जारी की गई है. मेले के समापन के बाद अब 4 मार्च को मंदिर परिसर में धूलंडी उत्सव मनाया जाएगा, जिसमें रंग-गुलाल और भक्ति रस का अनूठा संगम देखने को मिलेगा. श्रद्धालुओं का मानना है कि इस दिन बाबा श्याम के दर्शन विशेष फलदायी होते हैं.

Last Updated : February 28, 2026 at 8:29 PM IST