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धनबाद में भीषण गर्मी में अग्नि के बीच कठोर तपस्या कर रहे बाबा, विश्व शांति के लिए अनोखा संकल्प

धनबाद में एक बाबा विश्व शांति के लिए भीषण गर्मी के मौसम में चारों तरफ अग्नि कुंड जला बीच में बैठ तपस्या कर रहे हैं.

Baba performing rigorous penance
अग्निकुंड के बीच तपस्या करते बाबा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : June 2, 2026 at 2:20 PM IST

3 Min Read
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धनबाद: भेला टांड स्थित शिव मंदिर परिसर में इन दिनों आध्यात्मिक चर्चा का केंद्र बने हुए हैं पुजारी संतोष पांडेय, जो अब स्वयं को परम् पूज्य त्यागी हठयोगी तपस्वी संतोष बाबा के नाम से पुकारते हैं. भीषण गर्मी, सिर पर जलती मिट्टी की मटकी और चारों ओर धधकते पांच अग्नि कुंडों के बीच घंटों तक चल रही उनकी तपस्या रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है.

तपस्या का स्वरूप

संतोष बाबा रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक तपती धूप में साधना करते हैं. उनके सिर पर मिट्टी की मटकी रहती है, जिसमें लगातार आग सुलगती है. चारों ओर पांच अग्नि कुंड बनाए गए हैं, जिनकी ज्वालाएं निरंतर प्रज्वलित रहती हैं. बाबा इन अग्नि कुंडों के बीच बैठकर मंत्रोच्चार और ध्यान में लीन रहते हैं. पिछले करीब 15 दिनों से यह सिलसिला जारी है. उन्होंने पूरे एक माह तक इस कठोर तपस्या को जारी रखने का संकल्प लिया है.

बाबा के साथ बात करते संवाददाता नरेंद्र निषाद (ETV Bharat)

जनकल्याण और विश्व शांति का उद्देश्य

बाबा का कहना है कि यह तपस्या किसी व्यक्तिगत इच्छा पूर्ति के लिए नहीं, बल्कि विश्व शांति, सद्भाव और मानव कल्याण के लिए की जा रही है. उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में दुनिया के विभिन्न हिस्सों खासकर मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और युद्ध की आशंकाओं को देखते हुए आध्यात्मिक शक्ति के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करना आवश्यक है.

Baba performing rigorous penance
तपस्या करते बाबा (ETV Bharat)

अश्वमेध यज्ञ की तैयारी

तपस्वी बाबा का मुख्य लक्ष्य भविष्य में एक भव्य अश्वमेध यज्ञ का आयोजन करना है. इस यज्ञ में 108 हवन कुंड स्थापित किए जाएंगे. अनुमानित खर्च 12 से 15 करोड़ रुपये तक है. बाबा मानते हैं कि इस कठोर तपस्या से उन्हें आवश्यक आध्यात्मिक शक्ति और संकल्प सिद्धि प्राप्त होगी, जिससे यज्ञ सफलतापूर्वक संपन्न हो सके.

Baba performing rigorous penance
तपस्या करते बाबा (ETV Bharat)

आगे और कठिन चुनौतियां

मलमास के साथ शुरू हुई यह तपस्या आगे और कठिन होने वाली है. आषाढ़ माह में वे खुले आसमान के नीचे बारिश और बिजली के बीच तप करेंगे. इसके बाद छठ पर्व से जल के अंदर खड़े होकर साधना शुरू करेंगे. तपस्वी बाबा की मां ने बताया कि उनका पुत्र अनाज नहीं खाता, केवल फलाहार पर रहता है. उनकी पूरी साधना जनकल्याण के लिए समर्पित है.

Baba performing rigorous penance
तपस्या करते बाबा (ETV Bharat)

श्रद्धालुओं में बढ़ा उत्साह

भीषण गर्मी में भी लोगों की भीड़ उमड़ रही है. आसपास के गांवों और शहर के विभिन्न इलाकों से श्रद्धालु बाबा के दर्शन करने और उनकी साधना का उद्देश्य जानने पहुंच रहे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार इतनी कठिन तपस्या सामान्य नहीं है, इसलिए इसे गहरी आस्था और तप की शक्ति से जोड़कर देखा जा रहा है. तपस्वी संतोष बाबा की यह अनूठी साधना फिलहाल पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.

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