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बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास शाहतलाई का 5.71 करोड़ का बजट पारित, श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर जोर

बजट में चैत्र मास के मिलन मेले के लिए भी 64 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है.

BABA BALAK NATH TEMPLE
बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास शाहतलाई (FILE@ETVBHARAT)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 19, 2026 at 5:28 PM IST

2 Min Read
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बिलासपुर: बिलासपुर जिले के प्रसिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर (शाहतलाई) में वर्ष 2026-27 के लिए 5 करोड़ 71 लाख रुपये का वार्षिक बजट सर्वसम्मति से पारित किया गया है. यह निर्णय मंदिर न्यास की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता आयुक्त एवं उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की. बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधाओं, विकास कार्यों और सुरक्षा व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया.

विकास कार्यों पर 2.08 करोड़ रुपये खर्च होंगे

बैठक में विकासात्मक कार्यों के लिए 2 करोड़ 8 लाख 50 हजार रुपये खर्च करने का फैसला लिया गया. इसके अलावा चैत्र मास के मिलन मेले के सफल आयोजन के लिए 64 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है. आर्थिक सहायता मद में 7 लाख रुपये और वार्षिक मरम्मत कार्यों के लिए साढ़े 5 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं. वहीं नॉन-प्लान मद के अंतर्गत 2 करोड़ 56 लाख 50 हजार रुपये का बजट तय किया गया है.

आधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनेगा

उपायुक्त राहुल कुमार ने मंदिर परिसर में श्री नैना देवी जी मंदिर की तर्ज पर आधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए. इससे भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा. उन्होंने चरण गंगा के सौंदर्यीकरण कार्य को जल्द पूरा करने के लिए जल शक्ति विभाग को दिशा-निर्देश जारी किए. मंदिर के जीर्णोद्धार कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया.

मंदिर परिसर में लाइब्रेरी खोलने के लिए स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही गौशाला के लिए एक हेक्टेयर भूमि का प्रस्ताव तैयार कर अनुमोदन के लिए भेजने को कहा गया. श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए क्षेत्र में सोलर लाइटें लगाने को भी मंजूरी दी गई है.

स्वास्थ्य सेवाओं पर भी ध्यान

उपायुक्त ने झंडूता स्वास्थ्य खंड में टीवी मरीजों के लिए न्यूट्रिशन किट उपलब्ध कराने का प्रस्ताव तैयार कर कार्यालय भेजने के निर्देश दिए. यह पहल भी श्री नैना देवी जी मंदिर की तर्ज पर की जाएगी, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर सहायता मिल सके.

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