श्रीरामलला के भोग-प्रसाद की फूड सेफ्टी जांच; 12 किलोमीटर की परिधि में नॉनवेज बिक्री बैन
खाद्य आयुक्त माणिक चंद्र सिंह ने बताया कि धार्मिक स्थलों पर देवता को अर्पित किए जाने वाले भोग-प्रसाद की गुणवत्ता जांच होती है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 10, 2026 at 10:50 AM IST
अयोध्या: श्रीराम जन्म भूमि मंदिर में विराजमान प्रभु श्रीरामलला और राजा राम को प्रतिदिन अर्पित होने वाले भोग-प्रसाद की शुद्धता और गुणवत्ता अब फूड सेफ्टी मानकों पर परखी जाएगी. खाद्य सुरक्षा विभाग की ऑडिट टीम राम मंदिर परिसर स्थित सीता रसोई का परीक्षण करेगी और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को फूड सर्टिफिकेशन प्रदान किया जाएगा.
इतना ही नहीं मंदिर परिसर के 12 किलोमीटर रेंज में अब नॉनवेज खाद्य पदार्थों की बिक्री और डिलीवरी पर भी रोक लगा दी गई है. पंचकोशी परिक्रमा पथ पर शराब की बिक्री पर पहले से ही प्रतिबंध लग चुका है.
विभाग जारी करेगा सर्टिफिकेट: खाद्य आयुक्त माणिक चंद्र सिंह ने बताया कि धार्मिक स्थलों पर देवता को अर्पित किए जाने वाले भोग-प्रसाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह सर्टिफिकेशन प्रक्रिया अपनाई जाती है.
उन्होंने बताया कि सितंबर 2025 में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से इस विषय पर बातचीत हुई थी. उस समय सहमति बनी थी कि प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद रसोई का ऑडिट कराया जाएगा. विभाग का प्रयास है कि जनवरी के अंतिम सप्ताह या फरवरी के पहले सप्ताह तक सर्टिफिकेशन जारी कर दिया जाए.
प्रसाद निर्माण की होगी जांच: खाद्य आयुक्त ने बताया कि ऑडिट के दौरान भोग-प्रसाद में उपयोग होने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था, रसोई की साफ-सफाई, बर्तनों की स्वच्छता और प्रसाद निर्माण की प्रक्रिया की बारीकी से जांच होगी. यह भी देखा जाएगा कि रसोई में काम करने वाले कुक और अन्य कर्मचारी शारीरिक और मानसिक रूप से फिट हैं या नहीं? हाइजीन से जुड़े सभी नियमों का पालन हो रहा है या नहीं?
कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग: खाद्य आयुक्त ने बताया कि सर्टिफिकेशन के बाद रसोई में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसमें उन्हें फूड सेफ्टी, हाइजीन, स्टोरेज और प्रसाद निर्माण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी जाएगी. ताकि भगवान श्रीराम को अर्पित होने वाला भोग पूरी तरह शुद्ध और सुरक्षित रहे.
उन्होंने बताया कि पहले भी इलायची का प्रकरण सामने आया था, जिसकी प्रयोगशाला जांच कराई गई. वह पूरी तरह शुद्ध पाई गई थी. आम श्रद्धालुओं को वितरित किया जाने वाला प्रसाद भी जांच में मानकों पर खरा उतरा है. इस प्रक्रिया का उद्देश्य श्रद्धालुओं की आस्था के साथ किसी प्रकार का समझौता किए बिना स्वास्थ्य, शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है, ताकि प्रभु श्रीराम को अर्पित किया जाने वाला प्रत्येक भोग फूड सेफ्टी मानकों पर खरा रहे.
12 किमी रेडियस में नॉनवेज बैन: खाद्य आयुक्त माणिक चंद्र सिंह ने बताया कि राम मंदिर के 12 किलोमीटर की परिधि में पंचकोशी परिक्रमा मार्ग के भीतर नॉनवेज खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी. ऑनलाइन बुकिंग और बिक्री करने वाली कंपनियों पर भी नियम लागू रहेगा.
हम अयोध्या के होटल्स, रेस्टोरेंट और ढाबों को निर्देश जारी करेंगे कि अयोध्या क्षेत्र में डिलीवर होने वाले नॉनवेज की बुकिंग न लें. अयोध्या के रामपथ और पंचकोसी परिक्रमा के परिधि में शराब बिक्री पर पहले से प्रतिबंध लगा है.

