ज़हरीला है धर्मांतरण गैंग का संदिग्ध आतंकी अयान जावेद, जानें अब तक कितना उगल चुका है ज़हर
‘वन उम्माह वन बॉडी’ से अयान जावेद मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के संपर्क में आया था. दिल्ली के शाहीन बाग से धर्मांतरण गैंग चलता था.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 9, 2026 at 4:15 PM IST
|Updated : March 10, 2026 at 9:18 AM IST
आगरा: आगरा पुलिस की कस्टडी रिमांड पर बहुचर्चित सगी बहनों के धर्मांतरण मामले में आरोपी संदिग्ध आतंकी अयान जावेद है. इस मामले में आगरा पुलिस के साथ ही सुरक्षा एजेंसियां लगातार पूछताछ कर रही हैं. उससे धर्मांतरण गैंग में कितने सदस्य हैं? फंडिंग कहां से हो रही है? नेटवर्क कहां तक है? इसके पीछे क्या मकसद है? युवतियां उनके बहकावे में कैसे आ जाती हैं?
संदिग्ध आतंकी अयान जावेद ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए, तो कई अहम सवालों के जबाव गोल मोल दिए गए हैं. इतना ही नहीं, उसने पाकिस्तान और आतंकी संगठनों से मिली फंडिंग पर चुप्पी साध रखी है.



आगरा पुलिस, एटीएफ और आईबी की टीमें उससे आगरा धर्मांतरण गैंग में उसके खिलाफ मिले सबूतों के आधार पर अयान जावेद से पूछताछ कर रही हैं.
आइए, जानते हैं कि अयान जावेद कौन है, आगरा पुलिस ने किस आरोप में बी वारंट पर झारखंड की रांची जेल से लेकर आई है. जो 10 मार्च तक पुलिस रिमांड पर है.
बता दें कि आगरा के सदर थाना क्षेत्र की सगी बहनें मार्च 2025 में गायब हुई थीं. जिस पर उनकी सदर थाना में गुमशुदगी दर्ज हुई थी. मई 2025 में सगी बहनों के धर्मांतरण की जानकारी मिली, तो पुलिस भी धर्मांतरण की छानबीन के नेटवर्क का खेल देखकर चौंक गई थी.







पुलिस ने जांच के बाद 18 जुलाई को सगी बहनों की तलाश में कोलकाता सहित 6 राज्यों में धर्मांतरण मामले में छापामार कार्रवाई की.
पुलिस ने कोलकाता के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र से सगी बहनें मुक्त कराया. साथ ही धर्मांतरण गैंग की हेड गर्ल एसबी कृष्णा उर्फ आयशा समेत 10 आरोपी गिरफ्तार किए थे. इनसे पूछताछ के बाद पुलिस ने दिल्ली के मुस्तफाबाद में दबिश देकर धर्मांतरण गैंग के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल और उसके दोनों बेटे समेत तीन और आरोपियों को पकड़ा.
इस मामले में धर्मांतरण गैंग का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान, आयशा उर्फ एसबी कृष्णा, रहमान कुरैशी, पीयूष उर्फ मुहम्मद अली, शेखर राय उर्फ मोहम्मद हसन, ओसामा, अबू तालिब, अबू रहमान, जुनैद कुरैशी, मुस्तफा और रीत बानिक उर्फ इब्राहिम, अब्दुल्ला, अब्दुल रहीम और जुनैद जेल में हैं.
जानें कौन है अयान जावेद

आगरा पुलिस छानबीन के बाद झारखंड की रांची जेल पहुंची. पुलिस ने धर्मांतरण गैंग के रांची जेल में बंद संदिग्ध आतंकी अयान जावेद को बी वारंट में लिया. इसके बाद उसे रांची से आगरा लेकर आई. जो 10 मार्च तक पुलिस की कस्टडी रिमांड पर है.
संदिग्ध आतंकी 22 वर्षीय अयान जावेद झारखंड के धनबाद का निवासी है. जिसे झारखंड एटीएस ने 2025 में अयान, उसकी पत्नी और दो अन्य सहयोगियों को धनबाद से गिरफ्तार किया था.
आरोपी अयान जावेद प्रतिबंधित संगठन 'हिज्ब उल तहरीर' (HuT) और 'अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट' (AQIS) से जुड़ा था. संदिग्ध आतंकी अयान जावेद और उसके साथी सोशल मीडिया के माध्यम से देश विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से लिप्त मिले थे.
'धर्मांतरण नहीं रुकेगा'

पुलिस, एटीएस और आईबी की पूछताछ में संदिग्ध आतंकी अयान जावेद ने कहा कि "उसके पकड़े जाने से धर्मांतरण नहीं रुकेगा. इसमें वो अकेला नहीं है. देश में धर्मांतरण का कोई एक संगठित गिरोह नहीं है. जो इस्लाम को पढ़ता है. वह उसकी राह पर चल निकलता है. जिनका ब्रेनवॉश किया जाता है, उन्हें दोबारा उनके धर्म में वापस लाना आसान नहीं होता है."
गौर करें तो अयान जावेद की पहचान आगरा के रहमान कुरैशी से थी. रहमान कुरैशी भी दीन के लिए काम करता था. वह मजहब से जुड़े वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड करता था. अयान जावेद की कट्टरता से सुरक्षा एजेंसियों की टीमें भी हैरान हैं. उसे अपने किए पर ना कोई पछतावा है और ना कोई मलाल. उसका यही कहना है कि उसे पहले ही पकड़ लिया गया. जिससे जेल में बंद अपने साथियों को नहीं छुड़ा सका. रविवार को आरोपित से आईबी और एटीएस ने करीब सात घंटे पूछताछ की.

दिल्ली के शाहीन बाग से चलता था धर्मांतरण गैंग
पुलिस, एटीएस और आईबी की पूछताछ में आरोपित संदिग्ध आतंकी अयान जावेद ने कहा कि "अभी सिर्फ एक गैंग पकड़ा गया है. ऐसे ही कई धर्मांतरण कराने वाले गैंग देश के अलग अलग राज्य और शहरों में एक्टिव हैं. कई दावा सेंटर भी चल रहे हैं. जिससे हर दिन किसी न किसी का ब्रेन वॉश किया जाता है. दिल्ली के शाहीन बाग में शोहिब धर्मांतरण गैंग चला रहा है. ये समझें कि अब्दुल रहमान के पकड़े जाने के बाद भी गतिविधियां बंद हो गई हैं. ऐसा नहीं हुआ है."

आईएम सदस्य से कनेक्शन रहा
एटीएस और पुलिस की पूछताछ में अयान जावेद ने बताया कि "सन 2024 में मुझे जानकारी हुई कि धनबाद निवासी समीक जेल से रिहा हुआ है. जिस पर उससे मिला. समीक 2014 में इंडियन मुजाहिदीन का सदस्य होने के आरोप में पकड़ा गया था. जो करीब 10 साल जेल में रहा था. उसके जेल से बाहर आने पर साथियों के साथ मिला. समीक ने हमें दीन की बातें बताईं. मेरा उससे कनेक्शन ऐसा जुड़ा कि सन 2025 में धनबाद की एक मस्जिद में बैठक करके हथियार जुटाने की योजना बनाई. जिसके बाद वासेपुर में हथियार तस्करों से संपर्क करके इंस्टाग्राम पर अबू रिदा से दो पिस्टल और कारतूस देने की बात हुई. मगर, अप्रैल 2025 में झारखंड एटीएस ने मुझे और मेरे साथियों को गिरफ्तार कर लिया."
व्हॉट्सएप ग्रुप से युवती को फंसाने की कोशिश
पुलिस कस्टडी रिमांड पर आए संदिग्ध आतंकी अयान जावेद ने बताया कि, "व्हॉट्सएप ग्रुप ‘वन उम्माह वन बॉडी’ था. जिसमें करीब 200 लोग जुड़े थे. ग्रुप में गैर इस्लामिक युवक-युवतियों को इस्लाम में कन्वर्ट करने के तरीके बताए जाते थे. इसमें ही आगरा का रहमान कुरैशी, कोलकाता की आयशा उर्फ एबी कृष्णा, रित बनिक, अबू तालिब और अब्दुल रहमान समेत अन्य जुड़े थे. इसी ग्रुप के जरिए में रहमान कुरैशी के संपर्क में आया था. जिस पर मुझे देहरादून की एक युवती का नंबर मिला. मैं उसके साथ निकाह करना चाहता था. इसके लिए उसे अपने पास बुलाने को कई प्रयास किए. एक बार तो उसे लेने के लिए गाड़ी भी भेजी थी. मगर, वो नहीं आई. इसके साथ ही ऑनलाइन चल रही ऐसी कई अकादमी के बारे में भी अयान जावेद ने जानकारी दी है कि जो ऑनलाइन क्लास के माध्यम से मुस्लिमों को मजबूत करने के तरीके और विभिन्न किताबों की जानकारी दी जाती थी."
लोगों को अपने मज़हब से जोड़ना मकसद इनका
संदिग्ध आतंकी अयान जावेद ने पूछताछ में बताया कि "गजवा-ए-हिंद के लिए बारूद ही पर्याप्त नहीं है. इसके लिए लोगों को अधिक से अधिक संख्या में अपने मजहब से जोड़ना है. यही मेरा मकसद है. इसके लिए हम हथियार नहीं उठाते और ना ही किसी को डराते-धमकाते हैं. सिर्फ ‘दावा सेंटर’ बनाए जाते हैं. जहां लोगों को इस्लाम धर्म की अच्छाइयां बताई जाती हैं. उन्हें यही समझाया जाता है कि इस धर्म में वे लोग किस तरह सुरक्षित हैं."
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां कर रही पूछताछ

पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि सगी बहनों के धर्मांतरण मामले की विवेचना में झारखंड के धनबाद निवासी अयान जावेद का नाम सामने आया है. जो देहरादून की युवती के संपर्क में था और उससे निकाह करना चाहता था. जिसके लिए अयान जावेद ने युवती को देहरादून से भगाने की साजिश रची थी.
छानबीन में पता चला कि आरोपी अयान जावेद रांची सेंट्रल जेल में बंद है. जिसे झारखंड एटीएस ने देश-विरोधी गतिविधियों के आरोप में पकड़ा था. जिस पर धर्मांतरण मामले की विवेचक रीता यादव के साथ पुलिस टीम रांची भेजी थी. जो उसे बी वारंट पर आगरा लेकर आई.
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मृत्युंजय श्रीवास्तव की कोर्ट से संदिग्ध आतंकी अयान जावेद का दस मार्च की शाम तक का पुलिस कस्टडी रिमांड मिला है. उससे पुलिस के साथ ही सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं.
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