लखनऊ में आवास विकास का एक्शन, इंदिरा नगर में अस्पताल समेत 7 भवन सील
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने की कार्रवाई, व्यावसायिक गतिविधियों पर कड़ा रुख.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 4, 2026 at 8:32 AM IST
लखनऊ: उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने आवासीय क्षेत्र में चल रही अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की. निर्माण खंड लखनऊ-06 की टीम ने इंदिरा नगर क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रहे 7 भवनों को प्रवर्तन दल की मौजूदगी में सील कर दिया.
आवास विकास परिषद के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि इन सभी आवंटित और निजी आवासीय भवनों में बिना किसी वैध मानचित्र स्वीकृति और भू-उपयोग परिवर्तन के बड़े पैमाने पर कमर्शियल गतिविधियां चलाई जा रही थीं. कई बार नोटिस देने के बाद भी संचालकों ने नियमों की अनदेखी की, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया.
बताया कि आवासीय भवनों में अवैध रूप से अस्पताल का संचालन मिला. उसे सील कर दिया. एक भवन में एक साथ होटल, लाइब्रेरी और रेंटल रूम्स जैसी व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं. पूरे परिसर को बंद कर सील लगा दी गई. वहीं, आवासीय प्लॉट पर बिना अनुमति के संचालित हो रहे दूसरे अस्पताल को भी टीम ने सील किया. दो आवासीय परिसरों में अवैध रूप से होटल चलाए जा रहे थे. दोनों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई. इसके अलावा निर्माणाधीन होटल व कमर्शियल कॉम्प्लेक्स भी शामिल है. 7 भवनों को सील किया गया.
निर्माण खंड लखनऊ-06 के अधिकारियों ने बताया कि आवासीय कॉलोनियों में इस तरह की व्यावसायिक गतिविधियों से न केवल मूलभूत ढांचे पर दबाव पड़ता है बल्कि क्षेत्र में पार्किंग, ट्रैफिक और सुरक्षा की समस्या भी बढ़ती है. परिषद का स्पष्ट कहना है कि बिना भू-उपयोग परिवर्तन और मानचित्र पास कराए कोई भी व्यावसायिक गतिविधि अवैध मानी जाएगी.
परिषद ने चेतावनी दी है कि इंदिरा नगर के अलावा अन्य योजनाओं में भी सर्वे जारी है.जहां भी आवासीय भवनों में अवैध होटल, अस्पताल, लाइब्रेरी या कॉम्प्लेक्स चलता मिला, वहां इसी तरह की सीलिंग कार्रवाई की जाएगी.नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार का व्यावसायिक निर्माण या संचालन करने से पहले परिषद से विधिवत अनुमति अवश्य लें.
अधिकारियों के मुताबिक यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि आवासीय क्षेत्रों का मूल स्वरूप बरकरार रखा जा सके और नियमों का पालन सुनिश्चित हो.
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