ETV Bharat / state

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान: शेख हसीना को भारत में शरण देने से भड़की बांग्लादेश में हिंसा

शंकराचार्य ने कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश का डीएनए है एक.

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Photo Credit: ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 4, 2026 at 1:55 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

सहारनपुर: बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर उत्तराखंड के जोशीमठ में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि वहां हो रहे हमले का कारण भारत सरकार के द्वारा बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को शरण देना है. शंकराचार्य ने कहा कि बांग्लादेश के लोगों ने शेख हसीना को देश से बाहर निकाल दिया था. जिसके बाद वह भारत आईं. यहां वह रेड कार्पेट पर चल रही हैं और शॉपिंग कर रही हैं. जिसका वीडियो सोशल मीडिया के जरिए बांग्लादेश पहुंच रहे हैं और वहां के लोगों में गुस्सा है.

उन्होंने कहा कि शेख हसीना ने औपचारिक रूप से भारत से शरण नहीं मांगी और सीधे भारत आ गईं. शरण देना भारत की परंपरा है. लेकिन सरकार ने लोकसभा सत्र के दौरान इस संबंध में कोई प्रस्ताव भी पेश नहीं किया.

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Video Credit: ETV Bharat)
शंकराचार्य ने कहा कि जिस महिला को बांग्लादेश से बाहर निकाला गया उसे भारत में शरण दी गई है. जिससे वहां के लोगों में भारत के प्रति नफरत पैदा हो रही है. बांग्लादेश के लोगों की भारत के प्रति भावनाएं पहले मैत्रीपूर्ण थीं, लेकिन अब वे नफरत में बदल रही हैं. अगर भारत सरकार इस मामले में कार्रवाई नहीं करती है, तो बांग्लादेश भी पाकिस्तान की तरह हमला करना शुरू कर देगा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश का डीएनए एक ही है, और ऐसी स्थिति में बांग्लादेश भी पाकिस्तान जैसा व्यवहार करना शुरू कर देगा. भारत सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए ताकि बांग्लादेश फिर से पाकिस्तान का हिस्सा न बन जाए.

शंकराचार्य ने एसआईआर को लेकर कहा कि अगर चुनाव आयोग मतदाता सूची को पारदर्शी बनाना चाहता है, तो सत्ताधारी दल या विपक्ष किसी को भी इसका विरोध नहीं करना चाहिए. वैध वोटों को खारिज करना और फर्जी वोट बनाना दोनों ही देश के खिलाफ अपराध हैं.पूरी जांच होनी चाहिए कि देश में 1.5 अरब लोगों में से 210 मिलियन लोग कहां से और कैसे आए.

यह भी पढ़ें: अयोध्या राम मंदिर ध्वजारोहण पर शंकराचार्य ने उठाए सवाल; कहा- पूरा कार्यक्रम ही शास्त्र के विपरीत

यह भी पढ़ें: PMO का नाम 'सेवातीर्थ' करने पर भड़के अविमुक्तेश्वरानंद; कहा- यह धार्मिक शब्द, वहां साजिश होती है, उसे पवित्र कैसे कह सकते हैं?