CNG की बढ़ी कीमत से ऑटो ड्राइवर परेशान, सरकार और परिवहन विभाग की किराया समीक्षा की मांग
CNG कीमत बढ़ने के बाद दिल्ली में ऑटो ड्राइवरों की मुश्किलें बढ़ी,कहा रोजाना की कमाई और खर्च का संतुलन बिगड़ा,सरकार और विभाग से लगाई गुहार

Published : August 31, 2026 at 4:10 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली में CNG की कीमत बढ़ने के बाद ऑटो ड्राइवरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. रोजाना सड़कों पर ऑटो चलाकर अपने परिवार का गुजारा करने वाले ड्राइवरों का कहना है कि CNG महंगी होने से उनकी रोज की लागत बढ़ गई है. सुबह से देर रात तक ऑटो चलाने के बावजूद कमाई का एक बड़ा हिस्सा अब CNG पर खर्च हो रहा है. इसके अलावा ऑटो की सर्विस, मेंटेनेंस, टायर और दूसरे खर्च अलग हैं. ऐसे में ड्राइवरों का कहना है कि मौजूदा किराए में ऑटो चलाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है.
CNG के दाम बढ़ने का सीधा असर ऑटो ड्राइवरों पर: ऑटो ड्राइवरों के मुताबिक उनकी कमाई काफी हद तक रोजाना चलने वाले किलोमीटर और CNG की खपत पर निर्भर करती है. CNG के दाम बढ़ने का सीधा मतलब है कि पहले जितने पैसे में ऑटो चल जाता था, अब उतने ही पैसे में कम दूरी तय हो रही है. इसका असर उनकी रोज की बचत पर पड़ रहा है. ड्राइवरों का कहना है कि ईंधन की कीमत बढ़ने के साथ ऑटो के किराए में भी बदलाव होना जरूरी है, ताकि बढ़ी हुई लागत का बोझ सिर्फ ड्राइवरों पर न पड़े.
ऑटो ड्राइवरों ने की किराया बढ़ाने की मांग : CNG की बढ़ी कीमत के बाद ऑटो ड्राइवरों की मांग अब किराया बढ़ाने की है. ड्राइवरों का कहना है कि यह मांग किसी अतिरिक्त कमाई के लिए नहीं, बल्कि बढ़ती लागत को संतुलित करने के लिए है. उनका कहना है कि ऑटो चलाने से जुड़े हर खर्च में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन किराए में उसी अनुपात में बदलाव नहीं हुआ है.
ऑटो ड्राइवर के रोजाना की कमाई और खर्च का संतुलन बिगड़ा: कई ऑटो ड्राइवर ऐसे भी हैं जो अपना ऑटो नहीं चलाते बल्कि किराए पर वाहन लेकर रोज काम करते हैं. ऐसे ड्राइवरों के लिए बढ़ी हुई CNG एक अतिरिक्त दबाव बन गई है. उन्हें रोजाना CNG का खर्च निकालने के साथ-साथ वाहन का किराया भी देना होता है. दिनभर की कमाई में से ये दोनों खर्च निकालने के बाद परिवार के लिए सीमित रकम बचती है.ऑटो ड्राइवरों का कहना है कि CNG की कीमत बढ़ने के साथ उनकी रोजाना की कमाई और खर्च का संतुलन बिगड़ गया है. उनका कहना है कि ईंधन की कीमत बढ़ने के बाद अगर किराए में बदलाव नहीं हुआ तो बढ़ती लागत का पूरा दबाव ड्राइवरों पर ही रहेगा.
परिवहन विभाग से ऑटो किराया के समीक्षा की मांग: ड्राइवर संगठनों की मांग है कि सरकार और परिवहन विभाग मौजूदा ऑटो किराए की समीक्षा करें. उनका कहना है कि CNG की मौजूदा कीमत और ऑटो चलाने के बढ़ते खर्च को देखते हुए किराए में उचित बढ़ोतरी की जानी चाहिए. ऑटो ड्राइवरों के मुताबिक CNG उनके काम की सबसे बड़ी लागत में शामिल है. ऐसे में CNG की कीमत में हुई बढ़ोतरी सीधे उनकी बचत को प्रभावित कर रही है.अब ऑटो चालक संगठनों की नजर सरकार और परिवहन विभाग के फैसले पर है. उनका कहना है कि अगर किराए की समीक्षा जल्द नहीं हुई तो उनके लिए इस पेशे में काम करना और परिवार की जरूरतें पूरी करना लगातार मुश्किल होता जाएगा. फिलहाल CNG की बढ़ी कीमत ने दिल्ली के ऑटो ड्राइवरों के सामने कमाई और खर्च का नया गणित खड़ा कर दिया है. अब देखना होगा कि सरकार और परिवहन विभाग ऑटो चालकों की इस मांग पर क्या फैसला लेते हैं और क्या CNG की बढ़ी कीमत के बाद दिल्ली में ऑटो का किराया भी बढ़ाया जाता है.
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