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भारतीय ज्वैलरी का 5000 साल का इतिहास एक बुक में, मशहूर लेखिका उषा बालाकृष्णन की पुस्तक का विमोचन

आम्रपाली म्यूजियम में देशभर की ज्वैलरी के कलेक्शन पर आधारित बुक 'सिल्वर एंड गोल्ड विजन ऑफ आर्केडिया' का विमोचन किया गया.

Book released
किताब का विमोचन (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 26, 2026 at 7:04 PM IST

3 Min Read
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जयपुर: गोल्ड और सिल्वर की लगातार बढ़ती कीमतों के बावजूद ज्वैलरी के प्रति लोगों का क्रेज बरकरार है. इस बीच देशभर के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग जाति और समुदाय द्वारा पहनी जाने वाली ज्वैलरी के बारे में मशहूर लेखिका उषा आर बालाकृष्णन की लिखी बुक 'सिल्वर एंड गोल्ड- विजन ऑफ आर्केडिया' का गुरुवार को विमोचन किया गया. यह पुस्तक जयपुर के आम्रपाली म्यूजियम में स्थित गोल्ड और सिल्वर की प्राचीन और आधुनिक ज्वैलरी पर आधारित है. आज आम्रपाली म्यूजियम में लेखिका उषा बालाकृष्णन, कांग्रेस नेता और आम्रपाली म्यूजियम के फाउंडर राजीव अरोड़ा व अन्य अतिथियों ने इस किताब का विमोचन किया. इस दौरान कई विदेशी मेहमान भी मौजूद रहे.

आकर्षक है म्यूजियम का कलेक्शन: आम्रपाली म्यूजियम के फाउंडर राजीव अरोड़ा ने बताया, यह म्यूजियम संभवतः दुनिया में सिल्वर और गोल्ड ज्वैलरी का सबसे बड़ा कलेक्शन है. इसमें पारंपरिक आर्ट से लेकर फोक आर्ट में बनी ज्वैलरी का कलेक्शन है. किसी भी दूसरे म्यूजियम में सिल्वर और गोल्ड ज्वैलरी की इतनी वैरायटी नहीं है. इस पर बुक के तीन पब्लिकेशन निकल चुके हैं. सबसे पहले एक कैटलॉग जारी किया गया. एक किताब मशहूर लेखक देवदत्त पटनायक ने लिखी और अब इस बुक की लेखिका उषा बालकृष्णन हैं. जिसका नाम 'सिल्वर एंड गोल्ड- विजन ऑफ आर्केडिया' है.

बुक को लेकर राजीव अरोड़ा ने बताई खास बातें, देखें वीडियो (ETV Bharat Jaipur)

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देशभर की ज्वैलरी की जानकारी: यह बुक देश में उत्तर से लेकर दक्षिण तक और पूर्व से लेकर पश्चिम तक पहनी जाने वाली ज्वैलरी, उन पर की गई कलाकारी के बारे में लिखी गई है. सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर आज तक का ज्वैलरी का करीब पांच हजार साल पुराना इतिहास है. दुनिया में किसी भी जगह आभूषणों का, गहनों का और श्रृंगार का इतना बड़ा इतिहास नहीं है. इस किताब में उन सभी आयामों को खूबसूरती के साथ शामिल किया गया है.

Guests present at the book launch ceremony
बुक लॉन्चिंग सेरेमनी में मौजूद अतिथि (ETV Bharat Jaipur)

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धरोहर और संस्कृति का उम्दा प्रदर्शन: उन्होंने कहा, उषा बालकृष्णन सेलेब्रिटी लेखिका हैं. लोग इस किताब को पसंद करेंगे. यह हिंदुस्तान की धरोहर और कल्चर को बखूबी प्रदर्शित करती है. उन्होंने कहा कि इस बुक में देशभर की पुरानी ज्वैलरी के बारे में कई अहम जानकारियां दी गई हैं. म्यूजियम में वह ज्वैलरी भी शामिल है. जो आदिवासी लोग पहनते हैं और अलग-अलग परिवेश के ग्रामीण इलाकों में पहनी जाती हैं. उन्हें भी इस बुक में शामिल किया गया है. कई जगहों पर सिर से लेकर पैर तक अलग-अलग आभूषण पहने जाते हैं. उन सभी का इस बुक में कलेक्शन है.

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ऑडियो-विजुअल से भी दे रहे जानकारी: उन्होंने कहा, युवा पीढ़ी को प्राचीन ज्वैलरी के बारे में जानकारी देने के किए एक खास व्यवस्था की गई है. जहां ऑडियो-विजुअल माध्यम से इस सांस्कृतिक धरोहर की जानकारी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि ज्वैलरी के हर एक पीस के बारे बहुत ही गहन जानकारी इस बुक में दी गई है. मसलन, देश के किस हिस्से में किस जाति के लोग किसी खास ज्वैलरी का उपयोग करते हैं. वह किस धातु से बनी है. इसकी भी बारीकी से जानकारी दी गई है.