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जयराम महतो के थाना प्रभारी को गालियां देने पर पुलिस एसोसिएशन सख्त, सार्वजनिक माफी की मांग, विधायक ने भी दी सफाई

जयराम महतो के बरवाड्डा थाना प्रभारी से अभद्र बातचीत करने पर मामला गर्म हो गया है. नरेंद्र निषाद की रिपोर्ट.

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विधायक जयराम महतो (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : August 25, 2026 at 4:03 PM IST

8 Min Read
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धनबाद: डुमरी विधायक जयराम महतो और बरवाअड्डा थाना प्रभारी के बीच विवादित बातचीत अब तूल पकड़ता जा रहा है. मामले को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन की धनबाद शाखा ने विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. एसोसिएशन ने विधायक पर थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज और अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है. साथ ही सरकार से विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है. कार्रवाई नहीं होने पर पुलिसकर्मियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है.

थाना प्रभारी के साथ गाली-गलौज: एसोसिएशन

एसोसिएशन की ओर से जारी दो पन्नों की प्रेस विज्ञप्ति में विधायक जयराम महतो के कथित व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई गई है. विज्ञप्ति के मुताबिक, 21 अगस्त की रात विधायक की थाना प्रभारी से फोन पर बातचीत हुई थी. आरोप है कि बातचीत के दौरान थाना प्रभारी के साथ गाली-गलौज और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया गया.

झारखंड पुलिस एसोसिएशन के वरीय उपाध्यक्ष महताब आलम का बयान (ETV BHARAT)

एसोसिएशन का आरोप है कि बातचीत के दौरान सरकार बदलने के बाद पुलिस पदाधिकारियों को सबक सिखाने और झारखंड के जिस थाने में रहने की बात कही गई है, उस तरह की बातें की गईं. पुलिस एसोसिएशन ने इसे पुलिस पदाधिकारियों और कर्मचारियों के मान-सम्मान तथा मनोबल को प्रभावित करने वाला गंभीर मामला बताया है.

पुलिसकर्मियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

एसोसिएशन ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा उनके साथ गाली-गलौज या अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता. यदि विधायक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं होती है, तो धनबाद जिले के सभी पुलिस पदाधिकारी और कर्मी आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे. एसोसिएशन ने झारखंड पुलिस एसोसिएशन और झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन के स्तर पर भी इस मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है. साथ ही 24 घंटे के अंदर निर्णय लेकर आगे की रणनीति तय करने की बात कही गई है.

विधायक जयराम महतो का बयान (ETV BHARAT)

आॉडियो पर जयराम महतो ने दी सफाई

पुलिस एसोसिएशन के आरोप के बाद डुमरी विधायक जयराम महतो ने अपनी सफाई दी है. विधायक ने कहा है कि वायरल किया जा रहा ऑडियो पूरी तरह सही नहीं है. उनके मुताबिक ऑडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के माध्यम से भी बातचीत के कई हिस्सों को एडिट किया गया है.

सख्त लहजे में बात करने की बात स्वीकारी

विधायक जयराम महतो ने यह जरूर स्वीकार किया कि उन्होंने थाना प्रभारी से सख्त लहजे में बात की थी. उन्होंने कहा कि जनहित के मामलों को लेकर जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें कई बार अधिकारियों से कड़ाई से बात करनी पड़ती है. उनके अनुसार, जनता की समस्याओं को लेकर उन्होंने पहले भी एसपी, डीएसपी और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को फटकार लगाई है.

विधायक ने कहा कि अधिकारियों को फटकार लगाना उनके लिए कोई नई बात नहीं है. जब जनता किसी समस्या को लेकर जनप्रतिनिधि के पास पहुंचती है और संबंधित अधिकारी कार्रवाई नहीं करते हैं, तो जनता की ओर से सवाल उठाना उनका दायित्व है.

गुस्से में था तो फोन क्यों नहीं काटा?

वायरल ऑडियो को लेकर विधायक ने एक अहम सवाल भी उठाया. उन्होंने कहा कि अगर बातचीत के दौरान वे थाना प्रभारी के साथ इतने गुस्से में और अभद्र तरीके से बात कर रहे थे, तो थाना प्रभारी ने फोन क्यों नहीं काटा? अमूमन लोग फोन काट देते हैं. विधायक के मुताबिक, सामान्य तौर पर अगर कोई व्यक्ति फोन पर लगातार गुस्से में बात करे तो दूसरा व्यक्ति फोन काट सकता है. लेकिन इस मामले में थाना प्रभारी ने बातचीत जारी रखी.

विधायक का दावा है कि पूरी बातचीत में थाना प्रभारी की ओर से कही गई कई बातें ऑडियो से हटा दी गई हैं और केवल चुनिंदा हिस्सों को वायरल किया गया है.

‘मेरी कही बातें भी एडिट की गईं’

जयराम महतो ने आरोप लगाया कि वायरल ऑडियो में सिर्फ थाना प्रभारी की बातों को ही नहीं हटाया गया, बल्कि उनकी कही गई बातों में भी एडिटिंग की गई है. उन्होंने दावा किया कि बातचीत का वास्तविक संदर्भ सामने आने पर तस्वीर अलग हो सकती है. हालांकि, ऑडियो में किस स्तर पर और किस तकनीक से कथित एडिटिंग की गई है, इसे लेकर विधायक की ओर से कोई तकनीकी प्रमाण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं रखा गया है. ऐसे में वायरल ऑडियो की वास्तविकता की स्वतंत्र तकनीकी पुष्टि होना इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण होगी.

अधिकारियों को फटकारने को बताया जनहित का हिस्सा

विधायक ने कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर अधिकारियों से सवाल करना और जरूरत पड़ने पर उन्हें फटकार लगाना जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि वे पहले भी कई अधिकारियों को जनता के मुद्दों को लेकर कड़े शब्दों में अपनी बात कह चुके हैं और यह कोई पहली घटना नहीं है. विधायक ने बरवाअड्डा थाना प्रभारी पर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी पूरी तरह से 'दूध के धुले' नहीं हैं. उन्होंने बालू से जुड़े मामलों में अवैध वसूली और पैसे थाना प्रभारी तक पहुंचने का आरोप लगाया.

महिला पुलिसकर्मी से संबंध का लगाया आरोप

विधायक ने थाना प्रभारी पर एक महिला पुलिसकर्मी के साथ कथित गलत संबंध होने का भी आरोप लगाया. हालांकि, इस आरोप के समर्थन में उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कोई दस्तावेज या स्वतंत्र प्रमाण पेश नहीं किया है. ऐसे गंभीर आरोपों की पुष्टि संबंधित पक्ष के बयान अथवा आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी.

व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्डिंग को लेकर भी कार्रवाई की चेतावनी

वहीं, विधायक ने व्हाट्सएप कॉल पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग सामने आने को भी गंभीर मामला बताया. उन्होंने कहा कि निजी बातचीत को रिकॉर्ड कर उसे सार्वजनिक करना निजता के अधिकार का उल्लंघन है. विधायक ने स्पष्ट कहा कि इस मामले को लेकर वह कानूनी कार्रवाई करेंगे और निजता के हनन के खिलाफ केस दर्ज कराने की बात कही.

ऑडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद

दरअसल, बरवाअड्डा थाना प्रभारी और डुमरी विधायक जयराम महतो के बीच कथित बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया है. ऑडियो को लेकर जहां विधायक पर थाना प्रभारी से कथित तौर पर अभद्र भाषा में बात करने के आरोप लगाए जा रहे हैं, वहीं विधायक ने अब ऑडियो की प्रामाणिकता पर ही सवाल खड़ा कर दिया है.

विधायक का दावा है कि बातचीत को संदर्भ से काटकर और एडिट करके वायरल किया गया है. ऐसे में अब इस पूरे मामले में वायरल ऑडियो की फोरेंसिक या तकनीकी जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रिकॉर्डिंग वास्तविक है या इसमें किसी स्तर पर छेड़छाड़ की गई है. फिलहाल विधायक के आरोपों पर बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार या पुलिस विभाग की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी सभी की नजर है. मामला पहले से ही राजनीतिक और पुलिसिया विवाद का रूप ले चुका है और अब विधायक की ओर से कानूनी कार्रवाई की चेतावनी के बाद इसके और बढ़ने के आसार हैं.

क्या है पूरा मामला

दरअसल, मामला बरवाअड्डा थाना क्षेत्र की बड़ापिछरी पंचायत से जुड़ा है. पंचायत की मुखिया यशोदा देवी ने गांव के गणेश दास पर कथित तौर पर उनके फर्जी हस्ताक्षर और मुहर का इस्तेमाल कर जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र और वंशावली तैयार कराने का आरोप लगाया था.

शिकायत के आधार पर बरवाअड्डा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी.पुलिस ने गणेश दास को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी. इसके बाद शुक्रवार को डुमरी विधायक जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाना पहुंचे थे. इसी दौरान मुखिया पक्ष और विधायक पक्ष के बीच विवाद हो गया था. समर्थकों के बीच भी झड़प की स्थिति बन गई थी. पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया.मामले में शनिवार को दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई.वहीं सोमवार को सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने को लेकर विधायक समेत 10 लोगों को खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है.

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