फेस ऑथेंटिकेशन से वी बी जी राम जी योजना में अब हाजिरी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का फैसला
फेस ऑथेंटिफिकेशन के इस्तेमाल से पारदर्शिता आएगी साथ ही डेटा की एंट्री भी आसान होगी.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : March 2, 2026 at 3:02 PM IST
कोरिया: पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय नई दिल्ली के निर्देशानुसार पंजीकृत श्रमिकों के लिए बड़ा फैसला लिया गया है. जिसके तहत प्रत्येक कार्यस्थल पर फेस ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया के माध्यम से हाजिरी लगाने की व्यवस्था आज से शुरू हो चुकी है. वी बी जी राम जी योजना फेस ऑथेंटिफिकेशन के उपयोग से पारदर्शिता आएगी साथ ही डेटा की एंट्री भी आसान होगी.
फेस ऑथेंटिकेशन से लगेगी वी बी जी राम जी योजना में हाजिरी
कोरिया जिले की सभी ग्राम पंचायतों में संचालित कार्यों में लगे प्रत्येक श्रमिक की ऑनलाइन उपस्थिति अब फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से दर्ज होने लगी है. यह व्यवस्था सभी निर्माण एजेंसियों के अंतर्गत संचालित कार्यों में भी अनिवार्य रूप से लागू कर दी गई है. ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कोरिया जिले के लगभग 55 हजार पंजीकृत श्रमिक परिवारों का सत्यापन कार्य पूर्ण कर लिया गया है. श्रमिकों के आधार कार्ड एवं बैंक खातों के अनुसार ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर उनका डेटा अपडेट किया गया है. अब सभी श्रमिकों को फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने की प्रक्रिया से जोड़ा गया है. इस बड़े बदलाव से मजदूर भी खुश हैं.

जॉब कार्ड का सत्यापन और नवीनीकरण के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य
मनरेगा के उन्नत स्वरूप (वी बी जी रामजी) योजना के तहत प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक के जॉब कार्ड का सत्यापन और नवीनीकरण हेतु ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है. छत्तीसगढ़ राज्य में 1 मार्च 2026 से लागू नए नियमों के तहत केवल उन्हीं श्रमिकों के नाम मस्टररोल में शामिल किए जाएंगे, जिनकी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी होगी.

NMMS app के जरिए डिजिटल अटेंडेंस
राज्य शासन के निर्देशानुसार 1 मार्च 2026 से जारी मस्टररोल में श्रमिकों की उपस्थिति NMMS App के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन आधारित प्रणाली से दर्ज होनी शुरू हो गई है. इस नई व्यवस्था के सफल क्रियान्वयन हेतु जिला एवं जनपद स्तर के प्रोग्रामरों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. साथ ही तकनीकी सहायक, रोजगार सहायक, बीएफटी और मेट को भी अनिवार्य रूप से प्रशिक्षित किया गया है.
कलेक्टर ने कहा, जवाबदारी होगी सुनिश्चित
एमसीबी कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने लागू हुई इस नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए कहा, जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि तकनीक के उपयोग से योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी. कलेक्टर ने सभी कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रत्येक श्रमिक की ई-केवाईसी पूर्ण रहे, ताकि कोई भी पात्र श्रमिक कार्य की मांग से वंचित न हो. इस व्यवस्था से श्रमिकों को समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी.
5 प्रतिशत मॉडल से बड़ी बचत, जानिए कैसे
झुमका पर्यटक स्थल में VB G RAM G जागरूकता कार्यक्रम, मोबाइल फ्लैशलाइट से मानव श्रृंखला
छत्तीसगढ़ के इस गांव में हफ्ते भर पहले ही उड़े रंग गुलाल, लोगों ने जमकर खेली होली, जानिए वजह

