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गुरुओं के अपमान का आरोप: 'भागो मत, सच का सामना करो'; ...कपिल मिश्रा का आतिशी पर हमला

आम आदमी पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस पर फर्जी वीडियो बनाकर सिख गुरुओं का अपमान करने का आरोप लगाया.

कपिल मिश्रा का आतिशी पर तीखा हमला
कपिल मिश्रा का आतिशी पर तीखा हमला (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : January 13, 2026 at 2:12 PM IST

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नई दिल्ली: दिल्ली में आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच वार-पलटवार का दौर जारी है. अब दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने विधानसभा में नेता विपक्ष आतिशी पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें "भगोड़ा" न बनने की सलाह दी. दिल्ली सचिवालय में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कपिल मिश्रा ने विधानसभा की प्रिविलेज कमेटी की कार्रवाई का हवाला देते हुए आतिशी को नसीहत दी कि उन्हें सच का सामना करना चाहिए.

कपिल मिश्रा ने कहा, "मैं आतिशी से कहना चाहता हूं कि भागो मत, डरो मत और छिपो मत. अगर पाप हुआ है, तो सच का सामना करना ही होगा." मिश्रा का संकेत उन हालिया विवादों की ओर था, जिनमें आतिशी के कुछ बयानों को लेकर विधानसभा में हंगामा हुआ है. उन्होंने दावा किया कि विधानसभा के सभी विधायकों ने आतिशी के विवादित शब्दों को सुना है और अब वे जवाबदेही से बच नहीं सकतीं.

कपिल मिश्रा का आतिशी पर तीखा हमला (ETV Bharat)

कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी के भीतर मचे आंतरिक घमासान और एकजुटता की कमी पर भी तंज कसा. उन्होंने रविवार को हुए 'आप' के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि उस प्रोटेस्ट में आतिशी के साथ केवल एक विधायक नजर आया, जबकि बाकी सभी विधायक नदारद रहे. यह इस बात का प्रमाण है कि खुद पार्टी के भीतर भी उनके बयानों को लेकर समर्थन कम हो रहा है.

कपिल मिश्रा ने कहा कि 6 तारीख को दिल्ली विधानसभा में एक अभूतपूर्व और गंभीर पाप हुआ. गुरु तेग बहादुर जी, भाई सतीदास जी, भाई मतीदास जी और भाई दयाला जी की शहादत के 350 वर्ष पूरे होने पर चल रही चर्चा के दौरान आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया. नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा बोले गए शब्द बेअदबी, गुनाह और पाप हैं तथा उनका कोई औचित्य नहीं था. घटना के बाद आतिशी मीडिया, जनता और विधानसभा से लगातार अनुपस्थित रहीं. विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बार-बार बुलाए जाने के बावजूद सदन में आकर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की.

आतिशी मामले में पंजाब पुलिस का दुरुपयोग

कपिल मिश्रा ने कहा कि आरोप है कि अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर इस मामले को दबाने के लिए पंजाब सरकार के संसाधनों और पंजाब पुलिस का दुरुपयोग किया गया. लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए और डराने की कोशिश की गई. भगवंत मान से अपील की गई कि वे इस पाप और गुनाह के भागीदार न बनें. यह मामला राजनीति का नहीं, बल्कि आस्था और सदन की गरिमा से जुड़ा विषय बताया गया. मुकदमों, गिरफ्तारी या जेल से किसी भी प्रकार का डर नहीं होने की बात कही गई. केजरीवाल को चाहिए था कि वे आतिशी से माफी मंगवाते. पंजाब पुलिस को इस पूरे मामले से दूर रखा जाना चाहिए था. कपिल मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आतिशी से भागने या छुपने के बजाय मीडिया और जनता के सामने आने की मांग की. उन्हें विधानसभा की प्रिविलेज कमेटी और कानूनी प्रक्रिया का सामना करने को कहा गया.

सदस्यता रद्द करने की सिफारिश

बता दें कि प्रिविलेज कमेटी का मामला अब गंभीर मोड़ ले चुका है. कपिल मिश्रा ने बताया कि छह मंत्रियों ने आतिशी की विधानसभा सदस्यता को रद्द करने की सिफारिश की है. उन्होंने जोर देकर कहा कि आतिशी को अब समिति के सामने पेश होकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी. दिल्ली के साथ-साथ कपिल मिश्रा ने पंजाब सरकार को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिशोध के बजाय राज्य की सुरक्षा में किया जाना चाहिए. वहां साल भर पुराने अपराधों की फॉरेंसिक रिपोर्ट अब तक लंबित है, जिसे लेकर अदालतें भी सरकार को फटकार लगा रही है. पंजाब पुलिस को पंजाब की जनता की सुरक्षा में लगाएं.

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