ETV Bharat / state

शिक्षा विभाग की नीतियों से आक्रोशित शिक्षक, चेताया-नहीं बदला रवैया तो होगा बड़ा आंदोलन

जयपुर में राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के प्रांतीय शैक्षिक सम्मेलन में भाजपा विधायकों की मौजूदगी में सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए.

guest at the conference
सम्मेलन में मंचासीन अतिथि (ETV Bharat Jaipur)
author img

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 2, 2026 at 6:24 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

जयपुर : राजस्थान में शिक्षा विभाग के बार-बार बदलते फैसलों और लंबित नीतिगत निर्णयों को लेकर शिक्षकों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है. अब शिक्षकों ने अपने सम्मेलन में मंथन करते हुए लंबित पदोन्नति और ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर बढ़ते इंतजार जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की चेतावनी दी है.

जयपुर के आदर्श नगर स्थित महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल में हुए राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के प्रांतीय शैक्षिक सम्मेलन में प्रदेश भर के शिक्षक जुटे. भाजपा विधायक गोपाल शर्मा, धर्मपाल गुर्जर और विधायक प्रत्याशी रवि नैयर की मौजूदगी में संगठन के महामंत्री नवीन कुमार शर्मा ने शिक्षा विभाग और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि विभाग एक के बाद एक आदेश जारी करता है, फिर उन्हें संशोधित करता है, फिर स्थगित कर देता है, जिससे पूरी व्यवस्था भ्रम और अव्यवस्था का शिकार हो चुकी है. उन्होंने कहा कि स्टाफिंग पैटर्न को लेकर आदेश जारी कर दिए, पैटर्न भी तय हो गया, लेकिन आज तक धरातल पर असर दिखाई नहीं दे रहा. इसी तरह महात्मा गांधी विद्यालयों के लिए शिक्षकों का चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद कुछ विषयों के चयनित शिक्षक अब तक पदस्थापन का इंतजार कर रहे हैं. इससे न केवल चयनित शिक्षक परेशान हैं, बल्कि विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है.

यह बोले शिक्षक संघ के पदाधिकारी. (ETV Bharat Jaipur)

पढ़ें:जयपुर में जुटेंगे देशभर के 3200 शिक्षक, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण पर होगा मंथन

वेतन और पदोन्नति को लेकर गंभीर संकट : सियाराम संघ के महामंत्री नवीन शर्मा ने बताया कि तीन साल पहले क्रमोन्नत हुए विद्यालयों में कार्यरत कई अध्यापक आज भी अपने वेतन के लिए भटक रहे हैं. जिन शिक्षकों का वेतन अब भी ग्रामीण क्षेत्र से आ रहा है, उनकी रिकवरी निकाल दी गई. उन्हें मकान किराया भत्ता नहीं दिए जाने का आदेश जारी किया है.इस तरह के फैसले शिक्षकों के मनोबल को तोड़ते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने व्याख्याताओं की पदोन्नति कर दी, लेकिन सेकंड ग्रेड से व्याख्याता पद पर पदोन्नति नहीं की. इसके चलते कई स्कूल आज व्याख्याताविहीन हो गए. इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ा है.

छात्रों का सत्र प्रभावित, शिक्षक गैर-शैक्षणिक कार्यों में उलझे :शर्मा ने आरोप लगाया कि इस वर्ष छात्रों का पूरा शैक्षणिक सत्र बर्बाद हुआ. बड़ी संख्या में शिक्षकों को एसआईआर (SIR) जैसे कार्यों और प्रतियोगी परीक्षाओं में डबल ड्यूटी में लगा दिया गया. इस कारण कई शिक्षक दो से तीन महीने स्कूल ही नहीं जा पाए. शिक्षा के मूल उद्देश्य से भटकाकर शिक्षकों को प्रशासनिक कार्यों में झोंक दिया गया. महासंघ ने हाल में धरना प्रदर्शन कर सरकार को मांग पत्र सौंपा था. आंदोलन तेज करते हुए महारैली की योजना बनाई थी. इसी बीच शिक्षा मंत्री की ओर से वार्ता का आश्वासन दिया. इसके चलते आंदोलन स्थगित किया, लेकिन आज तक वार्ता नहीं हो पाई.

Teachers attending the conference
सम्मेलन में शिकरत करते शिक्षक (ETV Bharat Jaipur)

पढ़ें:No Bag Day : प्रार्थना सभा में बच्चों को पढ़ना होगा अखबार, करेंट अफेयर्स पर भी होगी चर्चा, शिक्षक संघ ने जताई आपत्ति

सरकार को चेतावनी, आंदोलन की तैयारी : महामंत्री नवीन कुमार शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस सम्मेलन में शिक्षक दो दिन मंथन कर प्रस्ताव तैयार करेंगे और सरकार को भेजेंगे. सरकार ने इन पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया तो शिक्षक आंदोलन की घोषणा से पीछे नहीं हटेंगे. इसका खमियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा. प्रवक्ता मुकेश मीणा ने कहा कि हजारों शिक्षक जयपुर में जुटे हैं. अपनी ज्वलंत समस्याओं पर गंभीर विचार-विमर्श कर रहे हैं. लंबित पदोन्नति और ट्रांसफर पॉलिसी सबसे बड़ा मुद्दा है. इस पर सरकार की उदासीनता साफ दिख रही है. सम्मेलन के बाद तैयार प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजेंगे, यदि इसके बाद भी सरकार नहीं चेती तो शिक्षक बड़े आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे.

पढ़ें:43वां राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मेलन: शिक्षकों ने की लंबित मांगों को पूरा करने की मांग, विधायक ने दिया आश्वासन