पटना में नजराना लेते असिस्टेंट डायरेक्टर अरेस्ट, विभाग के ही डिप्टी डायरेक्टर ने विजिलेंस से की थी शिकायत
पटना में निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नियोजन भवन के असिस्टेंट डायरेक्टर को 5 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. पढ़ें

Published : February 6, 2026 at 4:45 PM IST
पटना: राजधानी पटना में निगरानी विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. नियोजन भवन में पदस्थापित असिस्टेंट डायरेक्टर परमजय सिंह को पांच लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई निगरानी विभाग की विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर की.
घूसखोर असिस्टेंट डायरेक्टर गिरफ्तार: गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई है. निगरानी विभाग के सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई डीएसपी पवन कुमार के नेतृत्व में की गई है. टीम को पहले से रिश्वत लेन-देन की सूचना मिली थी, जिसके बाद पूरे मामले की गोपनीय जांच चल रही थी.
ऑफिस के पार्किंग एरिया में ले रहे थे पैसे: जांच के दौरान शिकायत सही पाए जाने पर विजिलेंस टीम ने ट्रैप बिछाया और नियोजन भवन परिसर में कार्रवाई को अंजाम दिया. डीएसपी विजिलेंस पवन कुमार बताया है कि असिस्टेंट डायरेक्टर परमजय सिंह नियोजन भवन के पार्किंग एरिया में रिश्वत की राशि ले रहे थे. इसी दौरान निगरानी विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया.

"गिरफ्तारी के समय पांच लाख रुपये की नकद राशि भी बरामद की गई है. टीम ने मौके पर ही जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की और आरोपी को हिरासत में ले लिया है."- पवन कुमार, डीएसपी विजिलेंस, पटना
उपनिदेशक ने की थी शिकायत: जानकारी के मुताबिक इस मामले में शिकायत उपनिदेशक (डिप्टी डायरेक्टर) ओम प्रकाश की ओर से निगरानी विभाग को दी गई थी. शिकायत में रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था. इसके बाद विभाग ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर सत्यापन किया. शिकायत की पुष्टि होने पर ट्रैप की योजना बनाई गई और तय समय पर कार्रवाई कर आरोपी अधिकारी को पकड़ लिया गया.

खंगाले जा रहे रिकॉर्ड: गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है. यह भी जांच की जा रही है कि रिश्वत की यह राशि किस काम के बदले ली जा रही थी और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं. अधिकारियों का कहना है कि लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड, फाइलें और अन्य दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं.
की जा सकती है छापेमारी: विजिलेंस विभाग ने संकेत दिया है कि जांच के दायरे को आगे बढ़ाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की जा सकती है. पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. आरोपी को अदालत में पेश करने की तैयारी भी की जा रही है.
लोगों से सूचना देने की अपील: निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी के मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी. आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की सूचना विभाग को दें.
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