विधायक को अपने सवाल का जवाब सुनने के लिए सदन में मौजूद रहना होगा- स्पीकर देवनानी
विधानसभा में आज से खेल और उद्योग विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा होगी. विधानसभा अध्यक्ष ने अनुशासन और उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

Published : February 19, 2026 at 11:30 AM IST
जयपुर: राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही गुरुवार को प्रश्नकाल के साथ शुरू हो गई. सदन में आज से बजट 2026 की द्वितीय अवस्था के तहत खेल और उद्योग विभाग की अनुदान मांगों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी. इस बीच विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन की कार्यवाही के सुचारु संचालन और मर्यादा बनाए रखने के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने कहा कि जिन विधानसभा सदस्यों के नाम चर्चा में भाग लेने के लिए निर्धारित किए जाते हैं, उनके लिए मंत्री का जवाब आने तक सदन में मौजूद रहना जरूरी है. उन्होंने कहा कि विधायक का केवल अपने विचार व्यक्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मंत्री के जवाब को सुनना भी प्रत्येक सदस्य का दायित्व है.
अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सीमित कार्य दिवसों में जनप्रतिनिधियों को सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभानी चाहिए. अक्सर कोरम की स्थिति बनने से कार्यवाही बाधित होती है, इसलिए सभी सदस्यों की उपस्थिति अपेक्षित है. विशेषकर वे सदस्य जिनका नाम चर्चा के लिए तय है. उनकी सदन में मौजूदगी जरूरी है. उन्होंने निर्देश दिए कि अनुदान मांगों पर संबंधित मंत्री के उत्तर के समय मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य सदन में उपस्थित रहें. देवनानी ने कहा कि अनुदान मांगों पर संबंधित मंत्रियों के उत्तर अन्य मंत्रियों की उपस्थिति संसदीय परंपरा के अनुरूप है. कटौती प्रस्तावों की प्रक्रिया स्पष्ट करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि संबंधित मांग लिए जाने के दिन पेश सभी कटौती प्रस्ताव माने जाएंगे. प्राथमिकता सूचीबद्ध प्रस्तावों को दी जाएगी तथा मतदान के समय परंपरानुसार प्रस्ताव स्वतः वापस माने जाएंगे. जिन प्रश्नों का उत्तर तत्काल संभव नहीं होगा, उनका लिखित जवाब संबंधित सदस्यों को उपलब्ध कराया जाएगा.
सदन में गुरुवार से खेल और उद्योग विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा होगी. प्रश्नकाल के दौरान तारांकित और अतारांकित दोनों ही प्रश्नों की सूची में 22— 22 प्रश्न शामिल हैं. मुख्यमंत्री से जुड़े विभागों के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री दीयाकुमारी के प्रभार वाले विभागों, चिकित्सा विभाग, संसदीय कार्य विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग तथा वन विभाग से संबंधित विषयों पर सदस्यों द्वारा सवाल-जवाब किए जाएंगे.
अनुदान मांगों पर चर्चा : युवा मामले एवं खेल विभाग और उद्योग विभाग के मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ सदन में अनुदान मांग रखेंगे. चर्चा के उपरांत इन मांगों को पारित किया जाएगा. सदन में शून्यकाल में ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर भी चर्चा प्रस्तावित है. विधायक लक्ष्मण राम जल संसाधन मंत्री का अजमेर स्थित आना सागर झील के चहुंमुखी विकास के लिए बजट आवंटन से संबंधित ध्यान आकर्षित करेंगे.
वार्षिक प्रतिवेदन और वित्तीय कार्य: सदन की मेज पर विभिन्न प्रतिवेदन भी रखे जाएंगे. उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी वर्ष मार्च 2023 को समाप्त अवधि के लिए नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगी. इसके अलावा भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकारों के कल्याण तथा शहरी स्थानीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर सीएजी की रिपोर्ट भी रखी जाएगी. स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग का वार्षिक प्रतिवेदन भी सदन के पटल पर प्रस्तुत होगा. वित्तीय कार्यों के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए अनुपूरक अनुदान मांगों का उपस्थापन किया जाएगा. इसके बाद मतदान एवं पारण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. विधायी कार्य के तहत राजस्थान विनियोग विधेयक 2026 सदन में प्रस्तुत किया जाएगा.

