सनसनीखेज 'ब्लाइंड मर्डर' का पर्दाफाश, रिमांड पर लेकर पूछताछ में जुटी पुलिस
शिमला के रोहड़ू में बुजुर्ग महिला हत्याकांड में पुलिस ने तीन आरोपियों को धर दबोचा है. ऐसे सुलझी ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : June 24, 2026 at 2:42 PM IST
शिमला: हिमाचल के शिमला जिला के रोहड़ू में बुजुर्ग महिला की संदिग्ध मौत की गुत्थी और पूरी तरह से 'ब्लाइंड मर्डर' केस को सुलझाने में शिमला पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. पुलिस ने 6 दिनों के भीतर हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाकर नेपाल मूल के तीन आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है. ASP मेहर पंवर ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान लाल बहादुर उर्फ लालू, नवीन और संतोष के रूप में हुई है, जो वर्तमान में शिमला के टिक्कर और चिड़गांव क्षेत्र में रह रहे थे. पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर आगामी जांच शुरू कर दी है.
रोहड़ू ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझी
ASP मेहर पंवर ने कहा कि, "तीनों आरोपी चोरी की नीयत से घर में घुसे थे. 16 जून 2026 को पुलिस थाना रोहड़ू को सूचना मिली कि शलाश डोगरी की रहने वाली 77 वर्षीय बुजुर्ग महिला गीता देवी अपने घर में मृत अवस्था में पड़ी हैं. प्रारंभिक हालात को देखकर ही यह सामान्य मौत नहीं, बल्कि हत्या का मामला लग रहा था. अंदेशा जताया गया कि अज्ञात बदमाश चोरी की नीयत से घर में दाखिल हुए थे और पकड़े जाने के डर या विरोध करने पर उन्होंने बुजुर्ग महिला को मौत के घाट उतार दिया. इस संबंध में 17 जून को रोहड़ू थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई."
क्या है पूरा मामला?
16 जून को पुलिस थाना रोहड़ू में सूचना मिली थी कि, गीता देवी, उम्र लगभर 77 वर्ष, निवासी शलाश डोगरी, अपने घर में मृत अवस्था में पाई गई हैं. प्रारंभिक जांच में संदेह व्यक्त किया गया कि अज्ञात व्यक्तियों ने चोरी के इरादे से घर में घुसकर बुजुर्ग महिला की हत्या की है. शिकायत के आधार पर पुलिस थाना रोहड़ू में अभियोग संख्या 61/2026 भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(8), 103(1), 305, 62 एवं 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया.

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा तत्काल जांच आरंभ शुरू कर दी. घटनास्थल को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित किया गया और फॉरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण कर महत्वपूर्ण जैविक एवं भौतिक साक्ष्य संकलित किए गए. मृतका के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और अन्य आवश्यक फॉरेंसिक साक्ष्य भी सुरक्षित किए गए. मामला प्रारंभिक दृष्टि से एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण एवं ब्लाइंड मर्डर केस था. घटनास्थल पर कोई प्रत्यक्षदर्शी उपलब्ध नहीं था, मृत महिला के घर या उसके नजदीक कोई सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण शुरुआती जांच में काफी परेशानी पेश आ रही थी.
जांच के दौरान मानव स्रोतों एवं टेक्निकल टूल्स का बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया. मृत महिलाके परिजनों, परिचितों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से विस्तृत पूछताछ की गई. साथ ही घटनास्थल तक जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए. इस दौरान संदिग्ध वाहनों की गतिविधियों का अध्ययन किया गया और मोबाइल टावर डम्प डाटा का भी विश्लेषण किया गया.
पुलिस टीमों द्वारा निरंतर एवं अथक प्रयास करते हुए वैज्ञानिक, तकनीकी तथा मानवीय साक्ष्यों को आपस में जोड़कर मामले की कड़ियों को विकसित किया गया। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर दिनांक 22.06.2026 को निम्नलिखित तीन व्यक्तियों को मामले में गिरफ्तार किया गया है:-
आरोपियों की पहचान
1. लाल बहादुर उर्फ लालू, निवासी गांव जल्मा, छदागढ़ नगरपालिका-01, थाना दशेरा, नेपाल, वर्तमान में सी/ओ भागमल कापटा, गांव शलान, तहसील टिक्कर, जिला शिमला
2. नवीन, निवासी गांव घडेली, छदागढ़ नगरपालिका-01, थाना दशेरा, नेपाल, वर्तमान में सी/ओ लम्बरदार, गांव गढ़शरी, तहसील चिड़गांव, जिला शिमला.
3. संतोष, निवासी गांव घडेली, छदागढ़ नगरपालिका-01, थाना दशेरा, नेपाल, वर्तमान में सी/ओ राजू कापटा, गांव शलान, तहसील टिक्कर, जिला शिमला.
पुलिस रिमाड पर आरोपी
ASP मेहर पंवर ने कहा कि, टेक्निकल एनालिसिस के दौरान आरोपियों की लोकेशन घटना के समय घटनास्थल के आसपास पाई गई. इस महत्वपूर्ण सुराग के आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया और संदिग्धों से गहन पूछताछ की. पूछताछ, तकनीकी विश्लेषण और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले में उनकी संलिप्तता सामने आई. जांच के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर अपराध में इस्तेमाल एक डंडा भी बरामद किया गया है, जिसे मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में कब्जे में लिया गया है.
ASP मेहर पंवर ने कहा कि, पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की गई है. आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी है. इस जटिल एवं ब्लाइंड मर्डर केस का अल्प अवधि में सफल अनावरण शिमला पुलिस द्वारा वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी विश्लेषण, मानव स्रोतों के प्रभावी उपयोग और सतत पुलिस प्रयासों का परिणाम है. मामले में आगामी कार्रवाई नियमानुसार अमल में लाई जा रही है.
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