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पर्यटन को ब्रांड बनाने की तैयारी में सुक्खू सरकार, कांगड़ा बनेगा टूरिज्म कैपिटल, ADB प्रोजेक्ट्स पर फोकस

CM सुक्खू ने अधिकारियों को एडीबी के सहयोग से चल रही विभिन्न पर्यटन विकास परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं.

ASIAN DEVELOPMENT BANK PROJECTS IN HIMACHAL
पर्यटन को ब्रांड बनाने की तैयारी में सुक्खू सरकार (DIPR)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 9, 2026 at 5:38 PM IST

4 Min Read
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शिमला: हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को मजबूत आधार देने और इसे एक सशक्त ब्रांड के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को एशियन विकास बैंक (एडीबी) के सहयोग से प्रदेश में चल रही विभिन्न पर्यटन विकास परियोजनाओं की समीक्षा की. बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं में विश्व-स्तरीय गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि पर्यटन के जरिए प्रदेश की आर्थिकी को मजबूती मिल सके.

मुख्यमंत्री ने बताया कि एशियन विकास बैंक के सहयोग से प्रदेश में ट्रेंच-1 के तहत 1620 करोड़ रुपये और ट्रेंच-2 के तहत 730 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं. इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश में आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास करना और पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करना है.

पर्यटन को ब्रांड बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल पर्यटन को एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य से काम कर रही है. पर्यटन के विकास से न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. इसके लिए सरकार कनेक्टिविटी और अधोसंरचना के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है. मुख्यमंत्री ने बताया कि पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रदेश में कई हेलीपोर्ट का निर्माण कार्य प्रगति पर है. इसके साथ ही कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार का काम भी किया जा रहा है, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके.

कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने की योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला कांगड़ा को हिमाचल प्रदेश की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है. पालमपुर और नगरोटा बगवां में एडीबी के सहयोग से 77.70 करोड़ रुपये की परियोजनाएं चलाई जा रही हैं. पालमपुर में मल्टीलेवल पार्किंग, पुरानी सब्जी मंडी के पास पार्किंग सुविधा, कैफे, कॉफी शॉप, पुस्तकालय और रीडिंग रूम का निर्माण किया जा रहा है. इसके अलावा न्यूगल कैफे का जीर्णोद्धार और सड़कों के सुधार कार्य भी शामिल हैं. नगरोटा बगवां में सड़कों के सुधार, ड्रेन और डक्ट निर्माण, पुराने बस अड्डे का सौंदर्यकरण, क्लॉक टावर निर्माण, गांधी ग्राउंड, नारदा-शारदा मंदिर, मटौर गार्डन, बरोह, मेला ग्राउंड और गुरुद्वारा श्री पौड साहिब के सौंदर्यकरण जैसे कार्य किए जा रहे हैं.

अन्य जिलों में भी पर्यटन परियोजनाएं

हमीरपुर जिले के श्री बाबा बालक नाथ मंदिर परिसर में 51.09 करोड़ रुपये की लागत से सौंदर्यकरण और अधोसंरचना विस्तार कार्य हो रहे हैं. धर्मशाला में 33.78 करोड़ रुपये की लागत से आइस स्केटिंग और रोलर स्केटिंग रिंक का निर्माण किया जा रहा है. कुल्लू और मनाली में वेलनेस सेंटर विकसित किए जा रहे हैं, जबकि कुल्लू के नग्गर कैसल के संरक्षण और जीर्णोद्धार पर भी काम चल रहा है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि शिमला और मनाली में आइस स्केटिंग रिंक, कालेश्वर महादेव मंदिर में जन-सुविधाएं, नादौन में राफ्टिंग कॉम्प्लेक्स, नगरोटा बगवां में वेलनेस सेंटर और म्यूजिकल फाउंटेन सहित कई नई परियोजनाएं भी एडीबी के सहयोग से विकसित की जाएंगी. बैठक में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आर.एस. बाली ने पर्यटन विकास बोर्ड के तहत चल रहे कार्यों की जानकारी दी. इस दौरान पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे और परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई.

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