एशियन बॉल बैडमिंटन चैंपियनशिप: कवर्धा की रिया तिवारी ने तीन देशों को पछाड़कर जीता गोल्ड
चैंपियनशिप में श्रीलंका को हराकर भारत ने खिताब अपने नाम किया.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 3, 2026 at 3:57 PM IST
कवर्धा: खेल के मैदान में कवर्धा की बेटी रिया तिवारी ने छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है. कवर्धा की रिया तिवारी ने एशियन बॉल बैडमिंटन चैंपियनशिप में श्रीलंका को 35-13/ 35-13 के अंतर से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया.
कवर्धा की रिया तिवारी ने जीता गोल्ड मेडल
पटना में आयोजित किए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत, नेपाल, भूटान और श्रीलंका की टीमों ने हिस्सा लिया. भारत की ओर से जितने भी खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया सभी ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन किया. रिया तिवारी ने भी बॉल बैडमिंटन के मैदान में अपना हुनर दिखाया. गोल्ड जीतने के इस सफर में रिया तिवारी ने तीन देशों के खिलाड़ियों को मैदान में शिकस्त दी. रिया तिवारी के परिवार वाले चाहते हैं कि उनकी बेटी अंतर्राष्ट्रीय स्तर देश का नाम रोशन करे. खिलाड़ी रिया तिवारी ने भी बताया कि उसने पूरे चैंपियनशिप के दौरान अपने खेल की टेक्निक को मजबूत किया, विरोधी खिलाड़ी की कमियों को समझा और उसी हिसाब से अपना प्रदर्शन किया. एशियन बॉल बैडमिंटन चैंपियनशिप में जीत दर्ज करने के बाद रिया तिवारी काफी उत्साहित हैं. उनका कहना कि अब वो अगले चैंपियनशिप की तैयारियों में जुट गई हैं.

फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को हराया
फाइनल मुकाबले को लेकर रिया तिवारी ने बताया कि उनका मुकाबला श्रीलंका की तेज तर्रार खिलाड़ी से हुआ. रिया ने कहा कि उन्होने मैदान में शुरू से अपना दबदबा बनाए रखा और विरोधी पक्ष पर लगातार दबाव बनाती रहीं. अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर उसने भारतीय टीम को जीत दिलाई. भारतीय टीम ने श्रीलंका को दो सेशन में 35–13 और 35–13 के बड़े अंतर से पराजित कर खिताब अपने नाम किया. इस एकतरफा जीत के साथ भारत ने चैंपियनशिप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया, जबकि श्रीलंका की टीम उपविजेता रही.
बिहार की राजधानी पटना में 25 दिसंबर से 29 दिसंबर तक साउथ एशियन बॉल बैडमिंटन चैंपियनशिप का आयोजन किया गया. गोल्ड जीतने के बाद जब रिया तिवारी कवर्धा पहुंचीं तो परिवार वालों ने उनका जोरदार स्वागत किया. रिया तिवारी ने अपनी जीत का श्रेय कोच और परिवार वालों को दिया.
खेल प्रेमियों ने दी कवर्धी की बेटी को बधाई
बॉल बैडमिंटन खिलाड़ी रिया तिवारी की यह उपलब्धि न केवल कवर्धा बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है. जिले के खेल प्रेमी कहते हैं कि उनकी सफलता यह संदेश देती है कि मेहनत, लगन और समर्पण के बल पर, छोटे शहरों की बेटियां भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का परचम लहरा सकती हैं. रिया तिवारी आज युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरी हैं.

