हिमाचल में अब हवा में झूमेंगे सैलानी! शुरू होने जा रही है एशिया की सबसे बड़ी जिपलाइन
इस 4.3 किलोमीटर लंबी जिपलाइन परियोजना की अनुमानित लागत 7.41 करोड़ रुपये है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 15, 2026 at 5:11 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में पर्यटन को नई उड़ान मिलने जा रही है. देवभूमि की वादियों में रोमांच का ऐसा अध्याय जुड़ने वाला है, जो न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के एडवेंचर टूरिज्म मानचित्र पर कांगड़ा को चमका देगा. बर्फ से ढकी धौलाधार की चोटियां, चाय बागानों की हरियाली और ऐतिहासिक विरासत के लिए मशहूर कांगड़ा अब एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन परियोजना के निर्माण से एक नई पहचान बनाने की तैयारी में है.
परियोजना पर खर्च होंगे ₹7.41 करोड़
प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार ने कांगड़ा जिले की सुंदर धौलाधार घाटी के नड्डी में एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन परियोजना विकसित करने का निर्णय लिया है. इस 4.3 किलोमीटर लंबी नड्डी जिपलाइन परियोजना की अनुमानित लागत 7.41 करोड़ रुपये है और इसे ऐतिहासिक साहसिक पर्यटन पहल के रूप में विकसित किया जाएगा.
36 महीने में पूरी होगी परियोजना
इस परियोजना में चार स्टेशन होंगे. गल्लू (स्टार्टिंग प्वाइंट), बल गांव, नड्डी और मैगी प्वाइंट खड्ड (एंडिंग प्वाइंट). यह परियोजना पर्यटकों को रोमांचक अनुभव प्रदान करने के साथ धौलाधार पर्वत माला की मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने का अवसर देगी. इस परियोजना को 36 माह की अवधि में पूरा करने का प्रस्ताव है. यह जिपलाइन धर्मशाला के नड्डी व्यू प्वाइंट पर विकसित की जाएगी, जो अपने विहंगम दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है. परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र में पर्यटन अवसंरचना को सुदृढ़ करने, साहसिक पर्यटन के शौकीन पर्यटकों को आकर्षित करने, रोजगार के अवसर सृजित करने और क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.
सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने कांगड़ा जिले को 'पर्यटन राजधानी' का दर्जा प्रदान किया है. जिससे जिले में पर्यटन अवसंरचना को सशक्त बनाने और सतत पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए कई पहल लागू की जा रही हैं.
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