ETV Bharat / state

खुद से पढ़ाई कर बिहार में अधिकारी बने पलामू में अश्विनी भारती, गया कोर्ट से की थी सरकारी नौकरी की शुरुआत

पलामू के अश्विनी भारती को बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 618वीं रैंक मिली है और उनका चयन राजस्व सेवा के लिए हुआ है.

ashwini-bharti of palamu
अश्विनी भारती की बीपीएससी परीक्षा में आई 618 रैंक (Etv Bharat)
author img

By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : June 29, 2026 at 4:37 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

पलामू: जिले के मेदिनीनगर के हमीदगंज के बीएन कॉलेज के पास रहने वाले अश्विनी भारती, बिहार में राजस्व पदाधिकारी बने हैं. अश्विनी भारती को बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 618वीं रैंक मिली है और उनका चयन राजस्व सेवा के लिए हुआ है. अश्विनी भारती, झारखंड में सीजीएल की परीक्षा पास करके सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के पद पर तैनात थे.

गया कोर्ट में स्टेनोग्राफर की पद पर सेवा दे रहे थे अश्विनी भारती

इससे पहले अश्विनी भारती बिहार के गया कोर्ट में स्टेनोग्राफर के पद पर तैनात थे. अश्विनी भारती लगातार अपनी मेहनत के बदौलत सरकारी नौकरी को हासिल कर रहे हैं और उनका लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा को क्रैक करना है. अश्विनी भारती मूल रूप से पलामू के तरहसी के धनगांव के रहने वाले हैं और उनके पिता बिरेन्द्र भारती सहायक शिक्षक हैं.

बीपीएससी परीक्षा में पलामू के अश्विनी भारती को मिली 618वीं रैंक (Etv Bharat)

बिना ट्यूशन या कोचिंग के यहां तक पहुंचे अश्विनी भारती

अश्विनी भारती की सफलता के बाद पूरे परिवार और गांव में खुशी का माहौल है. अश्विनी भारती ने लोक सेवा आयोग की परीक्षा को पास करने के लिए कभी ट्यूशन या कोचिंग का सहारा नहीं लिया बल्कि खुद से पढ़ाई की और परीक्षा पास की है. अश्विन भारती ने 10वीं तक की पढ़ाई सरस्वती शिशु विद्या मंदिर जबकि ग्रेजुएशन की पढ़ाई जीएलए कॉलेज से पूरी की है.

बिहार में राजस्व अधिकारी के पद पर हुआ अश्विनी भारती का चयन

अश्विनी भारती ने ईटीवी भारत से बातचीत के दौरान बताया कि उनका चयन बिहार में राजस्व अधिकारी के पद पर हुआ है, इससे पहले वह सीजीएल की परीक्षा पास कर चुके हैं और प्रशाखा पदाधिकारी के पद पर तैनात हैं. वे बताते हैं जेपीएससी बीपीएससी के कुछ सिलेबस आपस में मेल खाते हैं, वे जेपीएससी के परीक्षा भी दे रहे हैं, 7वीं और 11वीं जेपीएससी परीक्षा में इंटरव्यू तक का सफर उन्होंने तय किया है.

यूपीएससी की परीक्षा पास करना है सपना

अश्विनी भारती आगे बताते हैं कि वह यूपीएससी की परीक्षा पास करके देश और समाज की सेवा करने चाहते हैं. वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं छात्रों से यह कहना चाहते हैं कि वह धैर्य के साथ साथ तैयारी को कंटिन्यू के मोड में रखें, सफलता उन्हें जरूर मिलेगी.

अश्विनी भारती की सफलता से परिवार में खुशी

वहीं अश्विनी भारती की मां बताती हैं कि उनका बेटा शुरू से काफी मेहनत करता है. बेटे की सफलता से वह बेहद खुश हैं. बेटा बिना पंखा, बिना कूलर, बिना ट्यूशन के लगातार पढ़ाई करता रहता था. पिता वीरेंद्र भारती बताते हैं कि बेटा रात रात भर पढ़ाई करते रहता था, सफलता से पूरे परिवार और पूरे गांव में खुशी का माहौल है. सबसे बड़ी बात की उनका बेटा एक बार जो सोच लेता है, उसे वह हासिल कर लेता है.

ये भी पढ़ें- रांची के पांच केंद्रों पर जेईटी-2024 संपन्न, तीन हजार अभ्यर्थी हुए शामिल

जेपीएससी सिविल जज 2023 के पीटी परीक्षा का रिजल्ट जारी, 1844 अभ्यर्थी हुए सफल

RU सिंडिकेट की बैठक में 30 एजेंडों को मिली हरी झंडी, शिक्षा में शोध के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए खुलेगा 'डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन'