शंकराचार्य पर 'विदेशी फंडिंग' का आरोप; बनारस कचहरी और वकील को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला गिरफ्तार
आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि उनके कुकर्मो के चलते गंगा मैया ने भी उन्हें स्नान करने से मना कर दिया.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 27, 2026 at 7:47 AM IST
|Updated : February 27, 2026 at 9:26 AM IST
सहारनपुर/वाराणसी: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बटुकों के यौन शोषण का आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने अब उन पर विदेशी फंडिंग का भी आरोप मढ़ दिया है. सहारनपुर पहुंचे आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि इनके खातों की जांच हो, तब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.
वहीं, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मामले और उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर आज सुनवाई होगी. इसके बाद ही तय होगा कि शंकराचार्य की गिरफ्तारी होगी या नहीं? दूसरी तरफ पुलिस ने वाराणसी कचहरी और वकील को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले को गिरफ्तार कर लिया है.
आशुतोष ब्रह्मचारी के आरोप: श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्षकार आशुतोष ब्रह्मचारी यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के VVIP नेताओं को इन बटुकों की सप्लाई की जाती थी. उन्होंने कहा कि इनकी चैट सामने आएगी तो पता चलेगा कि कैसे बटुकों की फोटो भेजी जाती थी.
VVIP को सौंपे जाते थे बटुक: इसके बाद VVIP नेता टिक लगाते थे, कि यह बटुक चाहिए. सब तय होने पर इन VVIP नेताओं को बटुक सौंप दिए जाते थे. यब सब काम अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद के सयुंक्त CEO प्रकाश उपाध्याय के माध्यम से होता था.
विदेशी फंडिंग की हो जांच: आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि उनके बैंक खातों की जांच कराई जाए तो विदेशी फंडिंग का खुलासा हो जाएगा. उनका कहना है कि सबसे पहले मुकुंदानंद की ID की जांच कराई जाए कि वह किस देश का रहने वाला है. इनके यहां कई विदेशी बच्चे भी हैं. इनका आधार भारत का बना है.
अविमुक्तेश्वरानंद और उसके साथी मुकुंदानंद को विदेशी फंडिंग हो रही है. यह फंडिंग ऐसे देशों से हो रही है, जो सनातन को खत्म करना चाहते हैं. ऐसे देश और ऐसी राजनितिक पार्टियां फंडिंग करा रही हैं, जो सनातन को खत्म करके टोपियां ओढ़ना चाहती हैं.
सनातन का अपमान: आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि उनके कुकर्मो के चलते गंगा मैया ने भी उन्हें स्नान करने से मना कर दिया. यही वजह थी उन्हें माघ मेला छोड़कर भागना पड़ा.
ऐसे दुष्कर्मी को शंकराचार्य कहना बंद कर देना चाहिए. ऐसे फर्जी, ढोंगी, कुकर्मी को शंकाराचार्य कहना उस पीठ और सनातन का अपमान है. आरोप सिद्ध होने पर ही न्यायालय ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं.
मामले की विवेचना हो रही है. अब सभी चीजें सामने आ रही हैं. मेडिकल रिपोर्ट में बटुकों के साथ कुकर्म की पुष्टि हो चुकी है. आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि ज्यादातर बाढ़ प्रभावित इलाकों से नाबालिग बच्चे लाए जाते थे.
गरीब बच्चों को बनाते निशाना: आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता नहीं हों, उन 3-4 साल के बच्चों को लाकर यह लोग पालते हैं. जब वह बच्चे 10 साल के हो जाते हैं, तब उनके साथ यह सब कुकर्म शुरू हो जाता है.
अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद पहले आश्रम के काम कराते थे. इसके बाद गुरुसेवा कहकर उनके साथ कुकर्म किया जाता था. दोनों लोग बटुकों को भगवान से मिलाने का झांसा देकर कुकर्म का शिकार बनाते थे. मरता क्या न करता? उन छोटे बटुकों के सामने कोई विकल्प नहीं होता था.
भारत के कानून पर भरोसा नहीं: उन्होंने कहा कि चोर कभी यह नहीं कहता है कि उसने चोरी की है. यही सब अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद कह रहे हैं. उनके खिलाफ बड़ी संख्या में साक्ष्य पुलिस और अदालत में पेश किए जा चुके हैं.
इन सबके बाद उन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने अपने गुरु का नाम भी बदनाम किया है. इतना ही नहीं अपनी आने वाली पीढ़ी को भी गंदा काम सीखा रहा हैं. अविमुक्तेश्वरानंद को भारत के कानून और पुलिस पर भरोसा नहीं है.
मैं तो कहता हूं कि जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां कि पुलिस से जांच करा लें. अगर भारत की एजेंसियों पर विशवास नहीं है, तो सबको छोड़ स्कार्टलैंड यार्ड से जांच करा लीजिए. वहां की पुलिस निष्पक्ष जांच करती है. वहां से भी आप दोषी पाए जाएंगे और आपको फांसी की सजा मिलेगी.
मुकुंदानंद ने कहा-दोषी हैं तो फांसी दे दो: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे तमाम आरोपों को लेकर आज कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होगी. उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर भी सुनवाई होगी. पूरे प्रकरण में शंकराचार्य के साथ आरोपी बनाए गए उनके सबसे नजदीकी शिष्य मुकुंदानंदा ने कहा कि सारे आरोप निराधार हैं.
मुकुंदानंद ने कहा कि यदि हम दोषी हैं, तो हमें फांसी पर चढ़ा दिया जाए. कोर्ट चाहे तो नार्को टेस्ट, मेडिकल टेस्ट या जो टेस्ट कराना चाहे कर सकती है. हम पूरी तरह से तैयार हैं, क्योंकि हम झूठ नहीं बोल रहे हैं. गलत नहीं हैं, तो हमारे साथ कोर्ट जो करना चाहे, हम पूरी मदद करने के लिए तैयार हैं.
बम से उड़ाने की धमकी देना वाला गिरफ्तार: शंकराचार्य विवाद में उनकी तरफ से अधिवक्ता और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के मेंबर श्रीनाथ त्रिपाठी को कल बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी. इस मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है. यह युवक वाराणसी का ही रहने वाला है.
ज्वाइंट सीपी आलोक प्रियदर्शनी ने बताया कि पकड़े गए युवक का नाम अजीत कुमार सरोज निवासी जंसा है. पुलिस का कहना है कि युवक खुद लॉ स्टूडेंट है. कचहरी में एक वकील के साथ प्रैक्टिस भी कर रहा है. पड़ोसी को फंसाने के लिए उसने ऐसा काम किया था.
युवक ने पूछताछ में बताया है कि पड़ोसी से चल रहे जमीन संबंधी विवाद में वह उसे फंसाना चाहता था. इसलिए उसने श्रीनाथ त्रिपाठी के मोबाइल नंबर पर यह मैसेज भेजा था, जिसमें लिखा था कि बनारस कचहरी को हम बम से उड़ा देंगे और तुम्हें भी.
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