महाराष्ट्र में बंधक अशोकनगर के 36 मजदूर, पुलिस ने दिलाई आजादी, पहुंचाया घर
महाराष्ट्र में गन्ने की कटाई के लिए अशोकनगर के 36 मजदूरों को बनाया बंधक, बिना पैसे करा रहे थे काम, अशोकनगर पुलिस ने किया रेस्क्यू.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 8, 2026 at 2:14 PM IST
अशोकनगर: महाराष्ट्र के धाराशिव में अशोकनगर के 36 मजदूरों को बंधक बना लिया गया था. यह सभी मजदूर अशोकनगर के मुंगावली विधानसभा क्षेत्र के रहवासी थे. जिन्हें महाराष्ट्र में बंधक बनाकर गन्ना कटाई का काम कराया जा रहा था. बंधक सभी मजदूरों को पुलिस की मदद से आजाद कराया गया है. सभी मजदूर गुरुवार सुबह सकुशल बहादुरपुर थाने लाए गए.
महाराष्ट्र में बंधक बने थे अशोकनगर के 36 मजदूर
अशोकनगर के मुंगावली और बहादुरपुर इलाके के लगभग 36 मजदूरों को अशोकनगर पुलिस की तत्परता के चलते महाराष्ट्र से रेस्क्यू कराया गया है. जहां महाराष्ट्र में इन मजदूरों को बंधक बनाकर काम कराया जा रहा था. इन सभी मजदूरों को अशोकनगर पहुंचाने में एसपी राजीव कुमार मिश्रा की अहम भूमिका रही है. अशोकनगर के पप्पू डंगोरा और रविंद्र द्वारा इन सभी मजदूरों को ₹500 प्रति मजदूरी के हिसाब से महाराष्ट्र के धाराशिव जिला, बासी थाना के गनोली गांव में मजदूरी के लिए ले गए थे.
न मजदूरी दे रहे थे, न घर वापस आने दे रहे थे
मजदूरों ने बताया कि "इन लोगों ने पहले ही हम लोगों की मजदूरी ले ली थी. इसके बाद ना तो हमें मजदूरी मिल रही थी और ना हम वहां से अपने घर आ रहे थे. वहां जो खेत मालिक हैं, उसने इन सभी मजदूरों को बंधक बनाकर रखा था. श्रमिक हरि आदिवासी ने बताया कि "हमसे पहले स्थानीय रिजवान ने कहा की ₹500 प्रत्येक मजदूर के हिसाब से और खाना-खर्च अलग से दिया जाएगा. इसके बाद हम 36 लोग वहां मजदूरी करने के लिए गए थे, लेकिन बाद में हमें ना तो मजदूरी मिली और ना ही हम अपने घर वापस आ पा रहे थे.
इसके बाद किसी तरह से हमने अपने घर संपर्क किया और महाराष्ट्र में फंसे होने की व्यथा सुनाई. जिसके बाद अशोकनगर पुलिस से परिवार के लोगों ने संपर्क किया, तब कहीं जाकर हम लोग आज पुलिस की मदद से मुक्त हो सके हैं."
SDOP ने बताया, मीडिएटर ने धोखे से मजदूरों को पहुंचाया
मामले में मुंगावली एसडीओपी सनम बी खान ने बताया कि "बहादुरपुर और मुंगावली थाना क्षेत्र के कुछ मजदूर महाराष्ट्र के धाराशिव जिला, वासी थाने के ग्राम गनौली में बंधक बना लिए गए. जब स्थानीय स्तर पर पता किया गया तो मालूम चला कि कुछ मजदूर यहां से गए थे, जिनको 500 रुपए प्रतिदिन की मजदूरी के दर से यहां से ले जाया गया था. वहां पर इनका मीडिएटर रिजवान था. उसके द्वारा इनकी जो राशि तय की गई थी, जिसे उसने रख ली थी. गिनोली में जो खेत मालिक था, जो श्रमिकों को गन्ने काटने के लिए इस्तेमाल कर रहा था, वहां पर उसके द्वारा इन्हें बंधक बना लिया गया था. इनको इसकी मजदूरी नहीं दी गई थी.
अशोकनगर की टीम पहुंची थी महाराष्ट्र
जब इनके द्वारा वहां से आने का प्रयास किया गया, तो वापस घर आने भी नहीं दिया जा रहा था. प्रकरण गंभीर था तो एसपी अशोकनगर द्वारा स्थानीय पुलिस प्रशासन से मदद के लिए बात की, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिला. इसके बाद एसपी ने थाना प्रभारी बहादुरपुर और थाना प्रभारी मुंगावली को निर्देशित किया कि अपने अधीनस्थ एक-एक कर्मचारी को टीम बनाकर के वहां संबंधित स्थान पर भेजा जाए और मजदूरों को रेस्क्यू किया जाए.
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मजदूरों को बंधक से कराया आजाद
जिसके बाद एसआई राम सिंह नंदिया और थाना बहादुरपुर से आरक्षक उपेंद्र की टीम बनाई गई, जो यहां से सोमवार को रवाना हुई. धाराशिव के स्थानीय वाशी थाना है, वहां से उन्होंने मदद ली. इसके बाद जहां मजदूर बंधक थे, वहां उनसे बातचीत की, समझाया और दबाव बनाया. इसके बाद श्रमिकों का रेस्क्यू किया गया. गुरुवार सुबह इन श्रमिकों को बहादुरपुर थाने सकुशल लाया गया है. श्रमिकों की मजदूरी को लेकर एसडीओपी ने बताया कि मीडिएटर रिजवान था, उसकी तलाश की जा रही है.

