गहलोत बोले- दम तोड़ रही है नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री का गृह जिला आखिरी पायदान पर
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा- सीएम को अपने दौरों से बाहर निकलकर बैंकों की जवाबदेही तय करनी चाहिए, ताकि बेटी और महिलाओं को स्वरोजगार मिल सके.

Published : May 25, 2026 at 2:14 PM IST
जयपुर: नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना को लेकर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार को निशाने पर लिया है. गहलोत का कहना है कि यह योजना दम तोड़ रही है और मुख्यमंत्री को इस मामले में गंभीर होकर कदम उठाना चाहिए. मुख्यमंत्री का गृह जिला इस योजना में आखिरी पायदान पर है.
गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- आज मुख्यमंत्री कई महीनों बाद अपने गृह जिले भरतपुर के दौरे पर हैं, लेकिन अच्छा होता कि वे जयपुर से निकलने से पहले पूरे प्रदेश में दम तोड़ती अपनी फ्लैगशिप 'मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना' की जमीनी हकीकत की भी सुध ले लेते. गहलोत ने कहा कि पूरे राजस्थान में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की यह योजना आज प्रशासनिक शिथिलता और बैंकों की मनमानी की भेंट चढ़ चुकी है.
महिला अधिकारिता विभाग द्वारा भेजे गए आवेदनों में से 2,546 से अधिक फाइलें बैंकों में धूल फांक रही हैं और प्रदेश के 10 बड़े बैंकों ने तो एक भी महिला को लोन देने की जहमत तक नहीं उठाई. 1 करोड़ तक के ऋण के बड़े-बड़े दावों के विपरीत आज महिलाओं को औसतन केवल 10.62 लाख का लोन देकर टरकाया जा रहा है, जिससे प्रदेश के 41 में से 23 जिलों में तय लक्ष्य तक पूरा नहीं हो सका.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विडंबना देखिए कि इस बदहाली में खुद मुख्यमंत्री जी का गृह जिला भरतपुर पूरे प्रदेश में सबसे आखिरी पायदान पर आकर खड़ा हो गया है. सरकार केवल कागजी विज्ञापनों और दौरों से बाहर निकलकर तुरंत बैंकों की जवाबदेही तय करे, ताकि स्वरोजगार की राह देख रही प्रदेश की हजारों बेटियों और महिलाओं का भरोसा इस सिस्टम से न उठे.

