2 साल बनाम 5 साल पर बोले गहलोत, 'हमारी सरकार जाते-जाते बची थी, मोदी-शाह के मंसूबों को ध्वस्त किया था'
अशोक गहलोत का कहना है कि 2 साल के शासन में ही भाजपा सरकार की हालत खराब है, गवर्नेंस नाम की कोई चीज नहीं है.

Published : February 12, 2026 at 5:49 PM IST
जयपुर: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा पर एक बार फिर अपनी सरकार गिराने का आरोप लगाते हुए हमला बोला. गहलोत ने कहा कि भाजपा के लोग 2 साल बनाम 5 साल की बात करते हैं, हमारी सरकार के हालात क्या थे. डेढ़ साल तो कोरोना महामारी में ही निकल गया था, फिर भी हमने शानदार योजनाएं दी.
'जाते–जाते बची थी सरकार': गहलोत ने गुरुवार को अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमारी सरकार के क्या हालात थे, सरकार जाते-जाते बची थी. कर्नाटक चला गया था, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गोवा चला गया, लेकिन हमने प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के मंसूबों को ध्वस्त कर दिया था. 34 दिन हमें होटल में रहना पड़ा, लेकिन एक भी विधायक सरकार का साथ छोड़कर नहीं गया. जबकि उन्हें कई तरह के ऑफर दिए गए थे. इसके बावजूद भी हमारी सरकार ने शानदार योजनाएं प्रदेश में चलाई थी जिनका आमजन को लाभ मिल रहा था.
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'शिक्षा और स्वास्थ्य इस सरकार की प्राथमिकता में नहीं': गहलोत ने 'राइट टू हेल्थ' बिल पर मंत्री के बयान को लेकर कहा कि जब से यह सरकार आई है, तब से उनकी प्राथमिकता में स्वास्थ्य नहीं है. ये लोग चिरंजीवी और फ्री दवा योजना को नहीं समझ पाए. मुफ्त दवा, जांच, इलाज, मुफ्त ऑपरेशन और 25 लाख का बीमा किसी दूसरे राज्य में ही नहीं, बल्कि दुनिया में कहीं नहीं था. राइट टू हेल्थ एक ऐसा अधिकार हमारी सरकार ने जनता को दिया था कि जिससे कि मरीज को इलाज के लिए किसी से प्रार्थना नहीं करनी पड़ती. लेकिन राइट टू हेल्थ को लेकर मंत्री और सरकार की टिप्पणी की मैं निंदा करता हूं.
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'राइट टू हेल्थ' को और मजबूत किया जाए': गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार को चाहिए था कि राइट टू हेल्थ को और मजबूत किया जाए. इसके नियम–कायदे बनाकर इसे लागू करना चाहिए था. अगर यह ऐसा करते, तो पूरे हिंदुस्तान में इनका नाम होता. गहलोत ने कहा कि मैं पिछले 2 साल से देख रहा हूं जो भी लोग मुझसे मिलने आते हैं, वो मुफ्त इलाज की प्रशंसा करते रहते हैं. किसी के घुटने बदल गए, किसी के हार्ट का ऑपरेशन फ्री हुआ. गहलोत ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए लंबे वक्त तक सरकार को काम करना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ी को भी इसका फायदा मिले.
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'मेरी फोटो हटा कर भजनलाल की लगा देते': पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता में अंग्रेजी स्कूल भी नहीं है, ये लोग हिंदी की वकालत करते हैं. हिंदी के पक्षधर तो हम भी हैं, लेकिन इंग्लिश की जगह इंग्लिश से चलती है. उनकी प्राथमिकता में अंग्रेजी, शिक्षा, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और सड़क कुछ भी नहीं है. गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार ने हमारी सरकार में लाई गई योजनाओं को कमजोर करने का काम किया है. अन्नपूर्णा किट योजना को इन्होंने इसलिए बंद कर दिया क्योंकि उस पर मुख्यमंत्री के तौर पर मेरी फोटो लगी हुई थी. उस पर से मेरी फोटो हटाकर भजनलाल की फोटो लगा देते, लेकिन योजना को तो बंद नहीं करना चाहिए था.
2 साल के शासन में सरकार की हालत खराब: गहलोत ने कहा कि 2 साल के शासन में ही भाजपा सरकार की हालत खराब है, गवर्नेंस नाम की कोई चीज नहीं है. मैं मुख्यमंत्री से राजनीति से हटकर बात कह रहा हूं कि आप अपनी टीम गांव में भेजिए और वास्तविक स्थिति का पता करवाइए. गांव में आपकी सरकार को लेकर क्या फीडबैक है, अगर जनता से फीडबैक लेकर सुशासन देंगे, तो इसका फायदा जनता को होगा. हमारी चिंता जनता को लेकर हैं क्योंकि जनहित के मामले उठाना विपक्ष की जिम्मेदारी है.

