Disturbed Areas Bill : गहलोत बोले- राजस्थान को सांप्रदायिकता की प्रयोगशाला नहीं बनने देंगे
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डिस्टर्ब एरिया बिल को लेकर कहा- राजस्थान की जनता शांति और सौहार्द चाहती है. 'डिस्टर्ब' का ठप्पा नहीं.

Published : January 23, 2026 at 10:20 PM IST
जयपुर: राजस्थान विधानसभा के आगामी बजट सत्र में पेश किए जाने वाले डिस्टर्ब एरिया बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी का दौर जारी है. बिल को लेकर जहां कांग्रेस और कई सामाजिक संगठनों ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं और इसे सांप्रदायिकता को बढ़ाने वाला बिल बताया है तो वहीं भाजपा का कहना है कि यह बिल लोगों का पलायन रोकेगा और उन्हें सुरक्षा प्रदान करेगा.
अब राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी डिस्टर्ब एरिया बिल पर सवाल खड़े करते हुए इसे सांप्रदायिकता को बढ़ाने वाला बिल करार दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान को सांप्रदायिकता की प्रयोगशाला नहीं बनने देंगे.
गहलोत ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि जिस राजस्थान की पहचान भाईचारे, अपनायत और 'पधारो म्हारे देस' की संस्कृति से रही है, उसी प्रदेश को भाजपा सरकार अब 'डिस्टर्ब एरिया एक्ट' के जरिए 'अशांत' घोषित करने पर तुली है. यह राजस्थान के इतिहास का अत्यंत शर्मनाक कदम है.
जिस राजस्थान की पहचान भाईचारे, अपनायत और ‘पधारो म्हारे देस’ की संस्कृति से रही है, उसी प्रदेश को भाजपा सरकार अब ‘डिस्टर्ब एरिया एक्ट’ के ज़रिये ‘अशांत’ घोषित करने पर तुली है। यह राजस्थान के इतिहास का अत्यंत शर्मनाक कदम है।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) January 23, 2026
फर्क साफ है- हमारी कांग्रेस सरकार ने महात्मा गांधी के…
फर्क साफ है कि हमारी कांग्रेस सरकार ने महात्मा गांधी के विचारों को आगे बढ़ाते हुए देश का पहला शांति और अहिंसा विभाग बनाया, ताकि संवाद, सद्भाव और प्रेम से समाज मजबूत हो. गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही पहले उस विभाग को ठप किया और अब यह कानून थोपकर राजस्थान को सांप्रदायिक प्रयोगशाला बनाने की कोशिश कर रही है.
बिल जनता की संपत्ति का मूल्य गिराएगा : पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में न तो ऐसे हालात हैं और न यहां नफरत की जमीन है. यह कानून आमजन की संपत्ति के मूल्य गिराएगा और सदियों से साथ रह रहे समाज को बांटने का काम करेगा. अपनी प्रशासनिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए भाजपा सरकार पोलराइजेशन का रास्ता अपना रही है. राजस्थान की जनता शांति और सौहार्द चाहती है, 'डिस्टर्ब' का ठप्पा नहीं. इस विभाजनकारी सोच का हम पुरजोर विरोध करेंगे.

