गहलोत बोले- प्रदेश में हत्या और फायरिंग आम बात, नींद से कब जागेगी भजनलाल सरकार
पूर्व सीएम गहलोत ने कहा- पंजाब कांग्रेस में चल रहे विवाद का हल जल्द निकालेगा हाइकमान.

Published : July 8, 2026 at 10:08 PM IST
|Updated : July 8, 2026 at 10:32 PM IST
जयपुर: भरतपुर में में हुई फायरिंग की घटना में एक व्यक्ति की मौत के बाद अब इस मामले को लेकर प्रदेश के भजनलाल सरकार निशाने पर है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस मामले को लेकर भजनलाल सरकार को निशाने पर लिया है. गहलोत ने कहा कि प्रदेश में फायरिंग और हत्याएं आम बात हो गई है. भजनलाल सरकार नींद से कब जागेगी.
गहलोत ने बुधवार को जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश में फायरिंग की घटनाएं कई जगह हो चुकी है. राजस्थान में ऐसी कोई जगह नहीं जहां पर फायरिंग नहीं हो रही है. कहीं गुंडागर्दी हो रही है, कहीं पर दुष्कर्म हो रहे हैं, कहीं पर मारपीट हो रही है. ऐसी ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता है. गहलोत ने कहा कि भरतपुर मुख्यमंत्री का गृह जिला है. पहले भी वहां पर एक ज्वेलर को मार दिया था. अब यह घटना हुई है जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इतना कुछ होने के बाद भी सरकार की नींद नहीं खुली है. सरकार अपनी नींद से कब जागेगी. गहलोत ने कहा कि घटना हर राज में होती है, लेकिन कम से कम उसे गंभीरता से तो लेना चाहिए. भजनलाल सरकार इन घटनाओं को गंभीरता से नहीं ले रही है, इसीलिए लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. प्रदेश में गुंडागर्दी, हत्याएं, फायरिंग और दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है. जनता को भी यह भरोसा नहीं दिला पा रहे हैं कि इन घटनाओं को लेकर हम कुछ एक्शन ले रहे हैं. इसीलिए लोगों में ज्यादा गुस्सा है.
पंजाब में अगली सरकार कांग्रेस की होगी : पूर्व मुख्यमंत्री ने पंजाब कांग्रेस में चल रहे विवाद को लेकर कहा कि पंजाब का मामला खुद पार्टी हाईकमान देख रहे हैं और जल्द ही इस मामले को सुलझा लेंगे. गहलोत ने कहा कि पंजाब के नेताओं को भी इस बात का एहसास है कि किस प्रकार से पिछली बार पंजाब में कांग्रेस की सरकार नहीं बन पाई थी, जिस वजह से पूरे 5 साल पंजाब के नेताओं को भुगतना पड़ा है. इसका एहसास उन नेताओं को है. पंजाब कांग्रेस का पूरा मामला हाईकमान की जानकारी में है और इसे शीघ्र ही सुलझा लिया जाएगा. सब मिलकर चुनाव मैदान में उतरेंगे और एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे और पंजाब में अगली सरकार कांग्रेस की ही बनेगी.
करोड़ों लोगों की आस्था पर चोट : पूर्व मुख्यमंत्री ने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर कहा कि इस मामले में कार्रवाई करने के दावे किए जा रहे, लेकिन कार्रवाई कब होगी इस पर कोई कुछ नहीं बोल रहा है. इतने लंबे समय से घटनाएं हो रही थी, सीसीटीवी कैमरे के फुटेज गायब हैं. सरकार को पहले काम यह करना चाहिए था कि ट्रस्ट को भंग कर देते तो यह इतना बड़ा मुद्दा नहीं बनता.
आज जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया के साथियों से विभिन्न विषयों पर बात की। pic.twitter.com/6S5vO2ijiV
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) July 8, 2026
गहलोत ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने से पहले एसआईटी का गठन कर दिया. कुछ लोगों के त्याग पता ले लिए और मंजूर भी कर लिए, लेकिन जिस तरह की प्रतिक्रिया आरएसएस और भाजपा ने दी है उसे लेकर लोगों में रोष है. घटना के 20 दिन के बाद आरएसएस और भाजपा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. क्या राम मंदिर ट्रस्ट इनका नहीं है, क्या बिना राम मंदिर ट्रस्ट की जानकारी के जमीनों के फैसले हो गए. कोषाध्यक्ष कह रहा है कि मुझे कुछ नहीं पता. मैं तो डमी हूं. बैंकों का क्या प्रोसेस होता है.
गहलोत ने कहा कि यह तो एक सामान्य प्रक्रिया है कि कोषाध्यक्ष के हस्ताक्षर से ही पैसे जमा होते हैं और निकाले जाते हैं तो फिर यह सिस्टम किसने बनाया कि बिना कोषाध्यक्ष की जानकारी के ही पैसे जमा करने और निकालने का खेल हुआ. गहलोत ने कहा कि मुझे लगता है कि यह बहुत बड़ा घोटाला है जो जल्द ही सामने आएगा. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर कर में चोरी को लेकर पूरे गांव गांव में लोगों में आक्रोश फैला हुआ है. 40 साल तक संघ और भाजपा के लोगों ने गांव-गांव में राम मंदिर निर्माण के चंदा इकट्ठा किया था.
10 रुपए देने वाले की भी आस्था वही है जो 1 एक लाख रुपए देने वाले की आस्था है. इन लोगों ने करोड़ों लोगों की आस्था को चोट पहुंचाई है. लोगों की आस्था के साथ विश्वासघात किया है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश चुनाव में राम मंदिर मुद्दे को लेकर कहा कि भाजपा के लोग राम मंदिर और राम के नाम पर चुनाव जीत कर आ गए और अब राम के दरबार में ही चोरी और डकैती हो रही और यह लोग चुप हैं. स्वाभाविक है कि जनता इन्हें चुनाव में सबक सिखाए.
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यूसीसी पर कांग्रेस का स्टैंड क्लियर : पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता कानून यूसीसी को लेकर कहा कि प्रदेश कांग्रेस का इस मामले में स्टैंड क्लियर है कि पहले ड्राफ्ट आना चाहिए. बिना ड्राफ्ट के कोई क्या अपना ओपिनियन देगा. भाजपा ने किस रूप में बिना ड्राफ्ट के लोगों से आह्वान कर दिया कि वो अपने ओपिनियन दे. यह तरीका ठीक नहीं है. इसलिए प्रदेश कांग्रेस ने इसका बहिष्कार करके ठीक काम किया है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री के राजस्थान दौरे को लेकर कहा कि नितिन गडकरी अगर राजस्थान जाकर निरीक्षण कर रहे हैं तो अच्छी बात है. नेशनल हाईवे का एक कीर्तिमान तब स्थापित हुआ था जब 1991-92 में डॉ. मनमोहन सिंह ने इसमें उदारीकरण किया था. यह तब देश में बहुत बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन आज सेटेलाइट के जरिए भी सड़क निर्माण के काम हो रहे हैं. सड़क निर्माण में पहले प्रायोरिटी यही होनी चाहिए कि इसमें किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए.

