अशोक गहलोत का पीएम मोदी पर पलटवार, बोले, 'कांग्रेस पर देश बांटने जैसा आरोप लगाना हास्यास्पद'
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री को स्वयं को देश से ऊपर मानने की गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए.

Published : February 28, 2026 at 3:31 PM IST
जयपुर: अजमेर दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को मुस्लिम लीग माओवादी पार्टी बताते हुए कई आरोप लगाए. तो वहीं अब राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार किया है. अशोक गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री का विरोध देश का विरोध नहीं होता, प्रधानमंत्री को देश से ऊपर मानने की गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए. उन्होंने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा कि कांग्रेस पर देश बांटने जैसा आरोप लगाना न केवल हास्यास्पद है, बल्कि वैचारि दिवालियेपन का प्रमाण है.
कांग्रेस पर टिप्पणी उनकी राजनीतिक हताशा का प्रतीक: पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'प्रधानमंत्री मोदी ने सरकारी मंच को अपनी संकीर्ण राजनीति के लिए इस्तेमाल किया है. गहलोत ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. गहलोत ने कहा आज अजमेर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कांग्रेस पर की गई टिप्पणी उनकी राजनीतिक हताशा का प्रतीक है, जिस विचारधारा ने आजादी की लड़ाई में नाखून तक नहीं कटाया, उनका गौरवशाली इतिहास वाली कांग्रेस पर देश बांटने जैसे आरोप लगाना न केवल हास्यास्पद है, बल्कि वैचारिक दिवालियेपन का प्रमाण है.'
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मोदी का विरोध देश का विरोध नहीं: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि मोदी जी, याद रखिये आपका विरोध करना देश का विरोध करना नहीं है, अपने आप को देश से बड़ा मानने की भूल मत करिए. दुखद है कि सरकारी मंच का उपयोग आपने केवल संकीर्ण राजनीति के लिए किया. जनता उम्मीद कर रही थी कि आप मेरे पत्र द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दों पर बोलेंगे. क्या आप नहीं चाहते कि राजस्थान की तरह पूरे देश को राइट टू हेल्थ मिले? क्या गिग वर्कर्स वेलफेयर एक्ट और शहरी रोजगार गारंटी जैसे क्रांतिकारी फैसलों पर आपकी कोई रुचि नहीं है?गहलोत ने कहा कि ईआरसीपी का भाजपा सरकार ने नाम बदला है पर कोई काम नहीं किया है, राजस्थान की जनता सच जानती है.
आज अजमेर में प्रधानमंत्री श्री @narendramodi द्वारा कांग्रेस पर की गई टिप्पणी उनकी राजनीतिक हताशा का प्रतीक है। जिस विचारधारा ने आजादी की लड़ाई में नाखून तक नहीं कटाया, उनका गौरवशाली इतिहास वाली कांग्रेस पर देश बांटने जैसे आरोप लगाना न केवल हास्यास्पद है, बल्कि वैचारिक दिवालियेपन…
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) February 28, 2026
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डबल इंजन का नारा डबल जीरो साबित हुआ: गहलोत ने आरोप लगाया कि पेपर लीक पर राजनीति करने के बजाय आपको राजस्थान के उस कड़े कानून की सराहना करनी चाहिए थी जिसमें आजीवन कारावास की सजा, 10 करोड़ रुपए जुर्माना, दोषियों की संपत्ति जब्त जैसे प्रावधान हैं जो देश में मिसाल बना है. युवाओं को बरगलाने की राजनीति करने की बजाय केन्द्र सरकार के स्तर से ऐसा सख्त कानून बनाने की बात करनी चाहिए थी. भाजपा की सरकार तो राजस्थान में भाजपा सरकार के दौरान हुए ओएमआर शीट घोटाले की जांच करने की हिम्मत तक नहीं दिखा पा रही. बेहतर यह होता कि आप विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस सरकार की योजनाएं बंद न करने की अपनी गारंटी पर कायम रहते हुए आज मुख्यमंत्री को बंद की गई योजनाओं को पुनः शुरू करने का निर्देश देते क्योंकि राजस्थान में आपके 'डबल इंजन' का खोखला नारा अब 'डबल जीरो' साबित हो रहा है.
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'कांग्रेस को बदनाम करने को दिया भाषण': गहलोत जयपुर से बहरोड़ के काठूवास जाते समय पावटा रुके. इस दौरान लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर 75 मीटर भूमि अवाप्त आदेश करने के विरोध में संघर्ष समिति द्वारा ज्ञापन देखकर कार्रवाई में संशोधन की मांग की. इस दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अजमेर दौरे पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम ने सभा में कुछ भी नहीं कहा और कांग्रेस पर निशान लगा रहे हैं. जबकि कांग्रेस त्याग, बलिदान और देश के विकास की पार्टी है. लेकिन हमारी विचारधारा सभी धर्म–जातियों को विकास और सभी भाषाओं को साथ में लेकर चलने वाली है. चुनाव जीतना अलग बात है, लेकिन देश का मिजाज कांग्रेस से मिलता है. आज जो भाषण दिया है वह कांग्रेस को बदनाम करने के लिए दिया है. इसके बाद गहलोत नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की माताजी के निधन पर अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए काठूवास के लिए रवाना हो गए.

