फरीदाबाद में आशा वर्करों ने सिविस सर्जन कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन, प्रोत्साहन राशि काटने की धमकी से है नाराजगी
प्रोत्साहन राशि काटने की धमकी से नाराज आशा वर्कर्स ने सिविस सर्जन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया.

Published : April 21, 2026 at 7:17 PM IST
फरीदाबाद: स्थानीय सिविल अस्पताल प्रांगण में मंगलवार को जिले की आशा वर्कर्स ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद आशा वर्कर्स ने सिविल सर्जन के नाम ज्ञापन सौंपा.
9 मई को स्वास्थ्य मंत्री के आवास घेराव की तैयारीः आशा वर्करों की मांग है कि उन पर जहां ऑनलाइन काम का दबाब डाला जा रहा है, वहीं उनको मिलने वाली 6100 की प्रोत्साहन राशि काटने की धमकी भी दी जा रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगी. आगामी 9 मई को प्रदेश की तमाम आशा वर्कर्स स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के निवास पर घेराव करेंगी.
प्रोत्साहन राशि काटने की धमकी से नाराजगीः प्रदर्शन के दौरान आशा वर्कर्स यूनियन की जिला सचिव सुधा ने कहा कि "सरकार आशा वर्कर्स पर ऑनलाइन काम का दबाव डाल रही है. हमें दी जाने वाली 6100 की प्रोत्साहन राशि काटने की धमकी भी दी जा रही है. इसी के विरोध में हम प्रदर्शन कर रहे हैं."
'आशा वर्कर्स के पैसों पर सरकार की नजर': जिला सचिव ने कहा कि "आज जहां न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर मजदूर सड़कों पर उतरकर अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं तो ऐसे में क्या आशा वर्कर्स को इतना भी हक नहीं है की वह न्यूनतम वेतन ले सके? इस महंगाई के दौर में आशा वर्कर को प्रोत्साहन राशि के अलावा जो इंसेंटिव मिलता है, उसे मिलाकर 10 से 12 हजार बनता है. उसे पर भी सरकार अपनी नजर गड़ाए हुए हैं और उसे भी काटने को तैयार हैं."
'आशा वर्कर्स के लिए न्यूनतम वेतन घोषित करे सरकार': जिला सचिव ने कहा कि हमारी मांग है कि सरकार ने जो न्यूनतम वेतन घोषित किया है उसे आशा वर्कर भी लेने की हकदार है. उन्होंने कहा कि आज प्रदर्शन के बाद हम सिविल सर्जन को ज्ञापन भी सौंपेंगे. उन्होंने कहा कि आने वाली 9 मई को प्रदेश की तमाम आशा वर्कर स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के निवास का घेराव करेंगी.

