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रोहतक में रामपाल के खिलाफ आर्यसमाज हुआ लामबंद, आरपार की लड़ाई का ऐलान

हिन्दू समाज और वेद संस्कृति पर रामपाल दास की टिप्पणी को लेकर आर्यसमाज ने मोर्चा खोल दिया है.

Outrage over Hindu society remarks
रोहतक में रामपाल के खिलाफ आर्यसमाज हुआ लामबंद (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : August 19, 2026 at 8:30 PM IST

2 Min Read
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रोहतकः संत रामपाल के खिलाफ आर्यसमाज ने रोहतक में मोर्चा खोल दिया है. आर्यसमाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रामपाल की कथित धार्मिक टिप्पणियों और आडंबर के खिलाफ आरपार की लड़ाई का ऐलान किया है. आर्यसमाज के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि जेल से बाहर आने के बाद रामपाल दास लगातार सनातन धर्म, हिंदू समाज और वेद संस्कृति को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं, जिसे समाज अब बर्दाश्त नहीं करेगा. संत रामपाल लगातार हिंदू संत साधुओं के खिलाफ लगातार टिप्पणी कर रहे हैं जिसको लेकर आर्यसमाज ने लड़ाई का विगुल बजा दिया है. संत रामपाल हाल ही में पैरोल पर जेल से बाहर आए.

धार्मिक मुद्दों पर रामपाल की टिप्पणियां समाज में टकराव: आर्यसमाज ने कहा कि रामपाल और उनके अनुयायियों को शास्त्रार्थ की खुली चुनौती दी गई है. पदाधिकारियों का आरोप है कि धार्मिक मुद्दों पर रामपाल की टिप्पणियां समाज में टकराव की स्थिति पैदा कर रही हैं. उन्होंने 2006 और 2012 में रामपाल से जुड़े विवादों का भी जिक्र किया, जिनमें लोगों की जान जाने की बात कही गई. आर्यसमाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि एक ऐसा व्यक्ति, जो लंबे समय तक जेल में रहा, वह खुद को भगवान बताकर लोगों को गुमराह कर रहा है. पदाधिकारियों ने कहा कि "कथित पाखंड और आडंबर के खिलाफ अब व्यापक अभियान चलाया जाएगा."

हिन्दू समाज पर टिप्पणी से आक्रोश (ETV Bharat)

आर्य समाज ने धर्मेंद्र हुड्डा का किया समर्थनः इस दौरान आर्य समाज ने धर्मेंद्र हुड्डा के समर्थन का भी ऐलान किया. उनका कहना है कि "पाखंड के खिलाफ लड़ाई में वे धर्मेंद्र हुड्डा के साथ हैं और रामपाल के साथ लाइव डिबेट के लिए भी तैयार हैं. आर्यसमाज ने कहा कि "महापुरुषों और सनातन परंपरा के खिलाफ टिप्पणी करने वालों को जवाब दिया जाएगा. संगठन ने सरकार से भी अपील की कि समय रहते मामले को गंभीरता से लिया जाए, ताकि समाज में टकराव की स्थिति पैदा न हो."

रामपाल के खिलाफ अब अंतिम और निर्णायक लड़ाईः आर्य समाज ने साफ शब्दों में कहा कि "रामपाल के खिलाफ अब अंतिम और निर्णायक लड़ाई की तैयारी शुरू कर दी गई है." संत रामपाल को सशर्त पैरोल दी गई थी कि "वह सार्वजनिक जगह पर सत्संग और जनसभा नहीं करेंगे लेकिन हाल ही में देखा गया है कि वह लगातार सोशल मीडिया पर आकर धर्म गुरुओं और अन्य समाज के खिलाफ लगातार टिप्पणी कर रहे हैं."

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